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बांग्लादेश में श्रमिकों का बुरा हाल, एक दशक से न्याय का कर रहे हैं इंतजार

बांग्लादेश में गारमेंट वर्कर का बुरा हाल है. श्रमिकों पिछले एक दशक से न्याय की मांग कर रहे हैं लेकिन श्रमिकों को डरा-धमकाकर चुप कराने के लिए उनके खिलाफ मनमाने मामले दर्ज किए गए है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर AMNESTY INTERNATIONAL ने कहा कि बांग्लादेश में गारमेंट वर्कर को भय और दमन के माहौल का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि श्रमिकों के अधिकारों पर राज्य द्वारा स्वीकृत कार्रवाई के बीच बिजनेस से संबंधित मानवाधिकारों के हनन के लिए कॉर्पोरेट को दी गई छूट नियंत्रण में नहीं है.

श्रमिकों का है बुरा हाल

पिछले महीने राणा प्लाजा के ढहने की 11वीं बरसी थी, जिसमें 1,100 से अधिक कपड़ा श्रमिक मारे गए और हजारों घायल हो गए थे. पांच महीने पहले ही ताज़रीन फ़ैशन फ़ैक्टरी में घातक आग लगने से यह ढह गई थी, जिसमें फ़ैक्टरी परिसर में फंसे कम से कम 112 श्रमिकों की मौत हो गई थी. ढाका क्षेत्र में पूरी तरह से लापरवाही के चलते हुई ये दोनों घटनाएं बिजनेस से संबंधित मानवाधिकारों के दुरुपयोग के चौंकाने वाले उदाहरण हैं. ये घटनाएं बांग्लादेश में सभी श्रमिकों के लिए व्यापार और मानवाधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बेहतर व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा की सख्त आवश्यकता को उजागर करते हैं.

पिछले 11 साल से नहीं मिला है न्याय

राणा प्लाजा ढहने और तज़रीन फैशन के संबंध में बांग्लादेश लीगल एड एंड सर्विसेज ट्रस्ट (BLAST) और अन्य गैर सरकारी संगठनों द्वारा संबंधित राज्य अधिकारियों, साथ ही स्थानीय भवन और कारखाने के मालिकों के खिलाफ दायर मुआवजे के मामलों को पिछले ग्यारह साल में हल नहीं किया गया है. इसके साथ ही इस निंदनीय लापरवाही के लिए उचित मुआवजे की मांग की गई जिसके कारण हजारों श्रमिकों की मौत हुई और कुछ घायल हुए थे.

मुआवजे के लिए तरस रहे हैं श्रमिक

साउथ एशिया AMNESTY INTERNATIONAL के डिप्टी रिजनल डायरेक्टर नादिया रहमान ने कहा कि एक दशक से अधिक समय हो गया है, लेकिन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राणा प्लाजा के ढहने और ताज़रीन फैशन की घटना के लिए कॉर्पोरेट जवाबदेही स्थापित करने के प्रयास काफी हद तक असफल रहे हैं, जो बांग्लादेश में कपड़ा श्रमिकों की हालिया स्थितियों को उजागर करता है. श्रम कानून में मनमानी सीमाओं और अनुपालन की कमी के कारण मुआवजा एक दूर का सपना बना हुआ है, इन दोनों में बदलाव होना चाहिए. न्याय की कमी के अलावा, अधिकांश श्रमिक आज भी ऐसे उद्योग में उचित वेतन के लिए लड़ रहे हैं. 

कपड़ा श्रमिकों के खिलाफ मनमाने मामले

2023 में विरोध प्रदर्शन के बाद से कपड़ा श्रमिकों के खिलाफ कम से कम 35 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें FIR में लगभग 161 नामदर्ज श्रमिक और लगभग 35,900 से 44,450 अज्ञात श्रमिकों पर विरोध प्रदर्शन में भाग लेने का आरोप लगाया गया है. हाल के 35 में से 25 मामले उन फ़ैक्टरियों द्वारा दायर किए गए हैं जिनके बारे में माना जाता है कि वे प्रमुख ग्बोबल फैशन ब्रैंड और खुदरा विक्रेताओं को बेचते हैं. AMNESTY INTERNATIONAL से बात करते हुए बांग्लादेश के श्रमिक कार्यकर्ता आमीन हक ने कहा कि साल-दर-साल, विरोध करने वाले श्रमिकों को अदालतों में उपस्थिति देनी होती है. क्योंकि ऐसा नहीं करने पर उनकी जमानत रद्द हो सकती है. इसके परिणामस्वरूप वेतन की कटौती के साथ-साथ उनकी नौकरियां भी खतरे में पड़ गई हैं.

प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों के खिलाफ गैरकानूनी बल का प्रयोग

AMNESTY INTERNATIONAL से बात करते हुए बांग्लादेश में एक श्रमिक NGO कार्यकर्ता तौफीक ने कहा कि जब श्रमिक अपनी आवाज उठाते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है; जब वे संगठित होने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें धमकाया जाता है और बर्खास्त कर दिया जाता है; और अंत में, जब कार्यकर्ता विरोध करते हैं, तो उन्हें पीटा जाता है, गोली मारी जाती है और गिरफ्तार कर लिया जाता है. अक्टूबर 2023 में कपड़ा श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन को शुरू हुए छह महीने हो गए हैं, लेकिन आज तक किसी भी पुलिस अधिकारी को गैरकानूनी बल प्रयोग और प्रदर्शनकारियों की मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है.

अपराधी घूम रहे हैं खुलेआम

2012 में तज़रीन फैशन की आग से बची सोकिना ने AMNESTY INTERNATIONAL को बताया कि ग्यारह साल से अधिक समय हो गया है और हमें अभी भी अपना उचित मुआवजा नहीं मिला है. फैक्ट्री का मालिक खुलेआम घूम रहा है और सत्तारूढ़ दल के साथ मजबूत संबंध स्थापित करके नए व्यवसाय चला रहा है, जबकि हम गरीबी का जीवन जी रहे हैं. 
 


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