✕

होम / बिजनेस / पैसा रखें तैयार, आ रहा है एक और कंपनी का IPO

पैसा रखें तैयार, आ रहा है एक और कंपनी का IPO

पिछले कुछ वक्त में कई कंपनियों के आईपीओ आ चुके हैं. अब एक और कंपनी IPO लेकर आ रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

इनिशियल पब्लिक आफरिंग यानी IPO में इन्वेस्ट करने वालों के लिए अच्छी खबर है. एक और कंपनी का आईपीओ आने वाला है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Tracxn Technologies (TTL) अपना आईपीओ ला रही है, जो 10 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा. कंपनी ने इसका प्राइस बैंड 75-80 रुपए प्रति शेयर तय किया है. Tracxn प्राइवेट कंपनियों के लिए मार्केट इंटेलिजेंस डेटा प्रदान करती है.  

ये बेच रहे अपने शेयर
कंपनी के प्रमोटरों में, नेहा सिंह और अभिषेक गोयल के साथ ही फ्लिपकार्ट के संस्थापक बिन्नी बंसल और सचिन बंसल भी शामिल हैं. कंपनी के को-फाउंडर नेहा सिंह और अभिषेक गोयल 76.6 लाख शेयर बेच सकते हैं. वहीं, बिन्नी बंसल और सचिन बंसल प्रत्येक 12.6 लाख शेयर बेचने के बारे में सोच रहे हैं. इसके अलावा, Accel India IV Mauritius, एससीआई इन्वेस्टमेंट्स वी, साहिल बरुआ, दीपक सिंह, ट्रस्टी, कोल्लूरी लिविंग ट्रस्ट, मिलिवेज फंड, रत्नागिरीश मातृभूमि, एपोलेटो एशिया और डब्ल्यूजीजी इंटरनेशनल भी शेयर बेचने में शामिल हो सकते हैं.

12 अक्टूबर तक रहेगा खुला
कंपनी का IPO 10 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और इसे 12 अक्टूबर तक सब्सक्राइब किया जा सकता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि निवेशक 185 इक्विटी शेयरों तक के लिए बोली लगा सकते हैं. योग्य संस्थागत निवेशकों के लिए 75 फीसदी कोटा रिजर्व रखा गया है, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों को 15% शेयर मिलेंगे. शेष 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल बोलीदाताओं को आवंटित किया जाएगा.

IPO क्या होता है
Initial Public Offer यानी IPO, जब कोई कंपनी इक्विटी मार्केट से यानी शेयर बाजार से पैसे जुटाना चाहती है तो उसके पास बहुत से तरीके होते हैं. उसी में से एक तरीका होता है  IPO. जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर पब्लिक में बेचने के लिए ऑफर करती है, तो उसे Initial Public Offer या IPO कहते हैं. ये शेयर BSE और NSE जैसे स्टॉक एक्सचेंज के जरिए निवेशकों की खरीद के लिए रखे जाते हैं. जब ये शेयर निवेशकों द्वारा खरीद लिए जाते हैं तो वो कंपनी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हो जाती है और प्राइवेट से पब्लिक लिस्टेड कंपनी बन जाती है.

IPO क्यों लाती है कंपनी
जब कोई कंपनी शुरू होती है तो उसके पास कई निवेशक होते हैं जो उसमें पैसा डालते हैं, लेकिन एक समय के बाद कंपनी को जब अपना विस्तार करना होता है तो उसे बहुत ज्यादा पैसों की जरूरत पड़ती है. पैसों की जरूरत को पूरा करने के लिए कंपनी के पास कई तरीके होते हैं, कंपनी चाहे तो बैंक से लोन भी ले सकती है, लेकिन ये तरीका कंपनी को थोड़ा महंगा पड़ता है क्योंकि इसमें कंपनी को ब्याज चुकाना होता है और समय पर लोन का भुगतान भी करना होता है. दूसरा तरीका IPO का है, जिसमें कंपनी अपना कुछ हिस्सा पब्लिक को बेचकर पैसा जुटाती है. इसमें कंपनियों को न तो कोई ब्याज देना होता है और न ही पैसे लौटाने होते हैं. लोगों को शेयर जारी करके वो कंपनी में उन्हें अपना हिस्सेदार बना लेती है. लेकिन IPO लाने के बाद कंपनियों की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं. उन्हें कंपनी से जुड़े फैसलों के लिए शेयरधारकों की मंजूरियां लेनी होती हैं. वो कोई भी फैसला ऐसे नहीं कर सकतीं जिससे कंपनी के शेयरों में गिरावट आए और निवेशकों को नुकसान हो. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

दूसरी तिमाही में मुनाफे में आई शिपरॉकेट, ₹0.6 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज; रेवेन्यू 34.7% बढ़ा

शिपरॉकेट का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 34.7 फीसदी बढ़कर 673.6 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 500.2 करोड़ रुपये था.

4 hours ago

CenturyPly का दूसरी तिमाही का राजस्व 28.5% बढ़कर 1,780 करोड़ रुपये पहुंचा

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व दर्ज किया. प्लाईवुड, एमडीएफ, लैमिनेट्स और लॉजिस्टिक्स कारोबार में मजबूत वृद्धि से कंपनी के प्रदर्शन को सहारा मिला.

6 hours ago

“अगर बोर्ड बंटा हुआ है, तो सभी की ब्रांड वैल्यू घटती है”

रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर और BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि ने BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अनुराग बत्रा के साथ इस बातचीत में उत्तराधिकारियों के मूल्यांकन, सार्वजनिक विवादों से कारोबार को बचाने और संपत्ति सृजन में कॉरपोरेट गवर्नेंस की अहमियत पर चर्चा की.

7 hours ago

सेबी का जापानी समझौता: ऐसे नुकसान का निपटारा, जो अब अस्तित्व में ही नहीं है

एक पूर्णकालिक सदस्य ने निप्पॉन से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. दूसरे सदस्य अभी फैसला नहीं कर पाए हैं. बॉन्ड फिर से जीवित हो गए हैं. और सेबी चेयरमैन की डायरी बार-बार निप्पॉन से टकरा रही है.

8 hours ago

वेदांता की पूर्व डिप्टी CFO स्वाति चौहान ने शुरू की अपनी कंपनी, निवेशक संबंधों पर करेगी काम

गुरुग्राम की Vaydha Advisory स्मॉल और मिड-कैप कंपनियों को निवेशक संबंध (Investor Relations), IPO की तैयारी, कंपनियों के विभाजन और अधिग्रहण से जुड़ी सलाह देगी.

8 hours ago


बड़ी खबरें

“अगर बोर्ड बंटा हुआ है, तो सभी की ब्रांड वैल्यू घटती है”

रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर और BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि ने BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अनुराग बत्रा के साथ इस बातचीत में उत्तराधिकारियों के मूल्यांकन, सार्वजनिक विवादों से कारोबार को बचाने और संपत्ति सृजन में कॉरपोरेट गवर्नेंस की अहमियत पर चर्चा की.

7 hours ago

विश्व बैंक: भारत ने रचा इतिहास

भारत में गरीबी में आई भारी कमी एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इस प्रगति को बनाए रखने के लिए बेहतर रोजगार और कम ध्रुवीकृत राजनीतिक व्यवस्था जरूरी है.

4 hours ago

ZEE5 में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-क्रिएटिव नियुक्त हुए प्रिंस मिश्रा

प्राइम वीडियो में काम कर चुके प्रिंस मिश्रा के पास फिल्म, विज्ञापन, टेलीविजन, रेडियो और ओटीटी क्षेत्र में 14 साल से अधिक का अनुभव है. ZEE5 में वह ब्रांड की पहचान मजबूत करने और दर्शकों के साथ जुड़ाव बढ़ाने पर काम करेंगे.

6 hours ago

CenturyPly का दूसरी तिमाही का राजस्व 28.5% बढ़कर 1,780 करोड़ रुपये पहुंचा

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व दर्ज किया. प्लाईवुड, एमडीएफ, लैमिनेट्स और लॉजिस्टिक्स कारोबार में मजबूत वृद्धि से कंपनी के प्रदर्शन को सहारा मिला.

6 hours ago

सेबी ने म्यूचुअल फंड के लिए शुरू की नेट सेटलमेंट की सुविधा, 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे नियम

सेबी ने म्यूचुअल फंड स्कीमों को शेयरों की खरीद और बिक्री से मिलने वाली रकम को आपस में एडजस्ट करने की अनुमति दी है.

9 hours ago