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अब DGCA ने दी पायलटों को इतने घंटे आराम देने की सलाह, इस घटना के बाद उठाया कदम 

इस प्रस्‍ताव में सभी पायलटों को 2 दिन का अनिवार्य आराम देने और एक अवकाश से दूसरे अवकाश के बीच 168 घंटे का समय तय किया गया है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने पायलटों को आराम देने के लिए के लिए कई तरह के सुझाव एविएशन कंपनियों को दिए हैं. DGCA की सलाह के अनुसार, सभी पायलटों को हफ्ते में दो दिन का ऑफ देना जरूरी किया गया है. DGCA ने ये कदम हाल ही में सामने आए पायलटों की थकान के मामले के बाद उठाया है, जिसमें इंडिगो के एक पॉयलट की नागपुर एयरपोर्ट पर हुई मौत के बाद उठाया है. इस प्रस्‍ताव में अनिवार्य रूप से 48 घंटे का आराम देने की सलाह दी गई है.

क्‍या कह रही हैं DGCA की गाइडलाइन? 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, DGCA की गाइडलाइन के अनुसार, सभी शेड्यूल एयरलाइनों के प्रमुखों को पिछली तिमाही के दौरान सामने आई थकान रिपोर्ट और उन पर कंपनी के द्वारा उठाए गए एक्‍शन की रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है. DGCA ने अपने इस सुझाव में ये भी कहा है कि एक ऑपरेटर ये तय करेगा कि पायलट को 48 घंटे का सुझाव दिया गया है, जिसमें 2 लोकल रातों का भी स्‍टे देना होगा. साथ ही ये भी कहा गया है कि साप्‍ताहिक आराम के अंत और अगले की शुरुआत के बीच में 168 घंटे से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए. 

क्‍या बोले इंडिगो के CEO? 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले पर इंडिगो के सीईओ पीटर एल्‍बर्स ने कहा है कि इस मुद्दे पर बहुत विचार करने की जरूरत है. उन्‍होंने कहा कि सुरक्षा में सुधार करने का सबसे बेहतर तरीका ये है कि आप पारदर्शी तरीके से काम करें. उन्‍होंने कहा हम पायलटों से फीडबैक ले रहे हैं. इसके लिए हम अंतराष्‍ट्रीय मानकों को भी विशेष रूप से देख रहे हैं. उन्‍होंने ये भी कहा हम ये भी देख रहे हैं कि अमेरिका और यूरोपीय यूनियन में इस पर कैसे काम किया जाता है हम ये भी देख रहे हैं. 

आने वाले सालों में और ग्रो करेगी ये इंडस्‍ट्री  

नागरिक उड्डयन आवश्‍यकता में ड्यूटी अवधि, उड़ान ड्यूटी अवधि, उड़ान समय सीमाएं, और निर्धारित आराम अवधि, को लेकर सुझाव मांगे गए हैं. इस ड्राफ्ट पर सभी स्‍टेक होल्‍डर से 4 दिसंबर पर टिप्‍पडि़यां मांगी गई हैं. भारत सबसे तेजी से बढ़ते सिविल एविएशन मार्केट में से एक है. इसमें आने वाले समय में पायलटों की और जरूरत बढ़ेगी, क्‍योंकि लगभग सभी एविएशन कंपनियां अपने बेड़े में विस्‍तार कर रही हैं और सुरक्षा सबसे अहम विषय है. 


 


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