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1 अगस्त से नई रोजगार योजना की शुरुआत: 3.5 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना न केवल रोजगार सृजन को गति देगी, बल्कि युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी और भारत के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
श्रम मंत्रालय ने शुक्रवार को 'प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना' (PMVBRY) आगामी 1 अगस्त 2025 से देशभर में लागू करने की घोषणा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है. इस योजना का कुल परिव्यय 99,446 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है और इसका लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है. इनमें से करीब 1.92 करोड़ लोग पहली बार कार्यबल में शामिल होंगे.
समावेशी और हरित रोजगार का उद्देश्य
सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह योजना देश में समावेशी और पर्यावरण-अनुकूल रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में एक मजबूत कदम है. योजना का मुख्य उद्देश्य नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करना है, विशेषकर विनिर्माण क्षेत्र में. यह रोजगार-आधारित विकास के ज़रिए आर्थिक वृद्धि को गति देने की सरकार की रणनीति का एक अहम हिस्सा है. बता दें, यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित होने वाली नौकरियों पर लागू होगी.
दो भागों में बंटी योजना
PMVBRY योजना को दो भागों में विभाजित किया गया है:
1. भाग A: यह पहली बार कार्यबल में शामिल हो रहे कर्मचारियों के लिए है.
2. भाग B: यह उन नियोक्ताओं को प्रोत्साहन देता है जो नए कर्मचारियों को नियुक्त करते हैं.
EPFO से जुड़े कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
भाग A के तहत, ऐसे कर्मचारी जो पहली बार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में पंजीकृत होंगे, उन्हें 15,000 रुपये तक के मासिक वेतन पर दो किस्तों में EPF योगदान की राशि दी जाएगी.
1. पहली किस्त: छह महीने की सेवा के बाद.
2. दूसरी किस्त: 12 महीने की सेवा पूरी करने और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम में भाग लेने के बाद.
नियोक्ताओं के लिए विशेष प्रोत्साहन
भाग B के तहत, ऐसे नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा जो एक लाख रुपये तक वेतन वाले नए कर्मचारियों को कम से कम छह महीने तक लगातार रोजगार देंगे. सरकार ऐसे प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो वर्षों तक हर माह अधिकतम 3000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देगी.
विनिर्माण क्षेत्र को मिलेगा विशेष लाभ
सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र को अतिरिक्त बढ़ावा देने का निर्णय लिया है. इस क्षेत्र में नियुक्त कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि तीसरे और चौथे वर्ष तक भी बढ़ाई जाएगी, जिससे औद्योगिक विकास को बल मिलेगा.
बचत और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा
सरकार की योजना के अनुसार, कर्मचारियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा एक निश्चित अवधि तक जमा खाते में रखा जाएगा, जिससे बचत की आदत को बढ़ावा मिले. यह राशि बाद में कर्मचारी द्वारा निकाली जा सकेगी.
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