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एक साल में RBI ने रुपये को संभालने के लिए खर्च किए 100 अरब डॉलर, फिर भी कमजोर हुई करेंसी
जानकारों के मुताबिक अगली तिमाही में आरबीआई रुपये को और गिरने से रोकने के लिए और ज्यादा डॉलर नहीं बेचेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को अपनी ऐतिहासिक गिरावट के साथ 80 के पार जाकर के बंद हुआ. भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये की गिरावट को रोकने के लिए एक साल में 100 अरब डॉलर खर्च कर दिए, लेकिन इसका फायदा नहीं दिख रहा है. जानकारों के मुताबिक अगली तिमाही में आरबीआई रुपये को और गिरने से रोकने के लिए और ज्यादा डॉलर नहीं बेचेगी.
एक साल में काफी गिर गया है विदेशी भंडार
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों से पता चला है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 16 सितंबर तक गिरकर 545.7 अरब डॉलर हो गया है, जो एक हफ्ते पहले 550.8 अरब डॉलर था और ठीक एक साल पहले यह 642.45 अरब डॉलर था. ये 2 अक्टूबर 2020 के बाद सबसे कम है.
नई दिल्ली में आईसीआरए की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, "विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट के कई कारण हैं जिसमें ज्यादा हस्तक्षेप, भुगतान संतुलन घाटे और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं में रखे गए भंडार के रिवैल्युएशन जैसे कारक प्रमुख हैं. "
पिछले दो दशक में सर्वाधिक स्तर
भारत की मुद्रा 81 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गई और इस साल अब तक इसमें 8% से अधिक की गिरावट आई है. फेडरल रिजर्व द्वारा उम्मीद से अधिक कड़े उपाय करने के संकेत के बाद प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर दो दशक के उच्च स्तर पर पहुंच गया है.
आरबीआई ने पिछले कुछ हफ्तों में मुद्रा के और नुकसान पर बाजार की आशंकाओं को शांत करने के लिए एक मजबूत बचाव किया था. रुपये में गिरावट से महंगाई, बाहरी घाटे और कंपनी के मुनाफे पर पड़ने वाले असर से चिंताएं भी बढ़ रही हैं.
आरबीआई गवर्नर ने जताई थी आशंका
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने जुलाई में पहले कहा था, "जब बारिश होती है तो आप इससे बचने के लिए एक छाता खरीदते हैं, यह दर्शाता है कि केंद्रीय बैंक मुद्रा की अस्थिरता से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग कर रहा है."
जबकि भारत का विदेशी मुद्रा बफर अर्थव्यवस्था को किसी भी बड़े बाहरी झटके से बचाने के लिए पर्याप्त होना चाहिए, हम उम्मीद करते हैं कि चालू वित्त वर्ष के उत्तरार्ध में आरबीआई अधिक विवेकपूर्ण हो जाएगा. उपासना भारद्वाज के नेतृत्व में कोटक महिंद्रा बैंक के अर्थशास्त्रियों ने एक नोट में लिखा है.
कोटक ने कहा रुपये को गिरने से नहीं रोकेगा आरबीआई
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, कोटक महिंद्रा बैंक ने शुक्रवार को सूचित किया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अक्टूबर से मार्च की अवधि के दौरान रुपये की रक्षा के लिए अपने हस्तक्षेप को धीमा कर देगा और भारतीय मुद्रा को वैश्विक रुझानों के साथ तालमेल करने की अनुमति देगा. रॉयटर्स के हवाले से केंद्रीय बैंक के मासिक बुलेटिन के अनुसार, आरबीआई ने इस साल जुलाई में 19 बिलियन डॉलर की बिक्री की थी.
इसके अलावा, हाजिर बाजार में लगातार हस्तक्षेप के कारण आरबीआई की फॉरवर्ड डॉलर होल्डिंग्स अप्रैल में 64 बिलियन डॉलर से गिरकर 22 बिलियन डॉलर हो गई.
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