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RBI ने 5 वित्तीय संस्थानों पर लगाया भारी जुर्माना, जानिए क्या है पूरा मामला?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियमों की अनदेखी के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, मुथूट हाउसिंग फाइनेंस सहित पांच वित्तीय संस्थाओं पर जुर्माना लगाया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विभिन्न नियामक मानदंडों के उल्लंघन के लिए 5 वित्तीय संस्थानों पर जुर्माना लगाया है. इनमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, मुथूट हाउसिंग फाइनेंस, सीएसबी बैंक, निडो होम फाइनेंस लिमिटेड और अशोका विनियोग लिमिटेड शामिल हैं. अलग-अलग बैंक पर 3.1 लाख रुपये से लेकर 1.86 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है. तो आइए जानते हैं कि आरबीआई ने यह जुर्माना क्यों लगाया और इसका ग्राहकों पर क्या असर होगा?
यूनियन बैंक और सीएसबी बैंक पर 1 करोड़ रुपये से अधिक जुर्माना
आरबीआई ने जानकारी दी है कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने 'अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी)' पर कुछ मानदंडों का पालन नहीं किया. साथ ही, जोखिमों के लिए आवश्यक सेंट्रल रिपॉजिटरी बनाने के नियमों की अनदेखी की इसके लिए बैंक पर 1.06 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा है. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की एक इकाई है, जिसकी 60 फीसदी हिस्सेदारी सरकार के पास है. वहीं, आरबीआई ने सीएसबी बैंक पर 'रिस्क मैनेजिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज की आउटसोर्सिंग' में गाइडलाइंस का उल्लंघन करने के साथ ही बैंक, 'शाखा प्राधिकरण पर मास्टर सर्कुलर' पर जारी कुछ निर्देशों का भी पालन नहीं करने पर 1.86 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
मुथूट हाउसिंग फाइनेंस पर इसलिए लगा जुर्माना
आरबीआई ने जानकारी दी है कि 'नॉन-बैंकिंग फाइनेंसिंग कंपनी - हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (रिजर्व बैंक) डायरेक्शंस, 2021' के कुछ प्रावधानों का पालन न करने पर मुथूट हाउसिंग फाइनेंस कंपनी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. आरबीआई ने मानदंडों का पालन न करने पर निडो होम फाइनेंस लिमिटेड पर 5 लाख रुपये और अशोका विनियोग लिमिटेड पर भी 3.1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.
ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा कोई असर
आरबीआई के अनुसार प्रत्येक मामले में जुर्माना नियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है. इसका उद्देश्य संस्थाओं में किए गए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता पर फैसला सुनाना नहीं है. इसका मतलब कि ग्राहकों के किसी भी लेन-देन पर बैंको पर हुई इस कार्रवाई का कोई असर नहीं होगा.
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