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उत्तराखंड में गुफा के ढहने से Navayuga Engineering पर क्यों जा टिकीं लोगों की निगाहें?
Navayuga Engineering कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की जानी मानी कंपनी है लेकिन उत्तराखंड में गुफा ढहना के बाद लोग इस कंपनी के बारे में ढूंढ रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
आपको याद होगा कि हाल ही में चार धाम प्रोजेक्ट के महत्त्वपूर्ण हिस्सों में शामिल एक निर्माणाधीन गुफा ढह गई थी. उत्तराखंड में हुए इस हादसे के बाद सभी लोगों की निगाहें हैदराबाद स्थित नवयुग इंजीनियरिंग (Navayuga Engineering Construction Limited) पर जा टिकी हैं. आपको बता दें कि ये वही कंपनी है जो इस गुफा के निर्माण के लिए जिम्मेदार थी.
NECL की रेटिंग में किया गया सुधार
जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि चार धाम प्रोजेक्ट से संबंध रखने वाली इस गुफा का निर्माण नवयुग इंजीनियरिंग द्वारा किया जा रहा था लेकिन ज्यादातर लोग इस कंपनी और इस कंपनी के प्रोजेक्ट्स के बारे में नहीं जानते हैं. पिछले साल अप्रैल में रेटिंग एजेंसी केयरएज (CareEdge) ने NECL (Navayuga Engineering Constructions Limited) की रेटिंग को केयर A (Minus) से बढ़ाकर केयर A कर दिया था. आपको बता दें कि NECL एक लिस्टेड कंपनी नहीं है. कंपनी की वित्तीय स्थिति में महत्त्वपूर्ण रूप से सुधार देखने और कर्ज कम करने की सफल कोशिशों को देखते हुए कंपनी की रेटिंग में यह बदलाव किया गया था.
क्या करती है Navayuga Engineering?
NECL, सी वी राव (CV Rao) द्वारा प्रमोट की जाने वाली कंपनी नवयुग ग्रुप (Navayuga Group) का ही एक हिस्सा है और इसकी शुरुआत आज से लगभग 30 सालों पहले हुई थी. नवयुग ग्रुप का हेडक्वार्टर हैदराबाद में मौजूद है और इसके पोर्टफोलियो बहुत ही विविधताओं से भरा हुआ है. नवयुग ग्रुप की मौजूदगी सिविल कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, सूचना एवं तकनीक एवं स्पाशल तकनीक जैसे विभिन्न क्षेत्रों में है. नवयुग इंजीनियरिंग (Navyuga Engineering) ने पिछले कुछ समय में अच्छा खासा इक्विपमेंट बेस तैयार और इंजीनियरिंग की विभिन्न क्षमताएं तैयार कर ली हैं ताकि कंपनी विशेष एवं तकनीकी रूप से कॉम्प्लेक्स प्रोजेक्टों की जरूरतों को पूरा कर सके. विशाल इक्विपमेंट बेस की बदौलत NECL खुद ही प्रोजेक्ट्स को पूरा कर सकती है और इसे सब-कॉन्ट्रैक्टिंग पर निर्भर भी नहीं होना पड़ेगा. साथ ही इस कंपनी को इंफ्रास्ट्रक्चर और सिविल इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में प्रमुख खिलाड़ी के रूप में भी जाना जाता है.
कंपनी के ऑर्डर्स में हुई 6 गुना बढ़ोत्तरी
कंपनी EPC के आधार पर सिविल कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट्स की पूर्ती करती है और PPP यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी कंपनी की स्थिति काफी मजबूत है. अगर ऑर्डर बुक की बात करें तो दिसंबर 2021 तक कंपनी के पास लगभग 22,651 करोड़ रुपयों के ऑर्डर मौजूद थे. इसी साल फरवरी में कंपनी के पास मौजूद ऑर्डर्स की संख्या 25,709 करोड़ रुपए थी. जिसका मतलब ये है कि फरवरी से दिसंबर 2021 के बीच कंपनी के पास मौजूद ऑर्डर्स की संख्या में लगभग 6.28 गुना बढ़ोत्तरी हुई थी.
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