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अब महिलाओं को रिसर्च में आगे लाने के लिए इस कंपनी ने शुरू की ये फेलोशिप, ये मिलेगा फायदा
मौजूदा समय में भारत में हर पांच पुरुषों पर सिर्फ एक महिला वैज्ञानिक ही काम कर रही है. महिलाओं की भागीदारी सिर्फ 16 प्रतिशत है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
STEM क्षेत्र से जुड़े रिसर्च कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए दुनिया की नामी कंपनी HUL ने एक फेलोशिप की शुरूआत की है. HUL ने इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ साइंट की पांच महिलाओं को इस बार इस इस क्षेत्र में रिसर्च के लिए फेलोशिप देने का फैसला किया है. STEM को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स कहा जाता है. अभी इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी काफी कम है.
हर पांच में सिर्फ 1 महिला कर रही है रिसर्स
मौजूदा समय में आंकड़ों पर नजर डालें तो हर पांच पुरुषों में एक महिला ही है जो इस क्षेत्र में रिसर्च कर रही है. इस क्षेत्र में रिसर्च से जुड़ी नौकरियो में महिलाओं को महज 16 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व मिल पाता है. कंपनी का मकसद इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाने का है. इस फेलोशिप के तहत जो महिलाएं STEM के क्षेत्र में पीएचडी कर रही हैं,उन्हें मदद मुहैया कराकर इस क्षेत्र में आगे लाने को लेकर काम कर रही है.
क्या बोले कंपनी के सीईओ?
इस घोषणा के बाद कंपनी के सीईओ रोहित जावा ने कहा कि इस क्षेत्र में महिलाओं के लिए अपने करियर को बनाना एक बड़ी चुनौती होती है. उन्होंने ये भी कहा कि इसका डटकर मुकाबला किया जाना चाहिए.उन्होंने कहा कि आज दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहरों में चल रही हमारी आर एंड टी जैसी टीमों में 50 प्रतिशत महिलाएं काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि ये फेलोशिप महिलाओं को आगे बढ़ने में बड़ी मददगार साबित होगी.
कैसे हुआ है इसके लिए महिलाओं का चयन
कंपनी की ओर से जानकारी दी गई है कि आईआईएससी के प्रमुख शिक्षाविदों के एक पैनल ने इन प्रमुख प्रतिभागियों का सलेक्शन किया है. इस फेलोशिप के लिए चयन होने के लिए उनकी अध्ययन क्षमता, उनके रिसर्च कार्यक्रम, रिसर्च एचीवमेंट, और रिसर्च के बाद होने वाले प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई है. कंपनी ने कहा कि ये पीएम रिसर्च फेलोशिप के बराबर पूरे पांच साल के लि बच्चों को मदद देने का काम करती है. HUL की इस फेलोशिप की दूसरी सबसे खास बात ये भी है कि इसमें वित्तीय सहायता के साथ उस क्षेत्र के प्रमुख सलाहकारों तक भी एक्सेस मिलता है.
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