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तमिलनाडु में 5 लाख से अधिक ग्रामीण घरों को मिलेगा ब्रॉडबैंड कनेक्शन, केंद्र ने दी सब्सिडी को मंजूरी
संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत तमिलनाडु के 4,767 गांवों तक मांग के आधार पर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी. केंद्र की वित्तीय सहायता से ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट नेटवर्क का विस्तार और डिजिटल सेवाओं तक पहुंच आसान होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
केंद्र सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Amended BharatNet Programme) के तहत तमिलनाडु में 5 लाख से अधिक ग्रामीण घरों को फाइबर ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय सब्सिडी को मंजूरी दी है. इस पहल का उद्देश्य राज्य के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी का विस्तार करना और डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है.
इस संबंध में शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित संचार भवन में डिजिटल भारत निधि (DBN), तमिलनाडु सरकार और तमिलनाडु फाइबरनेट कॉरपोरेशन (TANFINET) के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. इस समझौते के तहत भारतनेट नेटवर्क का इस्तेमाल ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा.
समझौते में तमिलनाडु के 4,767 गांवों तक मांग के आधार पर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने का भी प्रावधान है. केंद्र की वित्तीय सहायता से नेटवर्क के अंतिम छोर तक विस्तार में तेजी आने और ग्रामीण एवं दूरदराज के इलाकों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है.
समझौता हस्ताक्षर समारोह में डिजिटल भारत निधि के प्रशासक श्यामल मिश्रा मौजूद रहे. तमिलनाडु के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल सेवा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अतुल आनंद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए. इस दौरान भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL), TANFINET, दूरसंचार विभाग (DoT) और डिजिटल भारत निधि के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे.
5 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को होगा फायदा
इस पहल से तमिलनाडु के 5 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को फाइबर ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. इससे ग्रामीण परिवारों को हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाओं का लाभ मिल सकेगा.
विस्तारित नेटवर्क के जरिए ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान और नागरिकों से जुड़ी अन्य डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है. इसके अलावा, 4,767 गांवों में मांग के आधार पर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की व्यवस्था से उन क्षेत्रों तक भी ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी, जहां अभी डिजिटल नेटवर्क की पहुंच सीमित है.
क्या है संशोधित भारतनेट कार्यक्रम?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त 2023 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी. इसका उद्देश्य मौजूदा भारतनेट नेटवर्क का उन्नयन, एकीकरण और विस्तार करना है. इस कार्यक्रम के तहत सभी ग्राम पंचायतों तक मजबूत और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के साथ-साथ मांग के आधार पर गांवों तक भी इंटरनेट सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.
तमिलनाडु के साथ हुआ यह समझौता राज्य के नेतृत्व वाले मॉडल के जरिए कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में मदद करेगा. इसके तहत भारतनेट के बुनियादी ढांचे के इस्तेमाल के लिए केंद्र सरकार वित्तीय सब्सिडी उपलब्ध कराएगी.
ग्रामीण टेलीकॉम विस्तार में डिजिटल भारत निधि की भूमिका
डिजिटल भारत निधि (Digital Bharat Nidhi) को पहले यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) के नाम से जाना जाता था. यह संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के अंतर्गत काम करती है.
इसकी स्थापना भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत 1 अप्रैल 2002 से प्रभावी हुई थी. दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत इसका नाम बदलकर डिजिटल भारत निधि कर दिया गया.
इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण, दूरदराज और ऐसे शहरी क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की सार्वभौमिक पहुंच को बढ़ावा देना है, जहां इन सेवाओं की उपलब्धता सीमित है.
भारतनेट के अलावा डिजिटल भारत निधि 4G सैचुरेशन प्रोजेक्ट जैसी कई कनेक्टिविटी योजनाओं को भी समर्थन देती है. इसमें आकांक्षी जिलों के ऐसे इलाके जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र, हिमालयी और सीमावर्ती इलाके, द्वीप समूह तथा पूर्वोत्तर राज्यों में मोबाइल सेवाओं का विस्तार शामिल है.
तमिलनाडु के साथ हुआ यह समझौता डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने के सरकार के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है.
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