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Polycab के लुढ़कने से Mutual Funds और FII को लगी चोट, गंवाए 940 करोड़ रुपए!

Polycab India Limited के शेयरों में गिरावट होने लगी और कल कंपनी के शेयरों में 21% की गिरावट दर्ज की गई थी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

म्युचुअल फंड्स (Mutual Funds) को लेकर इस वक्त एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. माना जा रहा है कि हाल ही में म्युचुअल फंड्स को 940 करोड़ से ज्यादा और विदेशी इन्वेस्टर्स (FIIs) को लगभग 1885 करोड़ रुपए गंवाने पड़े हैं. केबल एवं वायर निर्माता कंपनी पॉलीकैब (Polycab) के शेयरों में लगभग 21% की गिरावट देखने को मिली थी और इस गिरावाट की वजह से ही म्युचुअल फंड्स और विदेशी निवेशकों को यह नुकसान उठाना पड़ा है.

क्यों गिरे Polycab के शेयर?
दरअसल कल ऐसी खबरें सामने आ रही थीं जिनमें दावा किया जा रहा था कि पॉलीकैब (Polycab) के दफ्तरों पर पिछले साल आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी में जांच के बाद कुछ अहम बातें सामने आ रही हैं और साथ ही विभाग ने कंपनी का नाम न लेते हुए अपने बयान में ये भी कहा था कि विभाग को कंपनी से 1000 करोड़ रुपए जितना बेहिसाब कैश भी प्राप्त हुआ है. मार्केट में ये खबर आने की देरी भर थी कि पॉलीकैब इंडिया लिमिटेड के शेयरों में गिरावट होने लगी और कल कंपनी के शेयरों में 21% की गिरावट दर्ज की गई थी. पिछले 9 सत्रों के दौरान म्युचुअल फंड्स को लगभग 1460 करोड़ रुपयों का नुक्सान हुआ है और वहीँ विदेशी निवेशकों को लगभग 2936 करोड़ रुपयों का नुक्सान हो चुका है. 

किसकी कितनी है हिस्सेदारी?
आपको बता दें कि पॉलीकैब (Polycab) में म्युचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 90.93 लाख शेयर, यानी लगभग 6.06% शेयरों की है. यह जानकारी हमें सितंबर में प्राप्त हुए शेयरहोल्डिंग डेटा के आधार पर प्राप्त हुई है. दूसरी तरफ पॉलीकैब में विदेशी निवेशकों यानी FII की हिस्सेदारी 1.82 करोड़ शेयरों की यानी लगभग 12.13% की है. हाल ही में प्राप्त हुए बल्क डील डेटा के अनुसार विदेशी इन्वेस्टर स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड ने कंपनी में मौजूद अपने 8.51 लाख शेयरों को 3,599.87 रुपए प्रति शेयर की कीमत पर बेचा है और यह पूरी डील 336.64 करोड़ रुपयों में पूरी हुई है. 

Polycab पर क्यों टिकी है इनकम टैक्स की निगाह?
दरअसल पॉलीकैब (Polycab) ने 1000 करोड़ रुपयों की बिक्री ऐसी की है जिसके बारे में कहीं पर भी कोई जिक्र नहीं है. आयकर विभाग को लगता है कि कंपनी ने अपने वैध डीलर्स के साथ मिलकर टैक्स से बचने के लिए कई तरीके अपनाए हैं और इसीलिए इनकम टैक्स विभाग की नजर फिलहाल कंपनी पर एकटक बनी हुई है. वहीं कंपनी का कहना है कि उन्हें आयकर विभाग की तरफ से किसी प्रकार का कोई भी नोटिस या संचार प्राप्त नहीं हुआ है.
 

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