✕

होम / बिजनेस / IPO नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी, प्री-IPO गिरवी शेयरों के लॉक-इन को आसान बनाएगा सेबी

IPO नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी, प्री-IPO गिरवी शेयरों के लॉक-इन को आसान बनाएगा सेबी

सेबी के प्रस्तावित बदलाव आईपीओ प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और निवेशक अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago

भारतीय बाजार में आईपीओ (IPO) प्रक्रिया को पारदर्शी और निवेशकों के लिए अधिक सुगम बनाने की दिशा में सेबी अहम बदलावों की तैयारी कर रहा है. नियामक ने प्री-आईपीओ गिरवी शेयरों के लॉक-इन नियमों में सुधार और जटिल संक्षिप्त विवरणिका की जगह आसान सारांश दस्तावेज लाने का प्रस्ताव रखा है.

सेबी का प्रस्ताव, लॉक-इन नियमों में होगी ढील

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने एक परामर्श पत्र जारी कर प्री-आईपीओ गिरवी शेयरों के लॉक-इन से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की बात कही है. सेबी ने आईसीडीआर विनियम 2018 में संशोधन के जरिए इन बदलावों को लागू करने की सिफारिश की है.

मौजूदा नियमों के अनुसार प्रवर्तक श्रेणी में न आने वाली प्री-आईपीओ शेयरहोल्डिंग को आईपीओ के बाद छह महीने तक लॉक-इन रहना आवश्यक है. लेकिन, गिरवी शेयरों पर डिपॉजिटरी लॉक-इन की अवधि निर्धारित नहीं कर पाती, जिससे कई कंपनियों को अंतिम समय में अनुपालन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है.

गिरवी शेयरों को 'गैर-हस्तांतरणीय' चिह्नित करने की अनुमति

इन चुनौतियों से बचने के लिए सेबी ने प्रस्ताव दिया है कि डिपॉजिटरी को जारीकर्ता के निर्देशों के आधार पर ऐसी शेयरधारिता को लॉक-इन अवधि के दौरान गैर-हस्तांतरणीय के रूप में चिह्नित करने की अनुमति दी जाए.

जारीकर्ताओं को अपने आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन में भी संशोधन करना होगा ताकि गिरवी हटाने या छोड़ने के बाद भी शेयर आवश्यक लॉक-इन अवधि के तहत संबंधित खातों में सुरक्षित बने रहें. सेबी ने बताया कि गैर-सूचीबद्ध शेयरों के बदले ऋण देने वाली एनबीएफसी ने इस मॉडल को स्वीकार किया है.

संक्षिप्त विवरणिका खत्म होगी. आएगा सरल दस्तावेज सारांश

सेबी ने प्रत्येक आईपीओ आवेदन के साथ अनिवार्य संक्षिप्त विवरणिका को हटाने का भी प्रस्ताव दिया है. इसके स्थान पर एक मानक पेशकश दस्तावेज सारांश उपलब्ध कराया जाएगा.

यह सारांश मसौदा दस्तावेज के साथ जमा होगा और इसे सेबी, स्टॉक एक्सचेंजों, जारीकर्ता तथा प्रमुख प्रबंधकों की वेबसाइटों पर अलग से प्रकाशित किया जाएगा. इसमें उद्योग और व्यवसाय का सार, प्रमुख जोखिम, वित्तीय स्थिति, मुकदमेबाजी और प्रवर्तकों की जानकारी जैसे महत्वपूर्ण खुलासे शामिल होंगे.

खुदरा निवेशकों की सुविधा पर फोकस

सेबी का मानना है कि मौजूदा भारी-भरकम प्रस्ताव दस्तावेज खुदरा निवेशकों के लिए समझने में कठिन होते हैं. ऐसी स्थिति में कई निवेशक अपुष्ट ग्रे मार्केट संकेतों और सोशल मीडिया जानकारी पर निर्भर हो जाते हैं. नया सारांश दस्तावेज उनकी सुविधा बढ़ाएगा और निवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बना सकता है.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

मिठाई के डिब्बे से पर्सनलाइज्ड तोहफों तक, बदल रही फेस्टिव गिफ्टिंग की तस्वीर

प्रीमियम चॉकलेट, स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद, स्मार्ट उपकरण और अनुभव आधारित उपहारों की बढ़ती मांग; छोटे शहरों तक पहुंचा महंगे और व्यक्तिगत उपहारों का चलन

2 hours ago

MCX को-लोकेशन: SEBI बना युधिष्ठिर

नियामक का कहना है कि उसने MCX को अपने ट्रेडिंग इंजन को एक अमेरिकी स्वामित्व वाले डेटा सेंटर में ले जाने की "कोई अनुमति नहीं" दी. उसका यह भी कहना है कि उसे इसकी जानकारी दी गई थी. इन दोनों बयानों के बीच वह सब कुछ है जो भारत NSE से सीखने में विफल रहा.

2 hours ago

जब बोर्डरूम बन जाए ब्रांडरूम: टाटा ब्रांड की रक्षा कौन करेगा?

इतने मजबूत तरीके से भरोसे से जुड़े समूह के लिए बड़ा सवाल यह है कि क्या लंबे समय तक बनी रहने वाली अनिश्चितता अंततः व्यापक टाटा समूह को लेकर धारणाओं को प्रभावित कर सकती है, लिखते हैं डॉ. अनुराग बत्रा

5 hours ago

REIT-InvIT में बढ़ेगा निवेश, 5 साल में दोगुना हो सकता है AUM, ₹20 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान

ICRA के मुताबिक, वित्त वर्ष 2030-31 तक InvIT और REIT का संयुक्त AUM करीब ₹20 लाख करोड़ हो सकता है. सड़क, रिन्यूएबल एनर्जी, वेयरहाउसिंग और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर इस वृद्धि को रफ्तार दे सकते हैं.

7 hours ago

भारत-CARICOM बैठक में व्यापार और जलवायु सहयोग पर चर्चा, UNSC की 2028-29 अवधि के लिए भारत को समर्थन

विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में राजनीतिक संबंधों के साथ व्यापार और निवेश, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता और ऊर्जा सहयोग जैसे मुद्दे प्रमुख रहे.

9 hours ago


बड़ी खबरें

जब बोर्डरूम बन जाए ब्रांडरूम: टाटा ब्रांड की रक्षा कौन करेगा?

इतने मजबूत तरीके से भरोसे से जुड़े समूह के लिए बड़ा सवाल यह है कि क्या लंबे समय तक बनी रहने वाली अनिश्चितता अंततः व्यापक टाटा समूह को लेकर धारणाओं को प्रभावित कर सकती है, लिखते हैं डॉ. अनुराग बत्रा

5 hours ago

MCX को-लोकेशन: SEBI बना युधिष्ठिर

नियामक का कहना है कि उसने MCX को अपने ट्रेडिंग इंजन को एक अमेरिकी स्वामित्व वाले डेटा सेंटर में ले जाने की "कोई अनुमति नहीं" दी. उसका यह भी कहना है कि उसे इसकी जानकारी दी गई थी. इन दोनों बयानों के बीच वह सब कुछ है जो भारत NSE से सीखने में विफल रहा.

2 hours ago

होम लोन तक महिलाओं की पहुंच बढ़ाने की पहल, IIFL होम फाइनेंस और JICA के बीच 15 करोड़ डॉलर की डील

कंपनी के अनुसार, भारत में वर्ष 2030 तक करीब 2.2 करोड़ अतिरिक्त घरों की मांग बढ़ने का अनुमान है. वहीं, मौजूदा समय में देश में आवास ऋण लेने वालों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 30 फीसदी है.

5 hours ago

मिठाई के डिब्बे से पर्सनलाइज्ड तोहफों तक, बदल रही फेस्टिव गिफ्टिंग की तस्वीर

प्रीमियम चॉकलेट, स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद, स्मार्ट उपकरण और अनुभव आधारित उपहारों की बढ़ती मांग; छोटे शहरों तक पहुंचा महंगे और व्यक्तिगत उपहारों का चलन

2 hours ago

टाटा सन्स ने खारिज की नोएल टाटा की आपत्ति, एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को बताया वैध

चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर टाटा सन्स ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है, लेकिन इससे टाटा सन्स और टाटा ट्रस्ट्स के बीच विवाद समाप्त नहीं हुआ है.

10 hours ago