होम / बिजनेस / Inox Wind का विलय मंजूर, समूह को मिलेगा वित्तीय और संचालन लाभ
Inox Wind का विलय मंजूर, समूह को मिलेगा वित्तीय और संचालन लाभ
एनसीएलटी चंडीगढ़ बेंच ने 10 जून को दी मंजूरी, घटेंगी 2,050 करोड़ रुपये की देनदारियां
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की चंडीगढ़ बेंच ने इनोक्स विंड एनर्जी लिमिटेड (IWEL) और इनोक्स विंड लिमिटेड (IWL) के बहुप्रतीक्षित विलय को मंजूरी दे दी है. इस फैसले से INOXGFL ग्रुप की पवन ऊर्जा इकाई को एकीकृत, सरल और मजबूत ढांचा मिलेगा, जिससे वित्तीय, संरचनात्मक और संचालन संबंधी लाभ मिलना तय है.
यह योजना पिछले दो वर्षों से प्रक्रिया में थी, और अब मंजूरी मिलने के बाद IWL की देनदारियां लगभग ₹2,050 करोड़ घट जाएंगी, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट और अधिक मज़बूत होने का अनुमान है.
विलय के बाद, INOXGFL ग्रुप के प्रमोटर अब सीधे तौर पर IWL में हिस्सेदारी रखेंगे.
मंजूरी के अनुसार, IWEL के प्रत्येक 10 इक्विटी शेयरों के बदले IWL के 632 इक्विटी शेयर (प्रत्येक ₹10 अंकित मूल्य) जारी किए जाएंगे. शेयर आवंटन की प्रक्रिया अगले 1 से 1.5 महीने में नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद पूरी होने की उम्मीद है.
INOXGFL ग्रुप के कार्यकारी निदेशक देवांश जैन ने कहा, “यह विलय हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है. यह पिछले दो वर्षों के परिश्रम का परिणाम है और हमारी पवन ऊर्जा इकाई के लिए एक नया मील का पत्थर है, जिसने हाल के वर्षों में परिचालन और वित्तीय स्तर पर महत्वपूर्ण सुधार दिखाया है.”
उन्होंने आगे कहा कि, “सरल शेयरहोल्डिंग संरचना और मजबूत पूंजी स्थिति से सभी हितधारकों, विशेष रूप से अल्पसंख्यक शेयरधारकों को लाभ मिलेगा. हम भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध हैं और आने वाले वर्षों में ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में हैं.”
यह विलय ऐसे समय में हुआ है जब भारत के कई बड़े समूह अपने नवीकरणीय ऊर्जा व्यवसायों का पुनर्गठन और समेकन कर रहे हैं, जिससे वे अधिक उत्पादक और निवेशकों के लिए आकर्षक बन सकें. कंपनी का मानना है कि यह कदम न केवल INOXGFL ग्रुप की स्वच्छ ऊर्जा रणनीति को मजबूती देगा, बल्कि देश के ऊर्जा संक्रमण मिशन में भी योगदान देगा.
टैग्स