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पेट केयर इंडस्ट्री में 50% से अधिक बूम, Gen Z-Millennials ने बढ़ाई मांग

Flipkart के ट्रेंड्स के अनुसार, भारत में पेट केयर इंडस्ट्री अब एक तेजी से विकसित होता हुआ लाइफस्टाइल सेगमेंट बन चुकी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago

भारत में पालतू जानवरों को अब सिर्फ साथी नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह देखा जा रहा है. इस बदलते भावनात्मक जुड़ाव का असर देश के तेजी से बढ़ते पेट केयर बाजार में साफ दिखाई दे रहा है. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart के ट्रेंड्स के मुताबिक, Gen Z और मिलेनियल्स की बढ़ती भागीदारी के चलते पेट केयर कैटेगरी में 50% से अधिक सालाना वृद्धि दर्ज की गई है.

पेट केयर इंडस्ट्री में मजबूत ग्रोथ ट्रेंड

IBEF (India Brand Equity Foundation) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का पेट केयर सेक्टर लगभग 20% की सालाना दर से बढ़ रहा है. इस ग्रोथ के पीछे बढ़ती आय, शहरी जीवनशैली और पालतू जानवरों के स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती जागरूकता प्रमुख कारण हैं. Flipkart के डेटा के अनुसार, अब उपभोक्ता केवल कुत्ते और बिल्ली ही नहीं, बल्कि मछलियों, पक्षियों और अन्य पालतू जानवरों के लिए भी उत्पाद खरीद रहे हैं.

Gen Z और Millennials बना रहे हैं बाजार की दिशा

Flipkart पर पेट केयर उत्पादों की कुल मांग में Gen Z और मिलेनियल्स की हिस्सेदारी 80% से अधिक है. यह युवा उपभोक्ता वर्ग अपने पालतू जानवरों के लिए अधिक जागरूक, प्रीमियम और कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दे रहा है. यह बदलाव दिखाता है कि अब पेट केयर सिर्फ बुनियादी जरूरतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक लाइफस्टाइल कैटेगरी बन चुका है.

मेट्रो और टियर-2 शहरों में बढ़ती मांग

बेंगलुरु, दिल्ली और कोलकाता जैसे बड़े शहर पेट केयर प्रोडक्ट्स की मांग के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं और कुल ऑर्डर्स में लगभग 10% का योगदान देते हैं. वहीं मैसूर, देहरादून और कटक जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी पेट ओनरशिप बढ़ने के साथ मांग तेजी से बढ़ रही है.

प्रीमियम और न्यूट्रिशन-फोकस्ड प्रोडक्ट्स की ओर झुकाव

अब उपभोक्ता साफ सामग्री वाले (clean-label), ब्रीड-स्पेसिफिक और फोर्टिफाइड पेट फूड की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे उत्पादों की मांग में 40% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है. यह संकेत देता है कि लोग अपने पालतू जानवरों के लिए बेहतर पोषण और व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार उत्पाद चुन रहे हैं.

हेल्थ, ग्रूमिंग और प्रिवेंटिव केयर पर बढ़ता फोकस

पेट केयर अब केवल भोजन और सफाई तक सीमित नहीं रहा. लोग अब प्रिवेंटिव हेल्थ केयर, ग्रूमिंग और सप्लीमेंट्स पर भी ध्यान दे रहे हैं. ट्रिमर्स, हेल्थ सप्लीमेंट्स और ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है, जो पालतू जानवरों के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं.

खेलने और एंगेजमेंट प्रोडक्ट्स में उछाल

Chew toys, chase toys, training aids, collars और इंटरएक्टिव एक्सेसरीज जैसी कैटेगरी में भी करीब 50% सालाना वृद्धि देखी गई है. यह ट्रेंड दर्शाता है कि पेट पेरेंट्स अब अपने पालतू जानवरों की फिजिकल एक्टिविटी और मेंटल स्टिमुलेशन पर भी उतना ही ध्यान दे रहे हैं.

पेट्स बन रहे हैं सेलिब्रेशन का हिस्सा

आज पालतू जानवर केवल घर का हिस्सा नहीं, बल्कि त्योहारों और खास मौकों का भी हिस्सा बन रहे हैं. इसी वजह से पेट एक्सेसरीज, कपड़ों और स्पेशल-ओकेजन प्रोडक्ट्स की बिक्री में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है.

भारत में पेट केयर इंडस्ट्री अब एक तेजी से विकसित होता हुआ लाइफस्टाइल सेगमेंट बन चुकी है. Flipkart के ट्रेंड्स साफ बताते हैं कि पालतू जानवरों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव अब सीधे तौर पर खरीदारी के पैटर्न को प्रभावित कर रहा है. आने वाले समय में यह सेक्टर और भी ज्यादा प्रीमियम, हेल्थ-फोकस्ड और टेक-ड्रिवन होने की ओर बढ़ सकता है.
 


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