होम / बिजनेस / क्रिप्टोकरेंसी पर RBI की सख्ती बरकरार, टैक्स चोरी के बढ़ते खतरे पर आयकर विभाग की चेतावनी

क्रिप्टोकरेंसी पर RBI की सख्ती बरकरार, टैक्स चोरी के बढ़ते खतरे पर आयकर विभाग की चेतावनी

दस्तावेजों के अनुसार, RBI ने एक बार फिर अपनी पुरानी राय दोहराई है कि बैंकों और अन्य विनियमित वित्तीय संस्थानों को क्रिप्टोकरेंसी या निजी तौर पर जारी किए गए स्टेबलकॉइन्स को रखने, उनमें निवेश करने या किसी भी तरह का एक्सपोजर लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago

भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है. सरकार के आंतरिक दस्तावेजों से पता चला है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब भी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध की दिशा में झुकाव रखने वाली नीति का समर्थन कर रहा है. वहीं, आयकर विभाग ने चेतावनी दी है कि विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंज और निजी वॉलेट्स के जरिए होने वाले लेनदेन के कारण टैक्स चोरी और निगरानी बड़ी चुनौती बनती जा रही है.

सरकार की चिंता. वित्तीय स्थिरता और टैक्स अनुपालन पर फोकस

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) पर अभी तक कोई व्यापक कानून लागू नहीं होने के बावजूद सरकार की प्रमुख एजेंसियां इनके जोखिमों को लेकर सतर्क हैं. दस्तावेज बताते हैं कि नीति-निर्माताओं का मुख्य फोकस वित्तीय स्थिरता बनाए रखने, मौद्रिक संप्रभुता की रक्षा करने और टैक्स अनुपालन को मजबूत करने पर है, क्योंकि देश में क्रिप्टो अपनाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

RBI ने दोहराई प्रतिबंध जैसी नीति की मांग

दस्तावेजों के अनुसार, RBI ने एक बार फिर अपनी पुरानी राय दोहराई है कि बैंकों और अन्य विनियमित वित्तीय संस्थानों को क्रिप्टोकरेंसी या निजी तौर पर जारी किए गए स्टेबलकॉइन्स को रखने, उनमें निवेश करने या किसी भी तरह का एक्सपोजर लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

केंद्रीय बैंक का मानना है कि ऐसा करने से वित्तीय प्रणाली को अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले डिजिटल एसेट्स से होने वाले जोखिमों से बचाया जा सकेगा और बाजार में संकट की स्थिति में संक्रमण (Contagion) का खतरा भी कम होगा.

स्टेबलकॉइन को लेकर भी जताई चिंता

RBI ने स्टेबलकॉइन को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है. केंद्रीय बैंक का कहना है कि विदेशी मुद्रा से जुड़े स्टेबलकॉइन भारत की मौद्रिक संप्रभुता को प्रभावित कर सकते हैं. वहीं, रुपये से जुड़े स्टेबलकॉइन सरकार की 'सीनियोरेज इनकम' यानी मुद्रा जारी करने से होने वाली आय को कम कर सकते हैं और वित्तीय स्थिरता के लिए अतिरिक्त जोखिम पैदा कर सकते हैं.

आयकर विभाग ने टैक्स चोरी पर जताई चिंता

आयकर विभाग ने अपनी समीक्षा में पाया कि मार्च 2023 को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान लगभग 6.45 लाख लोगों ने क्रिप्टोकरेंसी में कारोबार किया था. हालांकि इनमें से केवल एक-चौथाई से भी कम लोगों ने अपनी आयकर रिटर्न (ITR) में इन लेनदेन का खुलासा किया.

विभाग का कहना है कि विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंज, निजी वॉलेट और पीयर-टू-पीयर (P2P) प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाले लेनदेन में वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करना और टैक्स वसूलना बेहद मुश्किल हो जाता है.

30% टैक्स और 1% TDS के बावजूद चुनौती बरकरार

भारत में फिलहाल वर्चुअल डिजिटल एसेट्स पर 30 प्रतिशत टैक्स और पात्र लेनदेन पर 1 प्रतिशत TDS लागू है. इसके बावजूद टैक्स विभाग का मानना है कि टैक्स अनुपालन संतोषजनक नहीं है.

दस्तावेजों में यह भी कहा गया है कि क्रिप्टो एसेट्स के मूल्यांकन के अलग-अलग तरीके और एक समान अकाउंटिंग मानकों की कमी के कारण टैक्स निर्धारण और नियामकीय निगरानी जटिल हो जाती है.

अकाउंटिंग नियमों पर भी हो रहा विचार

इन चुनौतियों को देखते हुए कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय (MCA) वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के लिए अकाउंटिंग गाइडलाइंस तैयार करने की संभावना पर काम कर रहा है, ताकि वित्तीय रिपोर्टिंग और नियामकीय निगरानी को अधिक प्रभावी बनाया जा सके.

अभी तक नहीं बना व्यापक कानून

भारत ने अभी तक क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कोई व्यापक कानून नहीं बनाया है. वर्ष 2021 में निजी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने वाला एक मसौदा विधेयक तैयार किया गया था, लेकिन उसे संसद में पेश नहीं किया गया.

इसके बाद से सरकार का रुख यह रहा है कि किसी भी नीति में नवाचार को बढ़ावा देने और वित्तीय स्थिरता, उपभोक्ता सुरक्षा तथा अवैध वित्तीय गतिविधियों जैसे जोखिमों के बीच संतुलन बनाया जाना चाहिए.

भारत दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो बाजारों में शामिल

नियामकीय अनिश्चितता के बावजूद भारत में क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. सरकारी अनुमान के मुताबिक मई 2026 तक करीब 3.9 करोड़ भारतीयों के पास लगभग 2.1 अरब डॉलर मूल्य की डिजिटल संपत्तियां थीं. यूजर बेस के लिहाज से भारत दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो बाजारों में शामिल हो चुका है.

दूसरे देशों से अलग है भारत का रुख

दुनिया के कई देशों ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अलग-अलग नीतियां अपनाई हैं. जापान और सिंगापुर जैसे देशों ने लाइसेंसिंग और नियामकीय ढांचा तैयार किया है, जबकि चीन ने क्रिप्टो गतिविधियों पर व्यापक प्रतिबंध लगा रखा है. भारत फिलहाल ऐसे दौर में है जहां क्रिप्टो ट्रेडिंग पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, लेकिन सरकार और RBI दोनों ही सतर्क रुख बनाए हुए हैं.

आगे कैसी हो सकती है नीति

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया दस्तावेज साफ संकेत देते हैं कि भारतीय नियामकों की प्राथमिकता क्रिप्टो को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा, टैक्स अनुपालन को मजबूत करना और बैंकिंग सिस्टम को संभावित जोखिमों से बचाना है.

फिलहाल सरकार की अंतिम क्रिप्टो नीति पर विचार-विमर्श जारी है, लेकिन मौजूदा संकेत बताते हैं कि भविष्य की नीति में वित्तीय स्थिरता, उपभोक्ता संरक्षण और टैक्स अनुपालन को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाएगी.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

Infosys के सीनियर VP बोले, सेमीकंडक्टर में भारत के लिए ‘Invent in India’ का बड़ा मौका

Semicon India 2026 में मेघल ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की पारंपरिक सप्लाई चेन और डिजाइन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो रहा है. खासकर AI आधारित वर्कलोड यह तय कर रहे हैं कि चिप्स को किस तरह डिजाइन किया जाए.

4 hours ago

RBI की 50,000 करोड़ रुपये की OMO बिक्री में 66,590 करोड़ रुपये की बोलियां

RBI ने बाजार में चल रही यील्ड से अधिक यील्ड पर सरकारी प्रतिभूतियों को स्वीकार किया. इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने बॉन्ड खरीदने के लिए प्रीमियम यील्ड की मांग की.

4 hours ago

टूल एंड इक्विपमेंट एक्स्पो: हैंड टूल्स से स्मार्ट ऑटोमेशन तक, मैन्युफैक्चरिंग में तकनीक का नया दौर

एक्सपो में एक 'इनोवेशन गैलरी' तैयार की गई है, जिसमें 200 से अधिक प्रोडक्ट्स को लॉन्च किया गया है. इस गैलरी उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उभरती तकनीकों, नए विचारों और इनोवेटिव समाधानों को सामने लाना है.

4 hours ago

प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT से सरकार की कमाई 53% बढ़ी

17 सितंबर तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13% बढ़ा, एडवांस टैक्स में भी 16.18% की तेज वृद्धि

6 hours ago

भारत-भूटान सहयोग: ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा कर्ज सुविधा, UPI और रेल संपर्क पर बढ़ी साझेदारी

ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की कर्ज सुविधा, भारत में UPI भुगतान कर सकेंगे भूटानी नागरिक; रेल कनेक्टिविटी और ईंधन आपूर्ति पर भी फैसले

8 hours ago


बड़ी खबरें

प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT से सरकार की कमाई 53% बढ़ी

17 सितंबर तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13% बढ़ा, एडवांस टैक्स में भी 16.18% की तेज वृद्धि

6 hours ago

Infosys के सीनियर VP बोले, सेमीकंडक्टर में भारत के लिए ‘Invent in India’ का बड़ा मौका

Semicon India 2026 में मेघल ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की पारंपरिक सप्लाई चेन और डिजाइन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो रहा है. खासकर AI आधारित वर्कलोड यह तय कर रहे हैं कि चिप्स को किस तरह डिजाइन किया जाए.

4 hours ago

RBI की 50,000 करोड़ रुपये की OMO बिक्री में 66,590 करोड़ रुपये की बोलियां

RBI ने बाजार में चल रही यील्ड से अधिक यील्ड पर सरकारी प्रतिभूतियों को स्वीकार किया. इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने बॉन्ड खरीदने के लिए प्रीमियम यील्ड की मांग की.

4 hours ago

भारत की इकोनॉमी पर Moody’s का भरोसा बढ़ा, FY27 GDP ग्रोथ अनुमान 6% से बढ़ाकर 7%

Moody’s के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और निजी क्षेत्र के निवेश में सुधार से भारतीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है.

9 hours ago

भारत-भूटान सहयोग: ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा कर्ज सुविधा, UPI और रेल संपर्क पर बढ़ी साझेदारी

ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की कर्ज सुविधा, भारत में UPI भुगतान कर सकेंगे भूटानी नागरिक; रेल कनेक्टिविटी और ईंधन आपूर्ति पर भी फैसले

8 hours ago