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Pune के रईस बिल्डर की मदद का जिन नेताओं पर लगा आरोप, वो खुद कितने हैं रईस?
पुणे में बिल्डर के नाबालिग बेटे की तेज रफ्तार कार ने दो लोगों को कुचल दिया था. अब तक आरोपी को बचाने की पूरी कोशिश की गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
पुणे में बीते दिनों हुए दर्दनाक कार हादसे (Pune Car Accident) में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं. अब तक जो कुछ भी सामने आया है, उससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि किस तरह पूरा सिस्टम मशहूर बिल्डर विशाल अग्रवाल के नाबालिग बेटे को बचाने में जुटा हुआ है. अग्रवाल के बिगडैल बेटे ने शराब के नशे में अपनी पोर्श कार से मध्य प्रदेश के दो इंजीनियरों को कुचल दिया था. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
सवालों में डिप्टी सीएम और MLA की भूमिका
विशाल अग्रवाल के रसूख के चलते उसके 17 साल के बेटे को बचाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए गए. उसकी ब्लड टेस्ट सैंपल बदल दिए गए, ताकि ड्रिंक एंड ड्राइव की पुष्टि न हो सके. इस पूरे मामले में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की भूमिका भी सवालों के घेरे में है. आरोप हैं कि पवार ने आरोपियों को बचाने के लिए पुणे पुलिस कमिश्नर को कॉल किया था. इसके अलावा, उनकी पार्टी के विधायक सुनील तिंगरे के हादसे वाली रात तीन बजे थाने पहुंचने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.
कार में सवार था सुनील तिंगरे का बेटा
इस बीच, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले का कहना है कि हादसे के समय विशाल अग्रवाल के बेटे के साथ NCP विधायक सुनील तिंगरे का बेटे भी कार में मौजूद था. उन्होंने कहा कि दुर्घटना को अंजाम देने के बाद दो लोग कार से उतरे थे. सरकार को यह खुलासा करना चाहिए कि दूसरा कौन था. उन्होंने इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की है. कांग्रेस लीडर ने कहा कि हमारे पास यह मानने की कई वजहें हैं कि बिल्डर के बेटे को बचाने के लिए तमाम प्रयास किए गए. क्योंकि बिल्डर के सत्ताधारी दलों के साथ अच्छे रिश्ते हैं. नाना पटोले ने यह भी कहा कि पुणे के अस्पताल के डॉक्टर अजय तवारे के एक नेता से रिश्ते हैं. तवारे को सोमवार को ही गिरफ्तार किया गया है. उन पर नाबालिग के ब्लड सैंपल बदलने का आरोप है.
पवार के पास बेशुमार दौलत
महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार का विवादों से पुराना नाता रहा है. अपने चाचा की पार्टी तोड़कर अलग हुए पवार के खिलाफ कई मामलों में जांच चल रही थी, लेकिन सरकार का हिस्सा बनने के बाद उन्हें राहत मिल गई. अजित पवार के पास बेशुमार दौलत है. 2019 के लोकसभा चुनाव के वक्त दाखिल हलफनामे में अजित पवार ने अपनी कुल संपत्ति का ब्यौरा दिया था. उन्होंने बताया था कि उनकी नेटवर्थ 105 करोड़ की है. उनके पास 3 कारें, 4 ट्रॉली और 2 ट्रेक्टर्स भी हैं. अजित पवार कई जमीनों के मालिक हैं, जिनकी कीमत उस समय 50 करोड़ रुपए से अधिक थी, जाहिर है आज के समय में यह आंकड़ा काफी ऊपर पहुंच चुका होगा. अजित के पास करीब 13 लाख 90 हजार के सोने व चांदी के जेवर हैं.
NCP विधायक के पास भी दौलत का अंबार
वहीं, NCP विधायक सुनील तिंगरे की संपत्ति की बात करें, तो उनके पास 49 करोड़ से अधिक की दौलत है. साथ ही एक करोड़ की देनदारी भी है. 2019 में तिंगरे ने एक लाख रुपए कैश होने की जानकारी दी थी. उनके कई बैंकों के अकाउंट में 1,71,80,114 रुपए जमा हैं. NCP विधायक ने शेयर और बांड्स में 4,04,83,693 का निवेश किया है. सुनील ने 10 लाख की जीवन बीमा पॉलिसी भी कराई है. विधायक के कारों के कलेक्शन में कई लग्जरी गाड़ियां हैं, जिनकी कीमत एक करोड़ से ज्यादा है. इनमें Lancer, Gipsy, Scoda, BMW और Mercedes आदि शामिल हैं. सुनील और उनकी पत्नी के नाम पर करीब 47 करोड़ रुपए की कृषि भूमि और करीब 3 करोड़ मूल्य की रेजिडेंशियल बिल्डिंग भी है.
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