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ONGC 2027 तक करेगी 30 लाख टन LNG का वार्षिक आयात, GAIL और पेट्रोनेट को मिलेगी टक्कर!
ONGC का यह विस्तार देश की ऊर्जा सुरक्षा, आयात विविधता और शहरी गैस वितरण नेटवर्क को मजबूत करेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सरकारी तेल और गैस कंपनी ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) इस वित्त वर्ष की चौथी तिमाही यानी जनवरी से मार्च 2026 के बीच आयातित एलएनजी (LNG) के कारोबार में कदम रखने की योजना बना रही है. कंपनी हेनरी हब (Henry Hub) या पश्चिम एशिया के हाजिर बाजारों से LNG खरीदने की दिशा में काम कर रही है. कंपनी 2027 तक 30 लाख टन सालाना (MMTPA) LNG आयात करने की दिशा में काम कर रही है और लंबी अवधि के एलएनजी सौदों की संभावनाएं भी तलाश रही है. आइए कंपनी की योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं.
शहरी गैस वितरण में भी करेगी प्रवेश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ONGC के रणनीति और कॉर्पोरेट मामलों के निदेशक अरुणांग्शु सरकार ने जानकारी दी है ONGC न केवल LNG आयात करेगी, बल्कि वह इसे शहरी गैस वितरण (CGD) क्षेत्र में भी प्रयोग करेगी. इसके लिए वह रीगैसीफाइड एलएनजी (R-LNG) का इंतजाम कर रही है, जो हेनरी हब या पश्चिम एशिया से खरीदा जाएगा.
ONGC का यह कदम GAIL (India) और पेट्रोनेट एलएनजी जैसी स्थापित कंपनियों को सीधी चुनौती देने वाला माना जा रहा है. गौरतलब है कि ONGC की खुद पेट्रोनेट में 12.5% हिस्सेदारी है, जबकि इसमें भारत पेट्रोलियम (BPCL), इंडियन ऑयल (IOCL) और GAIL के भी बराबर हिस्से हैं.
2030 तक LNG मांग में भारी बढ़ोतरी का अनुमान
2030 तक भारत में प्राकृतिक गैस की मांग 210 अरब घन मीटर (BCM) तक पहुंचने की संभावना है. इस मांग को पूरा करने के लिए सालाना लगभग 12.4 करोड़ टन LNG की आवश्यकता होगी. फिलहाल देश में हर साल करीब 70 अरब घन मीटर गैस की जरूरत होती है, जिसमें से केवल 50% की पूर्ति घरेलू उत्पादन से होती है और बाकी आयातित LNG से होती है.
ONGC अगले दो तिमाहियों में हाजिर बाजार से LNG सौदे करके इस व्यापार में प्रवेश करेगी और उसके बाद लंबी अवधि के अनुबंधों पर विचार करेगी. सरकार ने बताया कि कंपनी 3 एमएमटीपीए आर-एलएनजी का इंतजाम करने की दिशा में काम कर रही है.
टर्मिनल क्षमता में हो रहा विस्तार
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, ONGC ऐसे समय में LNG कारोबार में उतर रही है जब भारत में LNG टर्मिनल की क्षमता का तेजी से विस्तार हो रहा है. HPCL का छारा टर्मिनल जनवरी में शुरू हो चुका है. पेट्रोनेट अपने दाहेज टर्मिनल का विस्तार कर रही है, जो अगले 3-4 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है. वहीं, GAIL अपने दाभोल टर्मिनल की क्षमता को 2027 तक 63 लाख टन प्रति वर्ष करने का लक्ष्य रख रही है.
ऊर्जा मिश्रण में गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य
फिलहाल भारत की ऊर्जा खपत में गैस की हिस्सेदारी 6.7% है, जिसे सरकार 2030 तक 15% तक बढ़ाना चाहती है. ONGC की यह पहल इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
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