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RBI का सुनहरा रिकॉर्ड: भारत का सोने का भंडार पहली बार 100 अरब डॉलर के पार
भारत का सोने का भंडार 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार करना एक ऐतिहासिक आर्थिक मील का पत्थर है. आने वाले समय में यह भंडार देश की मुद्रा स्थिरता और विदेशी व्यापार संतुलन के लिए अहम भूमिका निभाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार देश का सोने का भंडार पहली बार 100 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गया है. यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब RBI की सोने की खरीदारी इस वर्ष अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेज उछाल से भंडार का मूल्य स्वतः बढ़ गया.
सोने के भंडार में तेज बढ़ोतरी
10 अक्टूबर 2025 को समाप्त सप्ताह में भारत के गोल्ड रिजर्व का मूल्य 3.595 अरब डॉलर बढ़कर 102.365 अरब डॉलर पर पहुंच गया. यह जानकारी RBI के ताजा विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) के आंकड़ों में सामने आई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं. पहली बार सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया है, जिससे RBI के पास मौजूद सोने का मूल्य तेजी से बढ़ा है.
कुल विदेशी मुद्रा भंडार में मामूली गिरावट
सोने के भंडार में वृद्धि के बावजूद भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 2.17 अरब डॉलर घटकर 697.78 अरब डॉलर पर आ गया. विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCA), जो फॉरेक्स रिजर्व का सबसे बड़ा हिस्सा हैं, 5.60 अरब डॉलर घटकर 572.10 अरब डॉलर पर दर्ज की गईं. इसके अलावा, स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) 130 मिलियन डॉलर घटे, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत की आरक्षित स्थिति 36 मिलियन डॉलर कम हुई.
RBI ने इस साल कम खरीदा सोना
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, RBI ने जनवरी से सितंबर 2025 के बीच केवल 4 टन सोना खरीदा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 50 टन खरीदा गया था. हालांकि, सोने की कीमतों में तेजी के चलते सोने की हिस्सेदारी भारत के कुल फॉरेक्स रिजर्व में बढ़कर 14.7% हो गई है. यह 1996-97 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है.
फॉरेक्स रिजर्व की अहमियत
RBI विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल रुपये को स्थिर रखने के लिए करता है. जब रुपया मजबूत होता है, तो RBI डॉलर खरीदता है और जब रुपये पर दबाव आता है, तो डॉलर बेचकर मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखता है.
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