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‘3Fs’ पर फोकस करेगी सरकार, भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत: निर्मला सीतारमण
SIDBI के 37वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स पर विशेष नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 hours ago
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने महंगाई और आर्थिक दबाव से निपटने के लिए बड़ा फोकस प्लान तैयार किया है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तेल, उर्वरक और सोना यानी ‘3Fs’(Fuel, Fertilizer और Forex) पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई है. उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और घबराने की जरूरत नहीं है.
क्या है वित्त मंत्री का ‘3Fs’ फॉर्मूला?
मुंबई में स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) के 37वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स पर विशेष नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है. उन्होंने बताया कि बढ़ती तेल कीमतों, महंगे उर्वरकों और विदेशी मुद्रा पर बढ़ते दबाव से अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है. ऐसे में सरकार संतुलित नीतियों के जरिए महंगाई और आर्थिक चुनौतियों से निपटने की तैयारी कर रही है.
कच्चे तेल और फर्टिलाइजर की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
वित्त मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं. इसके साथ ही फर्टिलाइजर की कीमतें भी “अकल्पनीय स्तर” तक पहुंच चुकी हैं. वहीं सोने की ऊंची कीमतों से भी बाहरी आर्थिक क्षेत्र पर दबाव बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने से सरकार को करीब 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा.
PM मोदी की अपील क्यों अहम?
सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और फॉरेक्स को सुरक्षित रखने की अपील मौजूदा हालात में बेहद महत्वपूर्ण हो गई है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग हालात को जरूरत से ज्यादा नकारात्मक दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि भारत की आर्थिक स्थिति अभी भी मजबूत और स्थिर बनी हुई है.
‘डर का माहौल बनाने की जरूरत नहीं’
वित्त मंत्री ने कहा कि देश में भय और भ्रम फैलाने की कोई जरूरत नहीं है. चुनौतियां मुख्य रूप से बाहरी कारणों से पैदा हुई हैं, लेकिन भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था अब भी सकारात्मक स्थिति में है. उन्होंने कहा कि लोगों में भरोसा बनाए रखना जरूरी है और सरकार की नीतियां विकास को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाने पर केंद्रित हैं.
MSME सेक्टर को लेकर भी जताई चिंता
सीतारमण ने MSME सेक्टर के लंबित भुगतानों पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के करीब 8.1 लाख करोड़ रुपये के भुगतान अटके हुए हैं, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी और विकास प्रभावित हो रहा है.
वित्त मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से अपील की कि वे MSME को 45 दिन की तय समय-सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित करें.
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