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भारत की FDI का सबसे बड़ा हिस्सेदार है अमेरिका, RBI ने किया खुलासा!
RBI द्वारा की गई गणना के अनुसार वित्त वर्ष 23 के दौरान भारत को लगभग 50 लाख करोड़ रुपए की FDI प्राप्त हुई थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
हाल ही में भारत के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा एक गणना की गई और इस गणना के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि भारत की FDI (फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट) के महत्त्वपूर्ण स्त्रोत कौन से हैं? RBI द्वारा की गई गणना की मानें तो वित्त वर्ष 23 के दौरान भारत की FDI में सबसे ऊपर अमेरिका का नाम है. अमेरिका के बाद इस लिस्ट में मॉरिशस, ब्रिटेन और सिंगापुर का नाम आता है और भारत की FDI में इन सभी देशों का योगदान लगभग 60% है.
क्या है पूरा मामला?
RBI द्वारा की गई इस गणना से प्राप्त हुए डाटा के अनुसार वित्त वर्ष 23 के दौरान भारत को लगभग 50 लाख करोड़ रुपए की FDI प्राप्त हुई थी. इस दौरान भारत द्वारा FDI के माध्यम से इकठ्ठा की गई कुल राशि में अमेरिका की हिस्सेदारी 8.58 लाख करोड़ रुपए की है. पिछले वित्त वर्ष के दौरान भारत की FDI में अमेरिका की हिस्सेदारी 8.05 लाख करोड़ रुपयों की हुआ करती थी. पिछले वित्त वर्ष के दौरान भारत की FDI में अमेरिका की हिस्सेदारी कुल FDI का 17% हुआ करती थी.
मॉरिशस भी नहीं है पीछे
इसके बाद लिस्ट में मॉरिशस का नाम आता है और भारत की FDI में मॉरिशस का हिस्सा 14.9 प्रतिशत का है. वहीं भारत की FDI में ब्रिटेन की हिस्सेदारी 7.08 लाख करोड़ रूपए की है. RBI की गणना का आधार FLA (Foreign Liabilities Assets) है. आपको बता दें कि FLA में देश की सीमा के पार मौजूद किसी कंपनी की देनदारियां और संपत्ति भी शामिल होती है और साथ ही देश में आने वाली इन्वेस्टमेंट और देश से बाहर जाने वाली इन्वेस्टमेंट को भी पूरी तरह से शामिल किया जाता है.
ODI और फेवरेट जगहें
RBI द्वारा की गई गणना से प्राप्त हुए डाटा के अनुसार भारत की FDI में शामिल कुल 38,689 इकाइयों में से 33,850 इकाइयों ने रिस्पॉन्स दिया था और अपनी बैलेंस शीत में मार्च 2023 के अंत में FDI और ODI की जानकारी दी थी. RBI की इस रिपोर्ट की मानें तो प्रतिक्रिया देने वाली इकाइयों में से लगभग 97% इकाइयां मैच 2023 में लिस्टेड नहीं थीं और भारत की FDI में एक बड़ा हिस्सा इन इकाइयों का ही था. आउटवर्ड डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (ODI) की बात करें तो सिंगापुर, अमेरिका ब्रिटेन और नीदरलैंड चार पसंदीदा जगहों के रूप में उभरकर सामने आए हैं. भारतीय इकाइयों द्वारा इन जगहों में 60% से ज्यादा इन्वेस्टमेंट की गई है.
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