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अब भारत को जल्‍द मिल सकेगी विदेशी Real State निवेश की जानकारी, इस फोरम पर हुआ समझौता 

OECD एक ऐसा संगठन है जिसके सदस्‍य देश अपनी आर्थिक नीतियों को सुधारने में एक दूसरे की मदद पा सकते हैं. ये डेटा संग्रहण से लेकर कई अन्‍य मामलों पर काम करता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

इस साल हुई जी 20 देशों की मीटिंग के बाद अब भारत के लिए एक और बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है. विदेशी धन जिसे लोगों ने स्विस बैंक में छिपाकर रखा है उसकी जानकारी तो भारत सरकार को मिल ही रही थी लेकिन अब देश के बाहर बिना जानकारी के रियल स्‍टेट में निवेश करने वालों का डेटा भी सरकार को मिल जल्‍द मिल सकेगा. इसके अतिरिक्‍त जी 20 देशों के बीच फाइनेंशियल जानकारी का भी आदान प्रदान जल्‍द शुरू होने की उम्‍मीद है. 

आखिर क्‍या है ये फैसला? 
दरअसल जी 20 देशों के बीच एक फोरम बना है उस फोरम का नाम है ओएनसीडी (आर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट). सूत्रों से मिली जानकारी कहती है कि अब जी 20 देशों के बीच समझौता हुआ है कि वो अपने वहां एक दूसरे के नागरिकों के द्वारा खरीदी गई जमीनों के ब्‍यौरे को भी मुहैया कराएंगे. अब तक कई बार ऐसा होता था कि भारत में रहने वाला वहां के बैंक में तो पैसा जमा नहीं करता था लेकिन वो वहां के रियल स्‍टेट बाजार में निवेश कर देता था.  उसकी जानकारी सरकार को नहीं मिल पाती थी जिसके कारण ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं हो पाती थी. 

फाइनेंशियल डेटा का भी हो सकेगा आदान प्रदान 
ओएनसीडी (आर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट) देशों के बीच फाइनेंशियल डेटा के आदान प्रदान को लेकर भी समझौता हुआ है. इस समझौते के तहत सभी देश एक दूसरे को उनके वहां होने वाले फाइनेंशियल डेटा का भी ब्‍यौरा शेयर कर सकेंगे. यही नहीं ये डेटा रियल टाइम बेस पर करना होगा. 

आखिर क्‍या है ओएनसीडी? 
OECD का मतलब है ‘आर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट’. यह एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो 1961 में स्थापित हुआ था और उसका मुख्य कार्य आर्थिक सहयोग और विकास के क्षेत्र में सदस्य देशों के बीच सहयोग करना है. OECD के सदस्य देश विकसित और आर्थिक रूप से मजबूत देश होते हैं और इसका उद्देश्य विभिन्न आर्थिक मुद्दों पर विचारणा और सहयोग करना है, जैसे कि आर्थिक विकास, वित्तीय स्थिरता, और सार्वभौमिक विकास जैसे विषय शामिल हैं. OECD के कामकाज में आर्थिक डेटा संग्रहण, विश्लेषण, और साझा करना शामिल होता है, जिससे सदस्य देश अपनी आर्थिक नीतियों को सुधारने में मदद प्राप्त कर सकते हैं. OECD विशेष ध्यान देता है कि आर्थिक सुधार और विकास सामाजिक संरचना, आर्थिक न्याय, और पर्यावरण के प्रति सावधानी से किया जाए, और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन और विमर्श के लिए डेटा और अनुसंधान प्रदान करता है. 
 


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