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अब पलक झपकते ही हो जायेगी ऑनलाइन पेमेंट...ये सिस्‍टम लागू करेगा RBI

मौजूदा पेमेंट सिस्‍टम में जहां बैंक को हर पीए के साथ इंटीग्रेट होना पड़ता है वहीं दूसरी ओर इस सिस्‍टम में जोखिम भी बना रहता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

ऑनलाइन पेमेंट को और आसान बनाने के लिए आरबीआई नई सुविधा को लेकर आने वाला है. आरबीआई ऑनलाइन पेमेंट को आसान बनाने वाली सेवा इंटरऑपरेबल पेमेंट सिस्‍टम को जल्‍द से जल्‍द शुरू कर सकता है. इस सेवा के शुरू होने के बाद आसानी से पेमेंट की जा सकेगी. मौजूदा समय में जो तरीका इस्‍तेमाल हो रहा है उसमें जोखिम बना रहता है. लेकिन नए तरीके के आने के बाद पेमेंट सुरक्षित हो जाएगा. 

क्‍या बोले आरबीआई गवर्नर ? 
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने डिजिटल सप्‍ताह जागरुकता अभियान के कार्यक्रम में बोलते हुए ये बात कही. उन्‍होंने कहा कि मौजूदा समय में कई PA (payment Aggregator) के होने के कारण बैंक को हर PA के साथ इंटीग्रेट होने में समय लगता है. इसके अतिरिक्‍त सिंगल पेमेंट सिस्‍टम न होने और अलग-अलग नियमों के कारण पेमेंट सिस्‍टम को परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसमें जोखिम भी बना रहता है. इन जोखिम को दूर करने और परेशानियों को खत्‍म करने के लिए आरबीआई ने एनपीसीआई भारत बिलपे लिमिटेड को ऐसी प्रणाली लागू करने की मंजूरी दी थी. 

क्‍या होती है इंटरआपरेटेबल पेमेंट सेवा? 
इंटरआपरेटेबल पेमेंट सेवा इस साल ही शुरू हो सकती है. मौजूदा समय में इंटरनेट बैंकिंग ऑनलाइन पेमेंट सेवा आयकर, बीमा प्रीमियम, म्यूचुअल फंड भुगतान और ई कॉमर्स व्‍यवसाय का पसंदीदा तरीका है. लेकिन इस पेमेंट सिस्‍टम में बैंक को अलग-अलग पेमेंट एग्रीगेटर के साथ इंटीग्रेट होना पड़ता है. जबकि इंटरऑपरेटेबल पेमेंट सेवा में ये सारी परेशानियां खत्‍म हो जाएंगी. इन परेशानियों के खत्‍म होने के कारण पेमेंट जल्‍दी और सुरक्षित तरीके से होगी. 

इस वित्‍त वर्ष में शुरू हो सकती है सेवा 
RBI प्रमुख ने कहा कि इंटरआपरेबल पेमेंट की ये सुविधा इस साल में शुरू हो सकती है. ये नया पेमेंट सिस्‍टम सबसे ज्‍यादा बिजनेस करने वाले कारोबारियों के लिए फायदेमंद होगा. उन्‍होंने यूपीआई पेमेंट सिस्‍टम की तारीफ करते हुए कहा कि ये आज भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का पसंदीदा पेमेंट सिस्‍टम बन गया है. आज समूचे पेमेंट में डिजिटल भुगतान 80 प्रतिशत की हिस्‍सेदारी रखता है. 2017 में जहां 43 करोड़ यूपीआई पेमेंट हो रही थी वहीं आज 2023 में ये 11761 करोड़ तक पहुंच गई है. आज इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात ये लगाया जा सकता है कि हर दिन 42 करोड़ लेनदेन किए जा रहे हैं.  

ये भी पढ़ें: UP सरकार ने Defence के बाद अब Semiconductor इंडस्‍ट्री के लिए खोले दरवाजे
 


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