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अब Small Cap और Midcap में आपका फंड होगा ज्‍यादा सुरक्षित, SEBI ने उठाया ये कदम 

पिछले कुल सालों में इस फंड की ग्रोथ पर नजर डालें तो वो बेहतर रही है. इसी का नतीजा है कि लोग इन फंड की ओर ज्‍यादा आकर्षित हो रहे हैं. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

बीते कुछ सालों में म्‍यूचुवल फंड सेक्‍टर में हो रहे निवेश में जो बात नोटिस की जा रही है वो ये कि स्‍मॉल कैप और मिडकैप फंड में लोग जमकर निवेश कर रहे हैं. क्‍योंकि इस तरह के फंड को लेकर बीते कुछ सालों में रिटर्न ज्‍यादा देखने को मिला है. ऐसे में इनमें निवेश करने वालों की बाढ़ सी आ गई है. लेकिन अब सेबी ने इन फंड में निवेश करने वालों की पूंजी की सुरक्षा के लिए कदम उठाते हुए सभी कंपनियों को कहा है कि वो  बताएं कि आखिर निवेशकों के पैसे की सुरक्षा के लिए वो क्‍या कदम उठा रहे हैं. 

क्‍या है सेबी का प्‍लॉन? 
दरअसल बीते कुछ समय में स्‍मॉल कैप और मिडकैप फंड में निवेश करने वालों की तादात में इजाफा हुआ है. ऐसे में सेबी को लगता है कि इन निवेशकों के पैसे की सुरक्षा की जानी चाहिए. सेबी ने इस संबंध में निवेश संरक्षण नीति बनाई है. इसके दो पहलू हैं. इसमें पहला हो रहे बड़े निवेश को नियंत्रित करना और निवेश पोर्टफोलियो को संतुलित करना है. सेबी की ओर से कहा गया है कि म्‍यूचुवल फंड के फंड मैनेजरों को निवेशक की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताना चाहिए. दूसरा पहलू ये है कि अगर निवेशक जल्‍दी रिडेम्‍पशन करता है तो उसे नुकसान न हो.  

ये है सेबी की चिंता का कारण 
दरअसल पिछले कुछ समय में स्‍मॉल कैप और मिड कैप फंड में निवेशकों ने जबरदस्‍त निवेश किया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लेकिन ये आशंका भी पैदा हो रही है कि ये उछाल ज्‍यादा हो सकता है. इसी तरह की सुरक्षा को बढ़ाते हुए पहले ही कई फंड मैनेजर कुछ कदम उठा चुके हैं. इसमें एसबीआई म्‍युचुवल फंड, निप्‍पॉन इंडिया, कोटक और टाटा म्‍युचुवल फंड जैसे कुछ एसेट मैनेजरों ने पहले ही स्‍मॉल कैप योजनाओं की सदस्‍यता पर प्रतिबंध लगा दिया है. 

किस फंड में हुआ है कितना इजाफा? 
अगर पिछले तीन महीनों में एसएंडपी बीएसई स्‍मॉल कैप टीआरई (कुल रिटर्न इंडेक्‍स) और एसएंडपी बीएसई मिडकैप टीआरआई में 16.9% और 16.11 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. अगर पिछले एक साल में इनकी ग्रोथ पर नजर डालें तो 70.64 प्रतिशत और 59. 08 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है. एसएंडपी बीएसई 250 स्मॉलकैप को एसएंडपी बीएसई 500 के भीतर कुल बाजार पूंजीकरण द्वारा 250 स्मॉल-कैप कंपनियों के प्रदर्शन को ट्रैक करने के लिए डिजाइन किया गया है जो एसएंडपी बीएसई 100 या एसएंडपी बीएसई 150 मिडकैप का हिस्सा नहीं हैं.

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