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पेट्रोल-डीजल ने फिर दिया महंगाई का झटका, 10 दिन में चौथी बार बढ़े दाम, जानिए नए रेट
25 मई को पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. इससे पहले भी मई महीने में तीन बार कीमतें बढ़ चुकी हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 hours ago
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी हुई है. सोमवार को तेल कंपनियों ने 10 दिनों में चौथी बार ईंधन के दाम बढ़ाए, जिसके बाद 15 मई से अब तक पेट्रोल 7.35 रुपये और डीजल 7.82 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है. कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और कमजोर रुपये के कारण आने वाले दिनों में दाम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
आज कितनी बढ़ी कीमत?
25 मई को पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. इससे पहले भी मई महीने में तीन बार कीमतें बढ़ चुकी हैं.
मई में कब-कब बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?
1. 15 मई, पेट्रोल और डीजल करीब 3 रुपये प्रति लीटर महंगे हुए.
2. 19 मई, दोनों ईंधनों की कीमत में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई.
3. 23 मई, पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ.
4. 25 मई, पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर बढ़ा.
कच्चे तेल और कमजोर रुपये का असर
तेल कंपनियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं. इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आने से आयात लागत भी बढ़ गई है. इसी वजह से सरकारी तेल विपणन कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है.
तेल कंपनियों को अब भी भारी घाटा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियां भारी अंडर-रिकवरी का सामना कर रही हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पहले बताया था कि 15 मई की बढ़ोतरी से नुकसान में करीब 25% कमी आई थी, लेकिन इसके बावजूद सरकारी कंपनियों को रोजाना लगभग 750 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा था.
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) के अनुमान के मुताबिक मौजूदा कीमतों के बाद भी कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 13 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है.
भारत पेट्रोलियम के एचआर डायरेक्टर राज कुमार दुबे के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की 20% से 50% तक की तेजी को पहले अस्थायी माना जा रहा था, लेकिन मौजूदा हालात बताते हैं कि दबाव अभी लंबे समय तक बना रह सकता है.
आगे और महंगा हो सकता है ईंधन
जानकारों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है. कच्चे तेल की कीमत लंबे समय से 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है और रुपये में गिरावट भी जारी है. ऐसे में तेल कंपनियां घाटा कम करने के लिए आगे भी दाम बढ़ा सकती हैं.
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