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RBI का सोने पर बढ़ा भरोसा: पहली बार गोल्ड रिजर्व 100 बिलियन डॉलर के पार
RBI की बढ़ती सोने की खरीदारी यह संकेत देती है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता के बीच सोना एक सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश बना हुआ है, जो न केवल निवेशकों के लिए बल्कि देशों के केंद्रीय बैंकों के लिए भी पसंदीदा विकल्प साबित हो रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब डॉलर की बजाय सोने पर ज्यादा भरोसा जता रहा है. इस वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही RBI ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ाई है, जबकि अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज में निवेश घटा है. RBI के पास अब 880 टन से अधिक सोना है और इस साल की शुरुआत से अब तक 600 किलो नया सोना जोड़ा गया है. इसके विपरीत, अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज में भारत का निवेश घटकर 219 बिलियन डॉलर रह गया है, जो सात महीने का निचला स्तर है.
पहली बार 100 बिलियन डॉलर पार कर गया सोने का भंडार
सोने की कीमतों में उछाल के चलते RBI के सोने के भंडार का मूल्य पहली बार 100 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर 102.365 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. 26 सितंबर तक, सोना RBI के विदेशी मुद्रा भंडार का 13.6% हिस्सा बन गया है, जबकि पिछले साल यह 9.3% था. भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 10 अक्टूबर तक 698 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया. इस वर्ष RBI ने 26 सितंबर को 200 किलो और 27 जून को 400 किलो सोना खरीदा.
अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज में घटा निवेश
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भारत का ट्रेज़री सिक्योरिटीज में निवेश 227.4 बिलियन डॉलर से घटकर 219.7 बिलियन डॉलर रह गया है. पिछले साल यह 238.8 बिलियन डॉलर था. जुलाई से इसमें लगातार कमी देखी जा रही है.
नीति का हिस्सा: भंडार का विविधीकरण
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम विदेशी मुद्रा भंडार को विविधीकृत करने की नीति का हिस्सा है. उन्होंने कहा, "सोना एक अच्छा विकल्प है, खासकर जब इसकी कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना बनी रहती है. अमेरिकी अर्थव्यवस्था और ब्याज दरों की अनिश्चितता के बीच सोने में निवेश समझदारी भरा कदम है."
वैश्विक स्तर पर भी बढ़ा सोने का महत्व
RBI की यह नीति अकेली नहीं है. विश्व गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, अगस्त 2025 में वैश्विक केंद्रीय बैंकों ने कुल 15 टन सोना अपने भंडार में जोड़ा. दुनिया के केंद्रीय बैंकों का अमेरिकी ट्रेजरी बिल्स में कुल निवेश 9.1 ट्रिलियन डॉलर है, जिसमें जापान (1.1 ट्रिलियन डॉलर), यूके (899 बिलियन डॉलर) और चीन (730.7 बिलियन डॉलर) शीर्ष पर हैं.
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