✕

होम / बिजनेस /  NLB सर्विसेज ने लॉन्च किया Brandpipal, अगले पांच वर्षों में 25 मिलियन डॉलर राजस्व का लक्ष्य

 NLB सर्विसेज ने लॉन्च किया brandpipal, अगले पांच वर्षों में 25 मिलियन डॉलर राजस्व का लक्ष्य

NLB सर्विसेज द्वारा ब्रांडपिपल की शुरुआत कंपनी के व्यवसाय विस्तार और मार्केटिंग-तकनीक (MarTech) क्षेत्र में उसकी मजबूत मौजूदगी दर्ज करने की रणनीतिक पहल है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

ग्लोबल टेक्नोलॉजी और डिजिटल टैलेंट सॉल्यूशंस प्रदाता एनएलबी सर्विसेज (NLB Services) ने सोमवार को ब्रांडपिपल (brandpipal) नामक एक नई पूर्ण-सेवा वाली मार्केटिंग और एम्प्लॉयर ब्रांडिंग फर्म की शुरुआत की है. यह नया वेंचर कंपनियों को डेटा-आधारित मार्केटिंग, रणनीति से प्रेरित अभियानों और उद्देश्यपूर्ण कहानी कहने के माध्यम से ब्रांड निर्माण में मदद करेगा. ब्रांडपिपल एनएलबी सर्विसेज की टैलेंट और वर्कफोर्स सॉल्यूशंस से आगे बढ़कर मार्टेक (MarTech) और ब्रांडिंग के उभरते हुए क्षेत्र में कदम रखने की रणनीतिक पहल है. इसका उद्देश्य आने वाले पांच वर्षों में 20 गुना वृद्धि हासिल करना है और इस दौरान 25 मिलियन डॉलर का राजस्व अर्जित करना है.

जीसीसी और वैश्विक ब्रांडों को मिलेगा समाधान

ब्रांडपिपल एक स्वतंत्र व्यवसाय इकाई के रूप में कार्य करेगा, जो ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), B2B एंटरप्राइजेज, D2C ब्रांड्स और टेक स्टार्टअप्स सहित विविध क्षेत्रों के लिए इंटीग्रेटेड मार्केटिंग सेवाएं प्रदान करेगा. इसका फोकस गो-टू-मार्केटिंग रणनीति, एम्प्लॉयर ब्रांडिंग, परफॉर्मेंस मार्केटिंग, ऑनलाइन रेप्युटेशन मैनेजमेंट, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और विजुअल क्रिएटिव डिजाइन जैसी सेवाओं पर  रहेगा. 

ब्रांडपिपल पहले ही AI स्टार्टअप्स, वैश्विक सिस्टम इंटीग्रेटर्स, पब्लिशिंग और ट्रैवल सेक्टर से जुड़ी कई कंपनियों को अपने क्लाइंट पोर्टफोलियो में शामिल कर चुका है, जिससे इसके प्रति बाजार में सकारात्मक रुख नजर आ रहा है.

ब्रांडपिपल की सह-संस्थापक और एनएलबी सर्विसेज की मार्केटिंग हेड अशीमा कक्कड़ के नेतृत्व में वर्तमान में 75 से अधिक मार्केटिंग प्रोफेशनल्स की एक अनुभवी टीम कार्यरत है. कंपनी की योजना अगले पांच वर्षों में इस टीम को बढ़ाकर 500 से अधिक सदस्यों तक पहुंचाने की है. टीम में मार्कटेक प्लेटफॉर्म्स, एआई, डेटा एनालिटिक्स, क्रिएटिव स्टोरीटेलिंग और स्ट्रैटेजिक डिजाइन के क्षेत्र में गहरा अनुभव रखने वाले विशेषज्ञ शामिल हैं.

मार्केट में बदलाव का समय

ब्रांडपिपल का यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब डिजिटल बदलाव और बदलती ऑडियंस अपेक्षाओं के चलते ब्रांडिंग परिदृश्य तेजी से बदल रहा है. भारत में इस समय 1800 से अधिक जीसीसी कार्यरत हैं और अगले पांच वर्षों में 400 और खुलने की संभावना है. ऐसे में डिजिटल-फर्स्ट मार्केटिंग और एम्प्लॉयर ब्रांडिंग की जरूरत तेजी से बढ़ी है. एनएलबी सर्विसेज पहले से ही अपने क्लाइंट्स को एम्प्लॉयर ब्रांडिंग के क्षेत्र में सहयोग देता रहा है, खासकर जब वे नए बाजारों में प्रवेश करते हैं या अपने संचालन का विस्तार करते हैं. ब्रांडपिपल उसी अनुभव के आधार पर एआई-सक्षम, डेटा-ड्रिवन ब्रांडिंग सॉल्यूशंस प्रदान करेगा.

प्रतिक्रिया

एनएलबी सर्विसेज के सीईओ सचिन अलुग ने कहा,"ब्रांडपिपल का लॉन्च हमारी दीर्घकालिक दृष्टि को दर्शाता है, जिसमें हम खुद को एक पूर्ण व्यावसायिक समाधान प्रदाता के रूप में स्थापित करना चाहते हैं. जनरेटिव एआई और ऑटोमेशन के इस दौर में, डेटा-आधारित निर्णयों को क्रिएटिव स्टोरीटेलिंग के साथ जोड़ने की जरूरत बढ़ती जा रही है. ब्रांडपिपल हमारे क्लाइंट्स को स्केलेबल, प्रामाणिक और उद्देश्यपूर्ण ब्रांड बनाने में मदद करेगा."

ब्रांडपिपल के सह-संस्थापक अशीमा कक्कड़  ने कहा, "यह हमारे लिए एक बड़ा क्षण है. हमारा उद्देश्य है कि हम उन कंपनियों के साथ काम करें जो स्पष्ट मकसद के साथ काम कर रही हैं, और उन्हें रणनीतिक, डेटा-संचालित मार्केटिंग समाधान प्रदान करें जिनका वास्तविक प्रभाव हो. ब्रांडपिपल तकनीक और मानवीय विशेषज्ञता का सही संतुलन लाकर कंपनियों को उनकी सच्ची कहानी कहने, नए बाजारों में प्रवेश करने, सही प्रतिभा को आकर्षित करने और टिकाऊ सफलता हासिल करने में मदद करेगा."


टैग्स
सम्बंधित खबरें

यूएई भारत में करेगा 25 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश, पोर्ट, एनर्जी और स्पेस पर फोकस

2032 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य, भारत में पहले ही करीब 25 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है यूएई

16 hours ago

बॉम्बे रेयॉन की दिवाला जांच: बिना बही-खातों के ₹483 करोड़ के सप्लायर बिल

भाग 2: बॉम्बे रेयॉन की दिवाला प्रक्रिया में उसके सप्लायर्स द्वारा किए गए कुल दावों में से आधे से अधिक का कंपनी के अपने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो सका, इनमें से ₹317 करोड़ चार ट्रेडिंग कंपनियों के थे, जिनके पास कोई मिल नहीं है. संबंधित पक्ष के तौर पर चिन्हित किए गए केवल दो दावे प्रमोटर्स से जुड़े थे, और दोनों का पूरा भुगतान किया गया, जबकि 2,027 कर्मचारियों को प्रति रुपये पर 14 पैसे की वसूली हुई. यह वही कंपनी है, जिसकी खरीद के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कर्ज दिया, तीन बार पुनर्गठन किया और अंततः ₹1,300 करोड़ से अधिक की रकम को बट्टे खाते में डाल दिया.

16 hours ago

त्योहारी सीजन से पहले फ्लिपकार्ट की बड़ी तैयारी, 1.4 करोड़ क्यूबिक फीट बढ़ी वेयरहाउसिंग क्षमता

लेह, कारगिल और पूर्वोत्तर के कई नए इलाकों तक पहुंचा ‘द बिग बिलियन डेज’; ईकार्ट नेटवर्क में जुड़े 750 से ज्यादा नए पिन कोड

17 hours ago

अडानी ग्रुप को सेबी से बड़ी राहत, MPS मामले में 4 कंपनियों ने ₹1.48 करोड़ में किया सेटलमेंट

अडानी ग्रुप से जुड़े मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) मामले में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 28 सितंबर को दो अहम आदेश जारी किए.

18 hours ago

बैंकिंग से कमाई तक: महिला CSPs कैसे बना रही हैं अपनी आर्थिक पहचान

विश्व बैंक के ग्लोबल फिनडेक्स 2025 के मुताबिक, 2024 में भारत में 89.2 फीसदी महिलाओं और 88.8 फीसदी पुरुषों के पास किसी वित्तीय संस्थान या मोबाइल मनी सेवा में खाता था. यानी खाता स्वामित्व के मामले में महिलाओं और पुरुषों के बीच अंतर लगभग खत्म हो चुका है.

19 hours ago


बड़ी खबरें

कच्चा तेल नरम, एशियाई बाजार मजबूत, फिर भी गिफ्ट निफ्टी कमजोर; आज कैसी होगी शुरुआत?

मंगलवार को सेंसेक्स 242.65 अंक यानी 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ 72,529.07 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी इंडेक्स 64.05 अंक यानी 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 22,716.20 पर बंद हुआ.

1 hour ago

बॉम्बे रेयॉन की दिवाला जांच: बिना बही-खातों के ₹483 करोड़ के सप्लायर बिल

भाग 2: बॉम्बे रेयॉन की दिवाला प्रक्रिया में उसके सप्लायर्स द्वारा किए गए कुल दावों में से आधे से अधिक का कंपनी के अपने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो सका, इनमें से ₹317 करोड़ चार ट्रेडिंग कंपनियों के थे, जिनके पास कोई मिल नहीं है. संबंधित पक्ष के तौर पर चिन्हित किए गए केवल दो दावे प्रमोटर्स से जुड़े थे, और दोनों का पूरा भुगतान किया गया, जबकि 2,027 कर्मचारियों को प्रति रुपये पर 14 पैसे की वसूली हुई. यह वही कंपनी है, जिसकी खरीद के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कर्ज दिया, तीन बार पुनर्गठन किया और अंततः ₹1,300 करोड़ से अधिक की रकम को बट्टे खाते में डाल दिया.

16 hours ago

2049 तक बदल जाएगी भारत की जनसांख्यिकी, ‘वृद्ध समाज’ बनने से बढ़ेंगी आर्थिक चुनौतियां: मूडीज

प्रजनन दर में गिरावट और तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी से पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी वित्त पर बढ़ सकता है दबाव; उत्पादकता बढ़ाना और श्रमबल का विस्तार होगा अहम

35 minutes ago

टाटा संस की लिस्टिंग से ग्रुप कंपनियों की रेटिंग पर क्या होगा असर? S&P ने दिया बड़ा अपडेट

S&P के मुताबिक, टाटा समूह की रेटिंग वाली कंपनियां स्वतंत्र पेशेवर प्रबंधन के तहत काम करती हैं, लेकिन टाटा संस उनकी रणनीतिक दिशा को प्रभावित करती है.

51 minutes ago

यूएई भारत में करेगा 25 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश, पोर्ट, एनर्जी और स्पेस पर फोकस

2032 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य, भारत में पहले ही करीब 25 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है यूएई

16 hours ago