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NTPC का ग्रीन ट्रांजिशन: FY37 तक 250 GW क्षमता और 16.8 लाख करोड़ रुपये निवेश की तैयारी
NTPC ने FY2037 तक कुल 250 गीगावाट उत्पादन क्षमता और 136 गीगावाट रिन्यूएबल क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए 16.8 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी NTPC अब कोयला आधारित उत्पादन से आगे बढ़कर हरित ऊर्जा को अपनी विकास रणनीति का केंद्र बना रही है. पहली बार कंपनी की निर्माणाधीन नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल) परियोजनाओं की क्षमता कोयला आधारित परियोजनाओं से अधिक हो गई है. NTPC ने FY2037 तक कुल 250 गीगावाट उत्पादन क्षमता और 136 गीगावाट रिन्यूएबल क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए 16.8 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई गई है. बता दें, जून 2026 के अंत तक NTPC के पास 16.4 गीगावाट निर्माणाधीन रिन्यूएबल क्षमता थी, जबकि निर्माणाधीन कोयला आधारित परियोजनाओं की क्षमता 15.7 गीगावाट रही.
हरित ऊर्जा की ओर बढ़ा कंपनी का फोकस
NTPC ने करीब एक दशक पहले हरित ऊर्जा पर बढ़ते फोकस को देखते हुए अपना नाम 'नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन' से बदलकर सिर्फ NTPC कर लिया था. ताजा आंकड़े बताते हैं कि कंपनी तेजी से सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश बढ़ा रही है. जून 2025 के मुकाबले एक साल में निर्माणाधीन रिन्यूएबल क्षमता 24% बढ़ी है, जबकि कोयला आधारित परियोजनाओं की क्षमता में कमी आई है.
91 GW स्थापित क्षमता, ग्रीन एनर्जी का बढ़ता योगदान
वर्तमान में NTPC की कुल स्थापित क्षमता 91 गीगावाट है. इसमें 74 गीगावाट तापीय, 12 गीगावाट नवीकरणीय, 4 गीगावाट जलविद्युत और 1 गीगावाट पंप्ड स्टोरेज क्षमता शामिल है. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी ने 1.7 गीगावाट नई क्षमता जोड़ी, जिसमें 976 मेगावाट रिन्यूएबल और 820 मेगावाट तापीय क्षमता शामिल रही.
FY37 तक 250 GW क्षमता का लक्ष्य
NTPC के निदेशक (वित्त) जयकुमार श्रीनिवासन के मुताबिक, भविष्य में कंपनी की वृद्धि का सबसे बड़ा आधार रिन्यूएबल एनर्जी होगी, जिसका नेतृत्व NTPC Green Energy Ltd करेगी. कंपनी ने FY2032 तक 150 गीगावाट और FY2037 तक 250 गीगावाट कुल उत्पादन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है. इसी अवधि में रिन्यूएबल क्षमता को मौजूदा 12 गीगावाट से बढ़ाकर 136 गीगावाट तक पहुंचाने की योजना है.
16.8 लाख करोड़ रुपये निवेश करेगी कंपनी
NTPC के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह ने निवेशकों को बताया कि FY2037 तक क्षमता विस्तार के लिए कंपनी करीब 16.8 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी. यह निवेश रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS), पंप्ड स्टोरेज, परमाणु ऊर्जा, मोबिलिटी और अंतरराष्ट्रीय कारोबार जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा.
न्यूक्लियर और स्टोरेज पर भी बड़ा दांव
कंपनी 18 गीगावाट पंप्ड स्टोरेज क्षमता विकसित कर रही है और विभिन्न राज्यों में परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 30 संभावित स्थलों की पहचान कर चुकी है. हाल ही में NTPC और NPCIL के संयुक्त उद्यम ने राजस्थान के माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए 28,000 करोड़ रुपये की निविदा भी जारी की है.
भारत के ऊर्जा संक्रमण में अहम भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में NTPC की क्षमता वृद्धि का बड़ा हिस्सा हरित ऊर्जा से आएगा, जबकि ग्रिड की स्थिरता और बेसलोड मांग को पूरा करने में तापीय ऊर्जा की भूमिका बनी रहेगी. भारत ने भी 2035 तक कुल स्थापित क्षमता में 60% हिस्सेदारी गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें NTPC की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
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