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इस बड़ी कंपनी का दावा, लम्बी छलांग मारेगी भारतीय IT इंडस्ट्री

पिछले साल IT इंडस्ट्री में 15.5% यानी लगभग 227 बिलियन डॉलर्स का इजाफा हुआ था और इस क्षेत्र ने बढ़ी हुई कमाई में लगभग 30 बिलियन डॉलर्स का योगदान भी दिया था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

साल 2022 – 2023 के बीच भारतीय IT (इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी) क्षेत्र के निर्यात, भारतीय इकॉनमी की रफ्तार से ज्यादा तेजी से बढ़ेंगे. मार्केट में मौजूद अनिश्चित भावनाओं और कीमतों को सही करने के लिए उठाये जा रहे बड़े और लम्बे फैसलों के बावजूद IT क्षेत्र में वृद्धि होने की आशंका जताई जा रही है. इस साल के दौरान भारतीय इकॉनमी की विकास दर 7% रहने की उम्मीद जताई जा रही है. 
IT क्षेत्र की बढ़त के पीछे यह है मुख्य वजह
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो IT इंडस्ट्री की प्रमुख संस्था Nasscom ने कहा कि, IT के क्षेत्र में भारत को निर्यात से होने वाली कमाई में लगभग 11.4% की वृद्धि होगी. अगर करेंसी के सन्दर्भ में बात करें तो यह आंकड़ा लगभग 194 बिलियन डॉलर्स के आस पास है. इस क्षेत्र के प्रमुख मार्केट US ने 10.4% की वृद्धि दर्ज की है, वहीं एशिया पसिफिक क्षेत्र की बात करें तो इस क्षेत्र ने 10.1% की गति से IT में बढ़त दर्ज की है. लेकिन, यूरोप में IT इंडस्ट्री ने 7.3% की धीमी रफ़्तार दर्ज की है. IT इंडस्ट्री को BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सुविधाएं और इंश्योरेंस), मैन्युफैक्चरिंग, टेलिकॉम/हाईटेक, इंजीनियरिंग एवं रिसर्च एंड डेवलपमेंट, IT सुविधाओं और बिजनेस के अलग-अलग हिस्सों में BPM (बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट) और प्रोडक्ट्स जैसे बुनियादी क्षेत्रों की वजह से बढ़त मिली है. 
2030 तक 500 बिलियन डॉलर्स का आंकड़ा छू लेगा IT क्षेत्र
पिछले साल IT इंडस्ट्री में 15.5% यानी लगभग 227 बिलियन डॉलर्स का इजाफा हुआ था और इस क्षेत्र ने बढ़ी हुई कमाई में लगभग 30 बिलियन डॉलर्स का योगदान भी दिया था. आज से दो साल पहले Nasscom-Mckinsey ने अनुमान लगाया था कि भारत की IT इंडस्ट्री का क्षेत्र सालाना कमाई के मामले में 300 – 350 बिलियन डॉलर्स के आंकड़े के आस पास पहुंच जाएगा. IT क्षेत्र में इस वृद्धि के पीछे की वजह क्लाउड का अधिक इस्तेमाल, AI साइबर-सिक्योरिटी, और बढ़ती हुई अन्य टेक्नोलॉजी को माना जा रहा था. इसके साथ ही Nasscom ने साल 2030 तक IT इंडस्ट्री द्वारा 500 बिलियन डॉलर्स के आंकड़े तक पहुँचने की उम्मीद भी जताई थी. 
असामान्य बना हुआ है वातावरण
एक इंटरव्यू के दौरान Nasscom की प्रेसिडेंट Debjani Ghosh ने कहा – “अगर आप मुड़कर देखें तो 2022 वापसी का साल था, इस साल के दौरान मजबूती से वापसी करने पर प्रमुख रूप से ध्यान दिया जा रहा था जिससे हमें कमाई के साथ-साथ बिजनेस के विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत और स्थिर बढ़त मिल सके. वह वातावरण जिसमें हम आज रह रहे हैं वह सामान्य नहीं है और ऐसे वातावरण में भी इंडस्ट्री का ध्यान कमाई के लिए इन्वेस्टमेंट करने पर है. भविष्य के लिए तय की गयी रणनीतियों, मजबूत गवर्नेंस, टैलेंट और डिजिटल विश्वास की पहुंच, प्राइवेसी, सिक्योरिटी और विश्वसनीयता आदि से मिली रफ़्तार की बदौलत साल 2030 तक भारत में IT इंडस्ट्री 500 बिलियन डॉलर्स की सीमा तक पहुंच जायेगी. 
Nasscom के चेयरपर्सन Krishnan Ramanujam ने कहा कि IT इन्दुस्व्ट्री के क्षेत्र में कुछ ध्यान देने योग्य बदलाव हुए हैं. फिलहाल इंडस्ट्री ने अपनी कुर्सियों की पेटियां बांधकर, कीमत के स्ट्रक्चर को सही करके, क्षमता बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा कस्टमर्स तक पहुंचने की ठान ली है. 2023 – 2024 के बारे में पूछने पर Debjani Ghosh ने बताया कि Nasscom ने बहुत से कंपनियों के CEOs को आशावादी भावना में देखा है. “हमें विश्वास है कि खर्चा बढ़ेगा लेकिन हमें यह भी विश्वास है कि हालात भी बदलेंगे. 
महिला कर्मचारियों को भी मिले मौके
इस साल इंडस्ट्री ने 2.9 लाख नए रोजगार दिए हैं जिसके बाद इंडस्ट्री के कर्मचारियों की संख्या लगभग 54 लाख के आस पास पहुंच गयी है. भारतीय IT इंडस्ट्री में 36% डिजिटली स्किल्ड कर्मचारी मौजूद हैं जो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)/ ML (मशीन लर्निंग) टैलेंट में विश्व में दुसरे स्थान पर मौजूद हैं और क्लाउड प्रोफेशनल्स के मौजूदा बेस के आधार पर विश्व में तीसरे स्थान पर हैं. पिछले साल लगभग 20 लाख नए रोजगार देने के साथ कंपनी ने 1.4 लाख महिला कर्मचारियों को भी मौक़ा दिया था. 
भारत को इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट का पसंदीदा डेस्टिनेशन बनाने में GCC (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर) का बहुत बड़ा हाथ है. इस साल ने अब तक भारत ने 65 नए GCC जोड़े हैं जिसके बाद कुल GCC की संख्या 1570 हो गयी है. इंजीनियरिंग एंड रिसर्च एंड डेवलपमेंट जैसे उपक्षेत्रों में भी 11.1% की वृद्धि देखने को मिली है. भारत के पास लगभग 27000 स्टार्टअप्स हैं जिसमें 1300 नए और पिछले साल के 23 नए प्रमुख स्टार्टअप्स भी मौजूद हैं.
 

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