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NARCL द्वारा SREI कंपनियों के अधिग्रहण को मिल गई NCLT की मंजूरी!
नीलामी के दौरान ARC ने 5,555 करोड़, Authum Investment ने 5,526 करोड़ और Arena Varde ने 4,682 करोड़ रूपए की बोली लगाई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
NARCL यानी नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड एक एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी है जो कमर्शियल बैंकों के ‘स्ट्रेस्ड-लोन्स’ को लेकर बैंकों को उनसे निजात दिलाती है. आसान शब्दों में कहें तो यह एक बैड-बैंक है और NARCL में पब्लिक सेक्टर बैंकों की 51% की हिस्सेदारी है.
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में खबर आ रही है कि दिवालियापन कोर्ट की कोलकाता बेंच ने आज सरकार अधिकृत ट्विन SREI कंपनियों का अधिग्रहण करने के लिए NARCL द्वारा पेश किए गए प्लान को मंजूरी दे दी है. ट्विन Srei कंपनियों को अबतक कनोरिया फैमिली द्वारा चलाया जाता था. आपको बता दें कि NARCL की स्थापना दो साल पहले की गई थी और NARCL द्वारा किया जाने वाला यह पहला अधिग्रहण होगा. ट्विन Srei कंपनियों के अधिग्रहण के लिए NARCL को अब सिर्फ भारत के केंद्रीय बैंक RBI की मंजूरी का इंतजार है.
किसने लगाई कितनी बोली?
3 जनवरी को ट्विन Srei कंपनियों की नीलामी की गई थी और इस नीलामी के दौरान ARC द्वारा 5,555 करोड़, Authum Investment द्वारा 5,526 करोड़ और Arena Varde द्वारा 4,682 करोड़ रूपए की बोली लगाई गई थी. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह सभी ऑफर NPV (Net Present Value) के आधार पर पेश किये गए थे. कोलकाता बेंच ने सेक्शन 12A के तहत प्रमोटर द्वारा फाइल की गई अपील को खारिज कर दिया था. सेक्शन 12A किसी भी प्रमोटर को इन्सोल्वेंसी और दिवालियापन कोड के तहत एक प्लान जमा करने की इजाजत देता है.
फैसला सही या गलत?
EY में पार्टनर Abizer Diwanji ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि NCLT की मंजूरी मिलने के बाद NARCL अब Srei इंफ्रास्ट्रक्चर और इक्विप्मेंट फाइनेंस बिजनेस का अधिग्रहण पूरा कर लेगी. अब मॉनिटरिंग कमिटी द्वारा बाकी के बचे हुए बदलाव के लिए जिम्मेदारी ली जाएगी. दूसरी तरफ AU कॉर्पोरेट और लीगल सर्विसेज के फाउंडर अक्षत खेतान का कहना है कि NBFC की माध्यम से इन्सोल्वेंसी और दिवालियापन को सुलझाना एक काफी मुश्किल निर्णय है और इसके लिए बहुत से विभिन्न कारकों को ध्यान में रखना पड़ता है. इनमें NBFC के काम, वित्तीय परेशानी और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क जैसे कारक शामिल हैं.
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