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अब जमीन भी बनेगी डिजिटल एसेट! महाराष्ट्र ला रहा है देश का पहला ब्लॉकचेन लैंड टोकन कानून
इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य अचल संपत्तियों को ब्लॉकचेन तकनीक के जरिए टोकनाइज करने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करना है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
महाराष्ट्र सरकार जमीन और अचल संपत्तियों के लेन-देन को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. राज्य ब्लॉकचेन आधारित लैंड टोकनाइजेशन के लिए देश का पहला कानूनी ढांचा तैयार करने की तैयारी में है. प्रस्तावित कानून के तहत जमीन की जानकारी और संपत्ति के मूल्य को डिजिटल टोकन में बदला जा सकेगा, जिससे प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन में पारदर्शिता बढ़ने के साथ प्रक्रिया भी तेज हो सकती है.
महाराष्ट्र डिजिटाइजेशन एंड एक्सचेंज ऑफ लैंड टोकन एसेट’ अधिनियम का काम शुरू
महाराष्ट्र सरकार ने ‘महाराष्ट्र डिजिटाइजेशन एंड एक्सचेंज ऑफ लैंड टोकन एसेट’ (DELTA) अधिनियम की दिशा में कदम बढ़ा दिया है. इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य अचल संपत्तियों को ब्लॉकचेन तकनीक के जरिए टोकनाइज करने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करना है. टोकनाइजेशन एक ऐसी डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें किसी वास्तविक संपत्ति या उसकी जानकारी को डिजिटल टोकन में बदला जाता है. ब्लॉकचेन तकनीक की मदद से इन डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से दर्ज किया जा सकता है.
जमीन की छिपी वैल्यू को सामने लाने की कोशिश
राज्य सरकार का मानना है कि जमीन जैसी अचल संपत्तियों की वास्तविक क्षमता और छिपे हुए मूल्य को सामने लाकर नए आर्थिक अवसर तैयार किए जा सकते हैं. महाराष्ट्र का लक्ष्य साल 2030 तक 1 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है और इस दिशा में सरकार नए राजस्व स्रोतों की तलाश कर रही है.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्तावित कानून के मसौदे पर चर्चा की गई. मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, फडणवीस ने अधिकारियों को ऐसा कानूनी ढांचा तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें ब्लॉकचेन आधारित प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन को स्पष्ट कानूनी मान्यता मिल सके.
SEBI, BSE और NSE के विशेषज्ञों वाली समिति बनाएगी सरकार
सरकार इस कानून का विस्तृत मसौदा तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करेगी. इसमें भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रतिनिधियों के अलावा ब्लॉकचेन और एसेट टोकनाइजेशन क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे.
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अचल संपत्तियों को उनके वास्तविक मूल्य के आधार पर डिजिटल टोकन में बदला जा सकेगा. इन टोकन के जरिए ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म पर लेन-देन संभव होगा.
प्रॉपर्टी डील और लोन प्रक्रिया हो सकती है आसान
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से जमीन के मालिकाना हक को लेकर स्पष्टता बढ़ेगी और संपत्ति से जुड़े लेन-देन ज्यादा सुरक्षित और तेज हो सकेंगे. इसके अलावा संपत्ति को बैंक लोन के लिए गिरवी रखने की प्रक्रिया भी आसान हो सकती है.
महाराष्ट्र सरकार का मानना है कि टोकनाइजेशन से प्रॉपर्टी मालिक अपनी संपत्ति के वास्तविक मूल्य का बेहतर इस्तेमाल कर सकेंगे और बाजार में नई तरह की वित्तीय गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.
अंतरराष्ट्रीय नियमों का अध्ययन करेगी सरकार
मुख्यमंत्री फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कानून को अंतिम रूप देने से पहले दुनिया भर में एसेट टोकनाइजेशन से जुड़े नियमों और मॉडलों का अध्ययन किया जाए. अगर महाराष्ट्र इस प्रस्ताव को लागू करता है तो वह ब्लॉकचेन आधारित जमीन टोकनाइजेशन के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने वाला देश का पहला राज्य बन सकता है. सरकार का कहना है कि यह कदम शासन व्यवस्था में नई तकनीक के इस्तेमाल और आर्थिक विकास को गति देने में मदद करेगा.
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