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अभी कम नहीं होगी आपकी EMI? जानिए RBI गवर्नर की क्या है राय!

भारत सरकार द्वारा RBI को विकास की गति स्थिर बनाए रखने का आदेश दिया गया था और इसी वजह से इन्फ्लेशन के दौरान भारत ने लचीलापन दिखाया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

ग्लोबल इकॉनमी की अनिश्चितताओं और बढ़ती महंगाई से मुकाबला करने के लिए भारत के केंद्रीय बैंक RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) ने पिछले कुछ महीनों के दौरान पॉलिसी रेट यानी रेपो रेट में लगातार इजाफा किया था. फिलहाल भारत में इन्फ्लेशन रेट, RBI द्वारा सुझाई गई सीमा के अंदर है और लोगों को उम्मीद थी कि अब RBI द्वारा बढ़ाए गए पॉलिसी रेट में कमी देखने को मिलेगी लेकिन RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने फिलहाल इंटरेस्ट रेट्स के उच्च बने रहने की तरफ इशारा किया है.

अभी लंबा है रास्ता
लंदन में चल रही केंद्रीय बैंकों की उच्चस्तरीय बैठक में अपने संबोधन के दौरान RBI गवर्नर ने इंटरेस्ट रेट्स के उच्च बने रहने की तरफ इशारा किया और कहा कि केंद्रीय बैंक द्वारा इन्फ्लेशन रेट्स में कमी करने की प्रक्रिया की शुरुआत तो हो चुकी है लेकिन यह काफी धीमी और लंबी प्रक्रिया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि RBI द्वारा सुझाए गए 4% के इन्फ्लेशन रेट तक का रास्ता मीडियम टर्म के बाद ही पूरा किया जा सकता है. 

सबसे निचले स्तर पर इन्फ्लेशन
अपने संबोधन के दौरान RBI गवर्नर ने आगे कहा कि पिछले एक साल के दौरान RBI द्वारा पॉलिसी को लेकर किये गए बदलावों के प्रभाव अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाए हैं और इसमें अभी वक्त लगेगा. हालांकि RBI द्वारा वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 5.1% के इन्फ्लेशन रेट का अनुमान लगाया गया है लेकिन हमें पता है कि इन्फ्लेशन रेट हमारे अनुमान से कहीं ज्यादा ऊपर ही रहेगा. RBI गवर्नर द्वारा ये बयान एक ऐसे वक्त पर दिए गए हैं जब भारत का रिटेल इन्फ्लेशन 25 महीनों के अपने सबसे निचले स्तर, 4.25% पर बना हुआ है और यह RBI द्वारा अनुमानित 4.4% के इन्फ्लेशन रेट से कम है.

रेपो रेट में वृद्धि को क्यों रोका?
RBI गवर्नर ने यह भी बताया कि केंद्रीय बैंक द्वारा लिए गए पिछले फैसलों के प्रभावों को जांचने के लिए ही RBI ने अप्रैल और जून 2023 में हुई अपनी बैठकों में पॉलिसी रेट न बढ़ाने का फैसला लिया था. RBI की मोनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने एक संकट के दौरान लगातार स्पष्ट तौर पर दी गई सलाहों से जुड़े खतरों को पहचाना और इसीलिए भविष्य में पॉलिसी रेट में वृद्धि की टाइमिंग या नतीजों के बारे में किसी प्रकार की जानकारी प्रदान नहीं करवाई. RBI ने इन्फ्लेशन रेट को 4% से ज्यादा ऊपर क्यों जाने दिया इस सवाल के जवाब में RBI गवर्नर ने कहा कि भारत सरकार द्वारा RBI को विकास की गति स्थिर बनाए रखने का आदेश दिया गया था और इसी वजह से इन्फ्लेशन के दौरान भारत ने लचीलापन दिखाया.
 

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