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एक्शन मोड में RBI, एक बैंक और दो फाइनेंस कंपनियों पर लगाया जुर्माना, जानिए वजह
यह कार्रवाई रेगुलेटरी कंप्लायंस में गड़बड़ी के चलते की गई है और इसका ग्राहकों के साथ लेन-देन की वैधता से कोई संबंध नहीं है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सभी बैंकों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों का पालन करना जरूरी है. RBI के नियमों की उल्लंघन करने से RBI किसी भी बैंक के खिलाफ एक्शन ले सकता है. पिछले कुछ दिनों से RBI एक्शन मोड में आ गया है. केंद्रीय रिजर्व बैंक ने एक बैंक और 2 फाइनेंस कंपनियों पर जुर्माना लगाया है. रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि उसने नो योर कस्टमर सहित उसके निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BOM) पर 1.27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा पूनावाला फिनकॉर्प और हिंदुजा लीलेंड फाइनेंस पर भी कार्रवाई की गई है.
बैंक ऑफ महाराष्ट्र पर जुर्माना
रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BOM) पर अपने केवाईसी सहित अलग-अलग दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के चलते 1.27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. आरबीआई ने कहा कि उसने आठ अगस्त, 2024 के एक आदेश में बीओएम पर 1.27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. यह जुर्माना ‘बैंक कर्ज वितरण के लिए ऋण प्रणाली’, ‘बैंकों में साइबर सुरक्षा ढांचे’ और ‘अपने ग्राहक को जानिये’ पर आरबीआई के कुछ दिशानिर्देशों का पालन न करने के चलते लगाया गया.
2 फाइनेंस कंपनियों पर भी लगाया जुर्माना
इसके अलावा रिजर्व बैंक ने हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस लिमिटेड पर केवाईसी दिशानिर्देश, 2016 के कुछ प्रावधानों का पालन न करने पर 4.90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. केंद्रीय बैंक ने पूनावाला फिनकॉर्प लिमिटेड पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. बयान के मुताबिक, यह कार्रवाई नियामकीय अनुपालन में कमी के चलते की गई है, और इसका ग्राहकों के साथ किसी लेनदेन की वैधता से संबंध नहीं है.
रिजर्व बैंक ने कड़े किए नियम
रिजर्व बैंक ने पारदर्शिता और अनुपालन में सुधार के लिए ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी- पीयर टू पीयर ऋण मंच’ (NBFC–P2P ऋण मंच) के लिए मानदंड कड़े कर दिए. P2P ऋण मंच बैंकों या वित्तीय संस्थानों को मध्यस्थ बनाए बिना ऋण लेने वालों को सीधे कर्ज देने वालों से जोड़ते हैं. आरबीआई के संशोधित मास्टर निर्देश के अनुसार, P2P प्लेटफॉर्म को निवेश उत्पाद के रूप में कर्ज देने को बढ़ावा नहीं देना चाहिए. इनमें सुनिश्चित न्यूनतम रिटर्न, नकदी विकल्प जैसी सुविधाएं नहीं होनी चाहिए.
इसमें यह भी कहा गया कि NBFC–P2P ऋण मंच को किसी ऐसे बीमा उत्पाद की बिक्री के लिए ग्राहकों को लुभाना नहीं चाहिए जिसमें ऋण वृद्धि या ऋण गारंटी जैसी विशेषताएं शामिल हैं. केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि जबतक कर्ज देने वाले और कर्ज लेने वाले का मिलान बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति के अनुसार नहीं हो जाता, तबतक कोई ऋण नहीं जारी करना चाहिए.
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