✕

होम / बिजनेस / बड़ा दावा: ‘इंफोसिस, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों के फाउंडर्स भी कर चुके हैं मूनलाइटिंग’

बड़ा दावा: ‘इंफोसिस, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों के फाउंडर्स भी कर चुके हैं मूनलाइटिंग’

हाल ही में IT कंपनी विप्रो ने मूनलाइटिंग करने वाले अपने कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

'मूनलाइटिंग' का मुद्दा इस समय गर्माया हुआ है. जहां विप्रो, इंफोसिस जैसी कंपनियां इसके खिलाफ हैं. वहीं, मोदी सरकार के मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कर्मचारियों के पक्ष में बयान दिया है. IT मंत्रालय के राज्य मंत्री चंद्रशेखर का कहना है कि कर्मचारियों पर इस तरह शिकंजा कसना गलत है. इस बीच, IT कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन नेसेंट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट (NITES) के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सलूजा ने बड़ा दावा किया है.

पुराना है इतिहास 
एक मीडिया संस्थान से बातचीत में हरप्रीत सिंह सलूजा ने कहा कि इंफोसिस, फ्लिपकार्ट, फ्रेशडेस्क और कई अन्य सफल कंपनियों की स्थापना उनके फाउंडर्स ने मूनलाइटिंग करते हुए ही की थी. उन्होंने कहा, 'इतिहास उठाकर देख लीजिये, मूनलाइटिंग कोई नई बात नहीं है. जब नारायण मूर्ति ने इंफोसिस की स्थापना की थी, तब वह Patni Computer Systems के साथ काम कर रहे थे'.

दिए कई उदाहरण
सलूजा ने आगे कहा कि फ्लिपकार्ट की स्थापना सचिन और बिन्नी बंसल ने अमेज़न के लिए काम करने के दौरान की थी. इसी तरह, पिछले साल नैस्डैक में सूचीबद्ध की गई कंपनी फ्रेशडेस्क की स्थापना जब Girish Mathrubootham ने की, तब वह Zoho Corporation के साथ काम कर रहे थे. बता दें कि कई IT कंपनियों ने मूनलाइटिंग को नियमों का उल्लंघन करार देते हुए कर्मचारियों इससे दूर रहने की हिदायत दी है.

विप्रो ने निकाले 300 कर्मचारी
हाल ही में विप्रो (Wipro) ने अपने 300 कर्मचारियों को बगैर नोटिस दिए नौकरी से निकाल दिया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन रिशद प्रेमजी का कहना था कि निकाले गए कर्मचारी विप्रो के साथ-साथ विरोधी कंपनी में भी काम कर रहे थे. इन वर्कर्स ने कंपनी इंटीग्रेशन का उल्लंघन किया, इसलिए हमने उनकी सर्विसेज टर्मिनेट कर दीं.

क्या कहा था चंद्रशेखर ने?
'पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया (PAFI) के 9वें सत्र में राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को मूनलाइटिंग पर बात की थी. उन्होंने कहा था कि कंपनियों को अपने कर्मचारियों पर शिकंजा नहीं कसना चाहिए. उन्हें अपने कर्मचारियों के सपनों पर रोक नहीं लगानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि आज वर्क कल्चर में बदलाव आया है और इसे पहचानने वाली कंपनियां सफल होंगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान कार्यबल के मनोविज्ञान रूप से बड़ा बदलाव आया है और कंपनियों को चाहिए कि इसका लाभ उठाएं, न कि इसे नज़रअंदाज करें.

आखिर क्या है मूनलाइटिंग?
मूनलाइटिंग का मतलब होता है नियमित नौकरी के साथ-साथ किसी तरह की अन्य नौकरी करना. उदाहरण के तौर पर आप एक कंपनी में काम करते हैं, उसके टाइमिंग के बाद आप एक्स्ट्रा कमाई के लिए कोई पार्ट-टाइम जॉब ढूंढ लेते हैं, तो उसे मूनलाइटिंग कहा जाएगा. अक्सर लोग नाइट और वीकएंड पर इस तरह की जॉब करते हैं. पश्चिमी देशों में तो लंबे समय से मूनलाइटिंग का कल्चर है. लेकिन, भारत में कोविड-19 महामारी के बाद से इसमें तेजी आई है. हालांकि, आईटी कंपनियों का मानना है कि इससे कर्मचारियों की परफॉर्मेंस और कामकाज पर असर पड़ रहा है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

CenturyPly का दूसरी तिमाही का राजस्व 28.5% बढ़कर 1,780 करोड़ रुपये पहुंचा

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व दर्ज किया. प्लाईवुड, एमडीएफ, लैमिनेट्स और लॉजिस्टिक्स कारोबार में मजबूत वृद्धि से कंपनी के प्रदर्शन को सहारा मिला.

11 hours ago

“अगर बोर्ड बंटा हुआ है, तो सभी की ब्रांड वैल्यू घटती है”

रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर और BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि ने BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अनुराग बत्रा के साथ इस बातचीत में उत्तराधिकारियों के मूल्यांकन, सार्वजनिक विवादों से कारोबार को बचाने और संपत्ति सृजन में कॉरपोरेट गवर्नेंस की अहमियत पर चर्चा की.

12 hours ago

सेबी का जापानी समझौता: ऐसे नुकसान का निपटारा, जो अब अस्तित्व में ही नहीं है

एक पूर्णकालिक सदस्य ने निप्पॉन से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. दूसरे सदस्य अभी फैसला नहीं कर पाए हैं. बॉन्ड फिर से जीवित हो गए हैं. और सेबी चेयरमैन की डायरी बार-बार निप्पॉन से टकरा रही है.

13 hours ago

वेदांता की पूर्व डिप्टी CFO स्वाति चौहान ने शुरू की अपनी कंपनी, निवेशक संबंधों पर करेगी काम

गुरुग्राम की Vaydha Advisory स्मॉल और मिड-कैप कंपनियों को निवेशक संबंध (Investor Relations), IPO की तैयारी, कंपनियों के विभाजन और अधिग्रहण से जुड़ी सलाह देगी.

13 hours ago

निकॉन इंडिया ने 80dB कम्यूनिकेशंस को सौंपी PR की जिम्मेदारी, ब्रांड की पहचान मजबूत करने पर फोकस

इसके तहत कंपनी भारत में फोटोग्राफी, फिल्ममेकिंग और कंटेंट क्रिएटर से जुड़े तेजी से बढ़ते बाजार में निकॉन की मौजूदगी को मजबूत करने का काम करेगी.

13 hours ago


बड़ी खबरें

“अगर बोर्ड बंटा हुआ है, तो सभी की ब्रांड वैल्यू घटती है”

रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर और BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि ने BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अनुराग बत्रा के साथ इस बातचीत में उत्तराधिकारियों के मूल्यांकन, सार्वजनिक विवादों से कारोबार को बचाने और संपत्ति सृजन में कॉरपोरेट गवर्नेंस की अहमियत पर चर्चा की.

12 hours ago

विश्व बैंक: भारत ने रचा इतिहास

भारत में गरीबी में आई भारी कमी एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इस प्रगति को बनाए रखने के लिए बेहतर रोजगार और कम ध्रुवीकृत राजनीतिक व्यवस्था जरूरी है.

9 hours ago

ZEE5 में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-क्रिएटिव नियुक्त हुए प्रिंस मिश्रा

प्राइम वीडियो में काम कर चुके प्रिंस मिश्रा के पास फिल्म, विज्ञापन, टेलीविजन, रेडियो और ओटीटी क्षेत्र में 14 साल से अधिक का अनुभव है. ZEE5 में वह ब्रांड की पहचान मजबूत करने और दर्शकों के साथ जुड़ाव बढ़ाने पर काम करेंगे.

11 hours ago

CenturyPly का दूसरी तिमाही का राजस्व 28.5% बढ़कर 1,780 करोड़ रुपये पहुंचा

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व दर्ज किया. प्लाईवुड, एमडीएफ, लैमिनेट्स और लॉजिस्टिक्स कारोबार में मजबूत वृद्धि से कंपनी के प्रदर्शन को सहारा मिला.

11 hours ago

सेबी ने म्यूचुअल फंड के लिए शुरू की नेट सेटलमेंट की सुविधा, 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे नियम

सेबी ने म्यूचुअल फंड स्कीमों को शेयरों की खरीद और बिक्री से मिलने वाली रकम को आपस में एडजस्ट करने की अनुमति दी है.

14 hours ago