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घोटाले से घर भरने के आरोपी पर्ल्स ग्रुप के फाउंडर दुनिया छोड़ गए, जेल में थे बंद
कुछ साल पहले पर्ल्स ग्रुप के फाउंडर निर्मल सिंह भंगू का नाम तब सुर्ख़ियों में आया था जब उन्हें चिटफंड घोटाले में गिरफ्तार किया गया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
पर्ल्स ग्रुप के फाउंडर निर्मल सिंह भंगू (Nirmal Singh Bhangoo) के बारे में एक बड़ी खबर सामने आई है. पिछले कई सालों से जेल में बंद भंगू का निधन हो गया है. तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तिहाड़ जेल से पश्चिमी दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निर्मल सिंह भंगू पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर तिहाड़ जेल प्रशासन ने उन्हें अस्पताल में शिफ्ट किया, लेकिन आज उनकी मौत की खबर सामने आई है.
2016 में हुए थे अरेस्ट
पोंजी स्कीम घोटाले में निर्मल सिंह भंगू पिछले कई सालों से जेल में बंद थे. पांच करोड़ से अधिक निवेशकों से 45,000 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी के मामले में भंगू सहित तीन अन्य लोगों को जनवरी 2016 में गिरफ्तार किया गया था. पिछले साल पंजाब सरकार की ओर से पर्ल्स ग्रुप की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, ताकि इस चिटफंड घोटाले के पीड़ितों के पैसों को वापस लौटाया जा सके. निर्मल सिंह भंगू के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज कराया था. इसी को आधार बनाकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी भंगू पर शिकंजा कसा था. ED ने पर्ल्स ग्रुप और भंगू की ऑस्ट्रेलिया स्थित 472 करोड़ की संपत्ति कुर्क की थी.
देशभर में फैला था नेटवर्क
सीबीआई ने 19 फरवरी, 2014 को इस घोटाले की जांच शुरू की गई. आरोप लगाए गए थे कि पर्ल्स ग्रुप ने अपने दो फ्लैगशिप कंपनियों - PJF लिमिटेड और PACL लिमिटेड के माध्यम से पोंजी स्कीम चलाकर करीब 5.5 करोड़ निवेशकों के साथ 45 हजार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है. आरोपों के मुताबिक, निर्मल सिंह भंगू की कंपनी ने केवल पंजाब ही नहीं बल्कि देश के कई इलाकों में लोगों को अपने जाल में फंसाया था.
एक एजेंट से अरबपति तक
पंजाब के रोपड़ जिले के बेला गांव के दूधवाले निर्मल सिंह भंगू ने शुरुआत में चिटफंड कंपनी पीयरलेस में एजेंट के रूप में काम किया था. इसके बाद उन्होंने अपनी खुद की कंपनी पर्ल्स ग्रीन फॉरेस्ट (पीजीएल) शुरू की और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने देश के विभिन्न शहरों के साथ-साथ विदेशों में अपना नेटवर्क स्थापित किया. उनके पास 1.25 लाख एकड़ से अधिक जमीन बताई जाती है.
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