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अब बदलने वाला है कर्ज देने के लिए आंकलन करने का तरीका, पूरी तरह होगा डिजिटल

इसी तरह अभी तक क्रेडिट स्‍कोर से लेकर सैलरी और आपके फाइनेंशियल व्‍यवहार का रिकॉर्ड देखा जाता है. लेकिन इस डिजिटल तरीके में लोगों का आंकलन जैसी चीजें शामिल हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

पब्लिक सेक्‍टर बैंक से कर्ज लेना किसी पहाड़ तोड़ने ये कम काम नहीं है. आम लोगों से लेकर उद्योगों को अभी बैलेंस शीट से लेकर अकाउंट सेटलमेंट जैसे प्रावधानों से राहत मिल जाएगी. इसी तरह आम आदमी को कर्ज देने के लिए असेसमेंट के दूसरे तरीकों का सहारा लिया जाएगा जिसमें उसकी ऑनलाइन परचेजिंग से लेकर यूजर बिल का भुगतान शामिल है. बैंकों का मानना है कि ऐसा करने से कर्ज देने का तरीका भी आसान होगा और आने वाले दिनों में इसका असर भी दिखाई देगा. 

आखिर MSME के लिए क्‍या होंगे प्रावधान? 
अब तक MSME को अगर लोन लेना होता था तो उसके लिए उन्‍हें अपनी बैलेंस शीट से लेकर अकाउंट स्‍टेटमेंट जैसे दस्‍तावेजों के भरोसे रहना होता था. लेकिन डिजिटल तरीके में दूसरे दस्‍तावेजों को आधार बनाने की तैयारी हो रही है. इसमें MSME के द्वारा कर्मचारियों को दी जा रही सैलरी, कंपनी के यूटिलिटी बिल की पेमेंट,कंपनी की ट्रांजैक्‍शन, पीएफ पेमेंट, कर्मचारियों के एनपीएस का पेमेंट शामिल हैं. इसी तरह की पेमेंट की हिस्‍ट्री देखकर अब पब्लिक सेक्‍टर बैंक लोन देने की तैयारी कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लोन देने का नया डिजिटल तरीका अक्‍टूबर से लागू हो सकता है. 

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आम आदमी की योग्‍यता का कैसे होगा मूल्‍यांकन? 
इसी तरह अभी तक क्रेडिट स्‍कोर से लेकर सैलरी और आपके फाइनेंशियल व्‍यवहार का रिकॉर्ड देखा जाता है. लेकिन इस डिजिटल तरीके में लोगों का सोशल मीडिया इंटीरेक्‍शन, ऑन लाइन परचेजिंग और यूटिलिटी बिल का आंकलन जैसी चीजें शामिल हैं. इसी तरह से आम आदमी की ऑनलाइन परचेजिंग डीटेल की भी जांच की जाएगी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर किसी कंपनी के पास 10 कर्मचारियों की संख्‍या है लोन के लिए उसका आंकलन करने के लिए उसके पास पर्याप्‍त डेटा मौजूद होगा. लेकिन मौजूदा व्‍यवस्‍था उसकी अनुमति नहीं देती है. इस व्‍यवस्‍था में बदलाव करने की भी तैयारी हो रही है. 

इस नई व्‍यवस्‍था से क्‍या होगा फायदा? 
सरकार की इस नई व्‍यवस्‍था का मकसद छोटे MSME और बड़े MSME के बीच के गैप को खत्‍म करने का है. दरअसल मौजूदा व्‍यवस्‍था में होता ये है कि पब्लिक सेक्‍टर बैंक छोटे एमएसएमई और बड़ी एमएसएमई को एक जैसे ही ट्रीट करते हैं. छोटे MSME से भी बड़े MSME की तरह बैलेंस शीट और कॉर्पोरेट की तरह व्‍यवहार करते हैं. इन सभी परिस्थितियों में छोटे एमएसएमई को कर्ज नहीं मिल पाता है. लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि नई व्‍यवस्‍था के लागू होने के बाद छोटे एमएसएमई को भी कर्ज मिल जाएगा. 
 


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