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कतर का भारत को भरोसा, LNG और LPG सप्लाई बनी रहेगी स्थिर, ऊर्जा सुरक्षा पर मजबूत साझेदारी
कतर के ऊर्जा मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने दोहा में भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ बैठक की. कतर ने स्पष्ट किया कि वह भारत की LNG और LPG जरूरतों को लगातार और स्थिर रूप से पूरा करता रहेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
दोहा में हुई उच्च-स्तरीय वार्ता के दौरान कतर ने भारत को आश्वस्त किया है कि वह भविष्य में भी एक भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बना रहेगा. यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा बाजार में अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है. दोनों देशों ने ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई.
दोहा में भारत-कतर ऊर्जा वार्ता
कतर के ऊर्जा मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने दोहा में भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ बैठक की. इस दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर विस्तार से चर्चा हुई. कतर ने स्पष्ट किया कि वह भारत की LNG और LPG जरूरतों को लगातार और स्थिर रूप से पूरा करता रहेगा.
भारत के लिए स्थिर ऊर्जा आपूर्ति जारी रहेगी
बैठक में कतर ने भारत को भरोसा दिलाया कि वह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में एक स्थिर भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा. दोनों देशों ने मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.
सीजफायर और वैश्विक स्थिरता का समर्थन
दोनों पक्षों ने 8 अप्रैल को घोषित दो सप्ताह के सीजफायर का स्वागत किया. बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को बिना किसी बाधा के जारी रखना वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है. इसके साथ ही बिना रुकावट व्यापार और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के सुचारू संचालन पर भी जोर दिया गया.
भारत के लिए कतर क्यों है महत्वपूर्ण?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा कतर से पूरा करता है. कतर भारत को लगभग 45% LNG और 20% LPG आपूर्ति करता है, जिससे वह देश के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदारों में शामिल है. पश्चिम एशिया में हालिया तनाव और कुछ ऊर्जा ढांचों पर हमलों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया था, जिससे भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा और भी महत्वपूर्ण हो गया है.
भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति
भारत सरकार का कहना है कि देश की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित और विविध स्रोतों से पूरा करने पर लगातार काम किया जा रहा है. सरकार न केवल घरेलू उत्पादन बढ़ा रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को भी मजबूत कर रही है. हाल ही में भारत ने श्रीलंका को 38 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद की आपूर्ति की थी और मॉरिशस के साथ ऊर्जा आपूर्ति समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम जारी है.
मजबूत बिजली ढांचा और बढ़ती क्षमता
भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारत की बिजली प्रणाली लगातार मजबूत हो रही है. देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता अब 531 गीगावॉट से अधिक हो चुकी है. इसमें कोयला, नवीकरणीय ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा का महत्वपूर्ण योगदान है. गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा की हिस्सेदारी भी 50% से अधिक हो चुकी है, जो भारत की ऊर्जा संरचना में बड़े बदलाव का संकेत देती है.
कतर का भारत को दिया गया भरोसा दोनों देशों के मजबूत रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है. मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के बीच यह साझेदारी भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती प्रदान करती है और आने वाले समय में ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकती है.
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