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अभिनेता कुणाल कपूर ने लॉन्च किया MetaGO, मोटापा और मेटाबॉलिक बीमारियों के इलाज के लिए नया हेल्थ प्लेटफॉर्म
मेटागो को क्राउडफंडिंग मंच केट्टो (Ketto) के संस्थापकों ने तैयार किया है. कंपनी का कहना है कि भारत में तेजी से बढ़ रही मोटापा और उपापचय संबंधी बीमारियों की चुनौती से निपटने के लिए यह एक समग्र स्वास्थ्य सेवा मॉडल लेकर आई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
अभिनेता और उद्यमी कुणाल कपूर ने सोमवार को 'मेटागो' (MetaGO) नामक एक डॉक्टर-आधारित उपापचय स्वास्थ्य मंच (मेटाबॉलिक हेल्थ प्लेटफॉर्म) लॉन्च करने की घोषणा की. यह मंच मोटापा और उससे जुड़ी उपापचय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को संगठित चिकित्सा देखभाल, जांच सुविधाएं और दीर्घकालिक चिकित्सकीय सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है.
मेटागो को क्राउडफंडिंग मंच केट्टो (Ketto) के संस्थापकों ने तैयार किया है. कंपनी का कहना है कि भारत में तेजी से बढ़ रही मोटापा और उपापचय संबंधी बीमारियों की चुनौती से निपटने के लिए यह एक समग्र स्वास्थ्य सेवा मॉडल लेकर आई है.
केट्टो के अनुभव से जन्मा मेटागो का विचार
मेटागो के संस्थापक कुणाल कपूर, वरुण शेट और जहीर अडेनवाला को इस मंच का विचार केट्टो के साथ एक दशक से अधिक समय तक काम करने के दौरान मिला. इस दौरान उन्होंने हजारों ऐसे परिवारों के साथ काम किया, जो गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता जुटा रहे थे.
संस्थापकों ने देखा कि टाइप-2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes), हृदय रोग, मोटापा और अन्य उपापचय संबंधी बीमारियां न केवल मरीजों बल्कि उनके परिवारों पर भी भारी आर्थिक और मानसिक बोझ डालती हैं. उनका मानना है कि इन बीमारियों की शुरुआत कई वर्ष पहले ही हो जाती है, लेकिन उपचार तब शुरू होता है, जब स्थिति गंभीर हो चुकी होती है.
डॉक्टरों की निगरानी में मिलेगा व्यक्तिगत उपचार
मेटागो का उद्देश्य केवल वजन कम कराना नहीं, बल्कि लोगों के उपापचय स्वास्थ्य में दीर्घकालिक सुधार लाना है. यह मंच डॉक्टरों की सलाह, उपापचय आकलन, व्यक्तिगत उपचार योजना, चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त जीएलपी-1 उपचार, पोषण संबंधी मार्गदर्शन, व्यायाम प्रशिक्षण और नियमित स्वास्थ्य निगरानी जैसी सेवाओं को एक साथ उपलब्ध कराता है.
इस मॉडल में वजन प्रबंधन को अल्पकालिक उपाय के बजाय एक निरंतर स्वास्थ्य यात्रा के रूप में देखा गया है, जिससे लोग समय के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें.
'हम वजन घटाने वाली कंपनी नहीं बना रहे' : कुणाल कपूर
मेटागो के सह-संस्थापक कुणाल कपूर ने कहा, "केट्टो के साथ 14 वर्षों तक काम करने के दौरान हमने हजारों परिवारों को गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना करते देखा. इससे यह स्पष्ट हुआ कि मधुमेह, मोटापा और अन्य उपापचय संबंधी बीमारियां वर्षों पहले ही विकसित होना शुरू हो जाती हैं.
यही सोच मेटागो की शुरुआत का कारण बनी. हम कोई वजन घटाने वाली कंपनी नहीं बना रहे हैं. हमारा ध्यान उस समय पर है, जब सही हस्तक्षेप शल्य चिकित्सा नहीं बल्कि डॉक्टर की सलाह हो सकती है."
उन्होंने कहा कि जीएलपी-1 उपचार ने मोटापे के इलाज में नई संभावनाएं पैदा की हैं, लेकिन केवल दवा पर्याप्त नहीं है. स्थायी परिणाम तभी मिलते हैं, जब दवा के साथ डॉक्टरों की निगरानी, संतुलित पोषण, व्यवहार में बदलाव और निरंतर सहयोग भी मिले.
विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य
मेटागो के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी वरुण शेट ने कहा कि भारत ने स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन अब आवश्यकता ऐसी व्यवस्था की है, जो उपापचय संबंधी देखभाल को निरंतर और अधिक समन्वित बनाए.
उन्होंने कहा कि मेटागो शुरुआत से ही डॉक्टर-आधारित मॉडल पर काम करेगा और सेवाएं लोगों के घर तक पहुंचाएगा. कंपनी का लक्ष्य उन उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं को हर भारतीय तक पहुंचाना है, जो अब तक सीमित वर्ग के लोगों के लिए उपलब्ध थीं.
चिकित्सकीय निगरानी में अधिक प्रभावी है जीएलपी-1 उपचार
मेटागो की चिकित्सा सलाहकार समिति के सदस्य और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. कौशल पटेल ने कहा कि जीएलपी-1 उपचार ने मोटापे के इलाज के विकल्पों का विस्तार किया है, लेकिन इसका अधिकतम लाभ तभी मिलता है, जब इसे चिकित्सकीय निगरानी, नियमित उपापचय परीक्षण और स्वस्थ जीवनशैली के साथ जोड़ा जाए.
35 से अधिक जैव संकेतकों की होगी जांच
मेटागो से जुड़ने वाले प्रत्येक सदस्य का 35 से अधिक जैव संकेतकों (बायोमार्कर्स) के आधार पर विस्तृत उपापचय परीक्षण किया जाएगा. इसके साथ विस्तृत चिकित्सकीय मूल्यांकन भी होगा. रिपोर्ट के आधार पर अंतःस्रावी रोग विशेषज्ञ, मधुमेह विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ या आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और लक्ष्यों के अनुरूप व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करेंगे.
जहां चिकित्सकीय रूप से आवश्यक होगा, वहां जीएलपी-1 उपचार भी योजना का हिस्सा होगा. इसके साथ डॉक्टरों की नियमित निगरानी, पोषण विशेषज्ञों की सलाह, व्यायाम प्रशिक्षण और समय-समय पर स्वास्थ्य समीक्षा जारी रहेगी.
मुंबई पुलिस के लिए लगाया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर
समुदाय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत मेटागो ने हाल ही में मुंबई पुलिस (Mumbai Police) के लिए एक निःशुल्क उपापचय स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया, जिसमें रक्त जांच और मौके पर चिकित्सकों से परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई.
कंपनी ने बताया कि आने वाले महीनों में विभिन्न पेशेवर समूहों के लिए भी ऐसे सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि उपापचय स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सके.
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