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आटा, चावल और गेहूं की कीमतों में बड़ा उछाल, सरकार के प्रयासों का भी नहीं दिख रहा असर
त्योहारी सीजन आने के साथ ही कीमतों में और तेजी जारी रह सकती है. पिछले कुछ महीनों में गेहूं के भाव में इजाफा हुआ है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः पिछले एक साल के भीतर चावल, गेहूं और आटे की औसत खुदरा कीमतों में 8-19 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. त्योहारी सीजन आने के साथ ही कीमतों में और तेजी जारी रह सकती है. पिछले कुछ महीनों में गेहूं के भाव में इजाफा हुआ है. सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि आटा (गेहूं के आटे) की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है. पिछले सप्ताह आटे का खुदरा मूल्य 36.2 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 19 फीसदी अधिक है. यह उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा एकत्रित खुदरा और थोक मूल्यों के आंकड़ों पर आधारित है.
इन आंकड़ों से पता चलता है कि गेहूं के खुदरा मूल्य में भी पिछले वर्ष की कीमत 27 रुपये प्रति किग्रा से 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इसी तरह चावल के औसत खुदरा मूल्य में भी 38.2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि दर्ज की गई है, जो लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि है.
गरीब कल्याण योजना को बढ़ाया गया
सरकार ने पिछले हफ्ते, दिसंबर तक पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के विस्तार को मंजूरी दी, जिसके तहत लगभग 80 करोड़ चिन्हित लाभार्थियों को मासिक 5 किलो खाद्यान्न मुफ्त मिलेगा. इसके अतिरिक्त, खाद्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) के पास राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), अन्य योजनाओं और PMGKAY की अतिरिक्त आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार है.
दिल्ली की मंडी में यह हो गया है गेहूं का भाव
दिल्ली की लॉरेंस रोड मंडी के जय प्रकाश जिंदल ने कहा कि कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल गेहूं का भाव 2560 रुपये प्रति क्विंटल है. आने वाले दिनों में इसका त्योहारी सीजन बढ़कर 2,600 रुपये हो सकता है. गौरतलब है कि 14 मई को गेहूं के निर्यात पर रोक के बाद से बाजार भाव 2,150-2,175 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा था. जिंदल ने कहा कि इस साल उत्पादन कम रहा और सरकार ने सही समय पर निर्यात बंद नहीं किया. उन्होंने कहा, जब तक सरकार ने गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया, तब तक काफी मात्रा में गेहूं का निर्यात हो चुका था.
सरकारी आंकड़े भी गेहूं, आटा और चावल की औसत खुदरा कीमतों में समान प्रवृत्ति दिखाते हैं. उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक आटे की औसत खुदरा कीमत 36.13 रुपये प्रति किलो है. इसी तरह शुक्रवार को चावल का औसत खुदरा मूल्य 38.2 रुपये प्रति किलो था और शुक्रवार को गेहूं का औसत खुदरा मूल्य 31 रुपये था.
कारोबारियों ने कहा कि गेहूं की कीमतों में करीब 14-15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जबकि आटे की कीमतों में करीब 18-19 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसी तरह, दिल्ली के खुदरा बाजारों में खुदरा कीमतों में भी लगभग 7-8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. व्यापारियों ने कहा कि गेहूं की कीमतों में वृद्धि के कारणों में अंतरराष्ट्रीय मांग-आपूर्ति की स्थिति, वैश्विक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि और यूक्रेन और रूस जैसे गेहूं निर्यातक देशों के बीच संघर्ष जैसे विभिन्न कारक शामिल हैं.
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