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प्लेन में यात्रियों को सवार होने से रोकना Akasa Air को पड़ा भारी, DGCA ने लगाया 10 लाख का जुर्माना
(DGCA) ने तीन महीने पुराने एक मामले को लेकर अकासा एयरलाइंस (Akasa Air) पर 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने बीते सितंबर माह के एक मामले को लेकर अकासा एयरलाइंस (Akasa Air) पर 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है. यह जुर्माना सितंबर महीने में बेंगलुरु हवाई अड्डे पर कुछ यात्रियों को विमान में सवार होने से रोकने और उन्हें समय पर मुआवजा न देने के कारण लगाया गया है. हाल के महीनों में अकासा एयरलाइंस पर कुछ नियमों के उल्लंघन के आरोपों के कारण जांच के दायरे में आई थी. तो आइए आपको इस मामले की पूरी जानकारी देते है
ये था पूरा मामला
इस महीने की शुरुआत में कुछ पायलटों ने भी एयरलाइन के प्रशिक्षण के बारे में चिंता जताई थी. हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों को गलत बताया था. डीजीसीए का यह जुर्माना उन सात यात्रियों से जुड़ा है, जिन्हें 6 सितंबर को बेंगलुरु से पुणे जाने वाली फ्लाइट में सवार नहीं होने दिया गया था. उस विमान में तकनीकी समस्या के कारण उसे रोक दिया गया था. इसके बाद एयरलाइन ने इन यात्रियों को बिना मुआवजे दिए इंडिगो की एक और फ्लाइट में भेज दिया था. यह निर्धारित समय से एक घंटे से ज्यादा देर से रवाना हुई थी. डीजीसीए ने पाया कि यात्रियों को मुआवजा नहीं दिया गया, जोकि गलत है. ऐसे में 23 दिसंबर को डीजीसीए ने एक आदेश जारी कर कहा कि अकासा एयर ने डीजीसीए के नोटिस के बाद ही यात्रियों को मुआवजा देना शुरू किया. इससे पहले उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया गया.
अकासा एयर ने दी ये सफाई
एयरलाइन ने अपनी सफाई में कहा कि यात्रियों को सवार नहीं होने दिया गया क्योंकि विमान में सीटें नहीं थीं. बिना मुआवजे के उन्होंने एक वैकल्पिक उड़ान का इंतजाम किया था. बाद में डीजीसीए ने अकासा एयर पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही कहा कि अगर समय पर सुधारात्मक कार्रवाई की जाती, तो यह समस्या टाली जा सकती थी. एयरलाइन ने कहा कि वह डीजीसीए के साथ मिलकर इस मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है.
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