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जल्द आ रहा है NSE का IPO: निवेशकों में दिखा जबरदस्त उत्साह
NSE का IPO केवल एक फाइनेंशियल इवेंट नहीं, बल्कि खुदरा निवेशकों के लिए भविष्य निर्माण का अवसर बनकर सामने आया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
भारत के सबसे प्रतिष्ठित वित्तीय संस्थानों में से एक, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का IPO जल्द ही आने वाला है, और खुदरा निवेशकों के बीच इसे लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. निवेशक इसे एक सुनहरा मौका मान रहे हैं NSE जैसे संस्थान में शुरुआती निवेश का अवसर, जिससे IPO लिस्टिंग के बाद दमदार रिटर्न की उम्मीद की जा रही है.
अनलिस्टेड मार्केट में भारी खरीदारी
NSE के IPO की खबर से पहले ही अनलिस्टेड शेयर बाजार में NSE के शेयरों की जबरदस्त मांग देखने को मिली है. बीते तीन महीनों में NSE के खुदरा निवेशकों की संख्या में चार गुना बढ़ोतरी हुई है. मार्च 2025 में जहां निवेशकों की संख्या 33,896 थी, वह जून 2025 में बढ़कर 1,46,208 हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार NSE के शेयरों में जिन निवेशकों ने ₹2 लाख तक का निवेश किया है, उनका कुल हिस्सेदारी 9.89% से बढ़कर 11.81% हो गई है. अनलिस्टेड शेयर बाजार में ऐसा उछाल पहले कभी नहीं देखा गया.
नियमों में बदलाव से खुदरा निवेशकों को मिला बढ़ावा
खुदरा निवेशकों की बढ़ती रुचि के पीछे एक बड़ा कारण है NSE द्वारा 24 मार्च 2025 को ISIN फ्रीज हटाना. पहले NSE के शेयर ट्रांसफर में तीन महीने का समय लगता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया एक दिन में पूरी हो रही है. अब छोटे निवेशक भी आसानी से लेन-देन कर पा रहे हैं, जिससे बाजार में उनकी भागीदारी तेजी से बढ़ी है. वेल्थ विस्डम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर और एमडी कृष्णा पटवारी का कहना है, "एक तिमाही में NSE के खुदरा शेयरधारकों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी पहले कभी नहीं देखी गई. यह उछाल आने वाले IPO की उम्मीदों और आसान ट्रेडिंग नियमों का नतीजा है."
SEBI चेयरमैन ने भी जताया भरोसा
SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने 21 जून 2025 को बयान दिया कि NSE के IPO में अब कोई रुकावट नहीं बची है. NSE ने को-लोकेशन और डार्क फाइबर विवाद के समाधान के लिए SEBI को 1,388 करोड़ रुपए का भुगतान किया है, जो अब तक की सबसे बड़ी अड़चन थी.
NSE का दमदार वित्तीय प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) में NSE ने ₹12,188 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल की तुलना में 47% अधिक है. वहीं, कंपनी की कुल कमाई 16% बढ़कर ₹17,141 करोड़ हो गई है. NSE का भारत के शेयर बाजार पर जबरदस्त दबदबा है:
- कैश इक्विटी सेगमेंट: 94% हिस्सा
- इक्विटी इंडेक्स फ्यूचर्स: 99%
- इक्विटी ऑप्शंस: 88%
वैश्विक स्तर पर भी मजबूत स्थिति
NSE न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक बड़ी ताकत है. यह वॉल्यूम के आधार पर दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज है और मार्केट कैप के हिसाब से पांचवां सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है. इसकी मौजूदा मार्केट कैप करीब ₹5.4 लाख करोड़ है, और बीते एक साल में NSE के शेयरों की कीमत दोगुनी हो चुकी है. 2024 में NSE ने 268 IPO कराए थे, जिनसे कुल ₹1.67 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए.
बड़े निवेशकों की भी हिस्सेदारी
NSE में देश के बड़े-बड़े संस्थागत और व्यक्तिगत निवेशकों की हिस्सेदारी है:
- LIC: 10.72%
- राधाकिशन दमानी: 1.58%
- अन्य प्रमुख निवेशक: अरांडा इन्वेस्टमेंट्स, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, और SBI कैपिटल मार्केट्स
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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