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OPEC देशों ने तेल उत्पादन बढ़ाने का लिया फैसला, जानिए भारत पर क्या होगा असर
ओपेक देशों के इस फैसले से वैश्विक तेल बाजार में हलचल बढ़ना तय है. हालांकि उत्पादन में वृद्धि से जहां अन्य देशों को राहत मिल सकती है, वहीं भारत के लिए स्थिति उतनी फायदेमंद नहीं होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक और उसके सहयोगियों (OPEC+) ने अक्टूबर महीने से तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है. सऊदी अरब की अगुवाई में यह कदम उठाया गया है ताकि वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाई जा सके. हालांकि, पिछले महीनों की तुलना में इस बार उत्पादन वृद्धि की गति धीमी रहेगी.
ग्लोबल डिमांड में गिरावट बनी वजह
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ग्लोबल डिमांड में कमी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. सामान्य तौर पर उत्पादन बढ़ने पर क्रूड ऑयल के दाम गिरते हैं, लेकिन इस बार मांग घटने की वजह से कीमतों को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है. इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ेगा, जिन्हें तेल महंगा ही खरीदना पड़ेगा.
कितनी होगी बढ़ोतरी
ओपेक+ के आठ सदस्य देशों ने अक्टूबर से उत्पादन में 1.37 लाख बैरल प्रति दिन की वृद्धि पर सहमति जताई है. यह वृद्धि पहले की तुलना में काफी कम है. उदाहरण के लिए, अगस्त और सितंबर में यह बढ़ोतरी 5.55 लाख बैरल प्रति दिन थी, जबकि जून और जुलाई में करीब 4.11 लाख बैरल प्रति दिन का इजाफा किया गया था.
भारत को क्यों नहीं होगा फायदा
भारत के लिए इस बढ़ोतरी से ज्यादा राहत की उम्मीद नहीं है. दरअसल, भारत की करेंसी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले काफी कमजोर है और रुपया 88 के पार पहुंच चुका है. ऐसे में अगर क्रूड ऑयल के दाम कम भी होते हैं, तो कमजोर रुपये की वजह से भारत को ज्यादा फायदा नहीं मिल पाएगा. आने वाले दिनों में भारत के आयात खर्च पर असर रुपये की चाल पर निर्भर करेगा.
भारत का आयात बिल
भारत दुनिया के सबसे बड़े क्रूड ऑयल आयातक देशों में से एक है. 2023-24 में भारत ने करीब 232.5 मिलियन टन कच्चे तेल का आयात किया. इससे आयात पर निर्भरता 87.7% तक बढ़ गई. इस अवधि में भारत का कुल आयात बिल 132.4 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया.
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