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तेल, रुपये और ग्लोबल संकेतों का दबाव, जानिए आज कैसी रह सकती है शेयर बाजार की चाल

सोमवार को सेंसेक्स 77.05 अंक की बढ़त के साथ 75,315.04 अंक पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 6.45 अंक की मामूली तेजी के साथ 23,649.95 अंक पर लगभग सपाट बंद हुआ.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की लगातार ऊंची कीमतों और रुपये में रिकॉर्ड कमजोरी ने सोमवार को घरेलू शेयर बाजार को भारी दबाव में ला दिया था. हालांकि शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटने के बाद आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी से बाजार ने शानदार वापसी की. ऐसे में आज भी निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिल सकता है. निवेशकों की नजर कच्चे तेल की चाल, वैश्विक बाजारों के संकेत, रुपये की स्थिति और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी, जो आज बाजार की दिशा तय कर सकते हैं.

भारी गिरावट के बाद संभला बाजार

कल दिनभर के उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स 77.05 अंक यानी 0.10 फीसदी की बढ़त के साथ 75,315.04 अंक पर बंद हुआ. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 6.45 अंक यानी 0.03 फीसदी की मामूली तेजी के साथ 23,649.95 अंक पर लगभग सपाट बंद हुआ. सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 16 बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि बाकी शेयरों में दबाव देखने को मिला.

आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी

बाजार में रिकवरी की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में आई तेजी रही. टेक महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा 4.97 फीसदी उछाल दर्ज किया गया. इसके अलावा इन्फोसिस, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, एचसीएल टेक और टीसीएस में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली. निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई. वहीं फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर ने भी बाजार को सहारा दिया.

दूसरी ओर मेटल और सरकारी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा. टाटा स्टील में सबसे ज्यादा 3.09 फीसदी की गिरावट आई. इसके अलावा पावरग्रिड, एसबीआई, एनटीपीसी, मारुति, ट्रेंट और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए.

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर दबाव

ब्रॉडर मार्केट में कमजोरी बनी रही. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.15 फीसदी गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.26 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. सेक्टोरल इंडेक्स में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और पीएसयू बैंक शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली.

रुपया फिर रिकॉर्ड निचले स्तर पर

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और बॉन्ड यील्ड में उछाल का असर भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा. डॉलर के मुकाबले रुपया शुरुआती कारोबार में 0.2 फीसदी टूटकर 96.18 के स्तर तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है. रुपये में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई है. फरवरी के अंत में ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 5.5 फीसदी कमजोर हो चुका है. एशियाई मुद्राओं में इस साल रुपया सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी बन गया है.

आज इन शेयरों पर रखें नजर

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आज शेयर बाजार में कई बड़े शेयर निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं. जैसे Eicher Motors की सहयोगी कंपनी रॉयल एनफील्ड आंध्र प्रदेश के ताडा में करीब 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से नया ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने जा रही है, जिससे कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है. वहीं JSW Steel में बड़ी ब्लॉक डील देखने को मिली है, जहां जीक्यूजी पार्टनर्स और एसबीआई म्यूचुअल फंड ने बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है. अडानी समूह भी चर्चा में रहेगा, क्योंकि कंपनी ने ईरान से जुड़े एलपीजी आयात मामले में अमेरिकी संस्था ओएफएसी के साथ समझौता करते हुए 275 मिलियन डॉलर भुगतान पर सहमति दी है, हालांकि कंपनी ने किसी भी गलती से इनकार किया है. दूसरी ओर Hyundai Motor Company भारत में FY28 तक सालाना 10 लाख यूनिट उत्पादन क्षमता हासिल करने की तैयारी में है और इसके लिए 7,500 करोड़ रुपये निवेश करेगी. वहीं Vascon Engineers को Reliance Industries से 131.58 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है. इसके अलावा आज Bharat Electronics, Zydus Lifesciences, Bharat Petroleum, Mankind Pharma, PI Industries, PNC Infratech और Zee Entertainment Enterprises जैसी कंपनियां अपने चौथी तिमाही के नतीजे जारी करेंगी, जिनका असर बाजार की चाल पर देखने को मिल सकता है. 

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)


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