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RBI के फैसले पर Real State ने कही ये बात...क्‍या आने वाले दिनों में हो सकता है ये फैसला

आरबीआई के निर्णय से पता चलता है कि देश की अर्थव्यवस्था लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है. भारत की बढ़ती आर्थिक लचीलापन और मुद्रास्फीति की गिरावट के साथ रेपो दर में और गिरावट आने की उम्‍मीद है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

आरबीआई के रेपो रेट को एक बार फिर 6.5 फीसदी बनाए रखने के फैसले का रियल स्‍टेट सेक्‍टर ने स्‍वागत किया है. इस सेक्‍टर से जुड़ी इंडस्‍ट्री का कहना है कि इससे रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले साल से आई तेजी को एक बार फिर पंख मिले हैं. आरबीआई के इस कदम से होम बॉयर्स से लेकर रियल एस्टेट के कारोबारियों के लिए एक बार फिर से राहतभरी खबर आई है. कुछ लोगों ने जहां इस फैसले का स्वागत किया है वहीं कई लोगों ने पिछले एक साल में अधिकांश शहरों में आवास की कीमतें बढ़ने से रेपो रेट में कटौती की उम्मीद की थी.

मुद्रास्‍फीति के आंकड़े अभी भी चिंताजनक 
गौड़ ग्रुप के सीएमडी और क्रेडाई एनसीआर के अध्‍यक्ष मनोज गौड़ के अध्यक्ष आरबीआई का निर्णय बेहद ही सराहनीय कदम है. भारतीय अर्थव्यवस्था के लगातार मजबूत प्रदर्शन के साथ रेपो रेट को लगातार सातवीं बार स्थिर रखने का निर्णय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अच्छा संकेत होगा.  मनोज गौड़ ने कहा कि मुद्रास्फीति के आंकड़े अभी भी थोड़ी चिंता का विषय हैं. यह आरबीआई द्वारा एक अच्‍छे संतुलन वाला निर्णय है. हमें उम्मीद है कि इस कदम से भारत को मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी जिसके बाद हम देश को कम ब्याज दर वाली व्यवस्था में प्रवेश करते देखेंगे. साथ ही अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट में गिरावट एक चिंता का विषय है जिसके लिए रेपो रेट में कटौती के रूप में राहत की जरूरत है. 

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मुद्रास्फीति की गिरावट पर कम होगी रेपो दर 
काउंटी ग्रुप के डायरेक्‍टर, अमित मोदी, ने कहा कि एक बार फिर से आरबीआई ने रेपो दर में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है जो निश्चित रूप से रियल एस्टेट सेक्टर के लिए फायदेमंद है. आरबीआई का यह निर्णय निवेशकों और घर खरीदारों दोनों के लिए अच्छा साबित होगा. आरबीआई के निर्णय से पता चलता है कि देश की अर्थव्यवस्था लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है. हमें यकीन है कि भारत की बढ़ती आर्थिक लचीलापन और मुद्रास्फीति की गिरावट की प्रवृत्ति के साथ रेपो दर में और गिरावट आएगी और पहले से ही रिकॉर्ड तोड़ रहे रियल्टी क्षेत्र की ताकत में वृद्धि होगी. 

बायर्स को मिलेगा मोटीवेशन 
स्‍पेक्‍ट्रम मेट्रो के वाइस प्रेजीडेंट (सेल्‍स एंड मार्केटिंग) अजेंद्र सिंह ने कहा कि लगातार सातवीं बार रेपो दर को 6.50 फीसदी पर बनाए रखने का आरबीआई का निर्णय संभावित बॉयर्स पर वित्तीय बोझ को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है. यह निर्णय कॉमर्शियल सेक्टर में संभावित बॉयर्स को अपनी संपत्ति खरीद के साथ आगे बढ़ने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए अच्छा कदम है. निश्चित रूप से आरबीआई के फैसले से किफायती और मध्य-श्रेणी की कॉमर्शियल प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी.

सेक्‍टर को मिलेगा आत्‍मविश्‍वास े
अंसल हाउसिंग के डायरेक्‍टर, कुशाग्र अंसल ने कहा कि रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बनाए रखने के आरबीआई के फैसले से हाउसिंग मार्केट में सकारात्‍मक राइज की उम्मीद है. बढ़ते हाउसिंग एक्सपेंस के बावजूद, अपरिवि‍र्तत होम लोन दरें संभावित होम बायर्स को कुछ राहत देंगी, जिससे सेक्टर में कॉन्फिडेंस और इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा मिलेगा. आरबीआई का निर्णय नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत और रुचि के उभरते सेक्टर्स में डेवलपमेंट के विस्तार को बढ़ावा देने के लिए तैयार है.

इससे विकास को मिलेगा बढ़ावा 
साया ग्रुप के सीएमडी विकास भसीन ने रेपो दरों को 6.50 फीसदी बनाए रखने का एक स्वागत योग्य कदम उठाया है. यह कदम इस क्षेत्र में निवेश करने के इच्छुक डेवलपर्स और संभावित खरीदारों दोनों के लिए फायदेमंद है. इससे उन्हें ऋण ब्याज दरों के मामले में राहत मिलेगी, साथ ही सरकार द्वारा मुद्रास्फीति को संतुलित करने के उपायों से उन्हें अतिरिक्त लाभ मिलेगा. सरकार खरीदारों की भावनाओं और अपेक्षाओं का काफी ख्याल रखती है और इस क्षेत्र के लिए हमारे अनुकूल निर्णय ले रही है जिससे इसके विकास को बढ़ावा मिलता है.
 


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