होम / बिजनेस / NSE IPO: आज आखिरी दिन, 1.46 गुना सब्सक्राइब हुआ इश्यू; GMP से लिस्टिंग के संकेत
NSE IPO: आज आखिरी दिन, 1.46 गुना सब्सक्राइब हुआ इश्यू; GMP से लिस्टिंग के संकेत
आईपीओ के शेयर ग्रे मार्केट में अपर प्राइस बैंड से करीब 48 रुपये ऊपर यानी लगभग 3 फीसदी के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं. इस हिसाब से अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब 1,833 रुपये बैठती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के 22,569 करोड़ रुपये के आईपीओ में निवेश के लिए आज यानी 21 सितंबर को आखिरी मौका है. इश्यू के तीसरे दिन सुबह 10:30 बजे तक इसे कुल 1.46 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था. रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी अभी पूरी तरह नहीं भरी है, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की ओर से मजबूत मांग देखने को मिली है. वहीं, ग्रे मार्केट में करीब 3 फीसदी का प्रीमियम आईपीओ की संभावित लिस्टिंग को लेकर संकेत दे रहा है.
तीसरे दिन तक 1.46 गुना सब्सक्रिप्शन
NSE IPO के तहत कुल 8.86 करोड़ शेयर ऑफर किए गए हैं. तीसरे दिन सुबह 10:30 बजे तक इश्यू को 1.46 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था. रिटेल निवेशकों के लिए 4.41 करोड़ शेयर रिजर्व रखे गए हैं, जिनमें से करीब 87 फीसदी के लिए बोलियां मिली हैं. नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.31 गुना और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा 1.83 गुना सब्सक्राइब हुआ है. कंपनी ने आईपीओ के लिए 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. एक लॉट में 8 शेयर हैं. अपर प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए 14,280 रुपये लगाने होंगे.
GMP से क्या संकेत मिल रहे हैं?
आईपीओ के शेयर ग्रे मार्केट में अपर प्राइस बैंड से करीब 48 रुपये ऊपर यानी लगभग 3 फीसदी के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं. इस हिसाब से अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब 1,833 रुपये बैठती है. हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं देता और इसमें लिस्टिंग तक बदलाव हो सकता है. NSE के शेयर 24 सितंबर को BSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है, जबकि शेयर अलॉटमेंट 22 सितंबर को होने की संभावना है.
पूरी तरह OFS है इश्यू
NSE का यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है. यानी आईपीओ से जुटाई गई रकम कंपनी के पास नहीं जाएगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारकों को उनके शेयर बेचने से प्राप्त होगी. कई ब्रोकरेज फर्मों ने NSE IPO को लेकर सकारात्मक राय दी है और लंबी अवधि के नजरिए से सब्सक्रिप्शन की बात कही है. रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ ब्रोकरेज ने NSE के वैल्यूएशन की तुलना उसके प्रतिद्वंद्वी BSE से करते हुए इसे अपेक्षाकृत कम वैल्यूएशन पर उपलब्ध बताया है. NSE की कैश मार्केट में करीब 93 फीसदी हिस्सेदारी है. कंपनी के कारोबार की एक प्रमुख विशेषता इसका मजबूत मार्जिन और कर्ज-मुक्त स्थिति है.
कमाई और कारोबार से जुड़े जोखिम
निवेशकों के लिए कंपनी के कारोबार से जुड़े जोखिमों को समझना भी जरूरी है. वित्त वर्ष 2026 में NSE का रेवेन्यू 3.1 फीसदी घटकर 16,601 करोड़ रुपये रहा. इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 12,188 करोड़ रुपये से घटकर 10,302 करोड़ रुपये रह गया.
कंपनी की कमाई में ट्रांजैक्शन चार्ज की बड़ी हिस्सेदारी है. कुल आय का करीब 78.7 फीसदी हिस्सा ट्रांजैक्शन चार्ज से आता है और इसमें ऑप्शंस ट्रेडिंग का बड़ा योगदान है. ऐसे में शेयर बाजार के नियमों में बदलाव का NSE की आय पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा, ऑप्शंस मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी में भी कुछ कमी दर्ज की गई है.
NSE IPO के प्रमुख आंकड़े
इश्यू साइज: 22,569 करोड़ रुपये
प्राइस बैंड: 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर
लॉट साइज: 8 शेयर
न्यूनतम निवेश: 14,280 रुपये
तीसरे दिन तक कुल सब्सक्रिप्शन: 1.46 गुना
रिटेल हिस्सा: 87 फीसदी सब्सक्राइब
NII हिस्सा: 2.31 गुना
QIB हिस्सा: 1.83 गुना
GMP: करीब 3 फीसदी
अलॉटमेंट की संभावित तारीख: 22 सितंबर
लिस्टिंग की संभावित तारीख: 24 सितंबर
टैग्स