✕

होम / बिजनेस / Decathlon की तरक्की ने खींचा अंबानी का ध्यान, अब इस फ़्रांसिसी ब्रैंड को देंगे कड़ी टक्कर!

Decathlon की तरक्की ने खींचा अंबानी का ध्यान, अब इस फ़्रांसिसी ब्रैंड को देंगे कड़ी टक्कर!

स्पोर्ट्स सेक्टर में ग्रोथ की संभावना लगातार बढ़ रही है. इस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों की आर्थिक सेहत बेहतर होती जा रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

आप फिटनेस फ्रीक हों या नहीं, लेकिन आपने डेकाथलॉन (Decathlon) का नाम ज़रूर सुना होगा. फ्रांस की इस दिग्गज कंपनी के स्टोर्स भारत के कई शहरों में हैं और हर रोज सैकड़ों  लोग वहां से खरीदारी करते हैं. डेकाथलॉन के सोर्स में आपको स्पोर्ट्स से जुड़ा छोटा-बड़ा हर सामान मिल जाता है. इसलिए यह लोगों का पसंदीदा स्टोर बनता जा रहा है. अबमुकेश अंबानी के रिलायंस भी आपको यही अहसास दिलाने जा रही है. अंबानी इस फ़्रांसिसी कंपनी को टक्कर देने के लिए एक स्पोर्ट्स फॉर्मेट लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं.

अलग ब्रैंड से होगी लॉन्चिंग 
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) जल्द एक स्पोर्ट्स फॉर्मेट लॉन्च करने की तैयारी में जुटी है, जो सीधे तौर पर फ्रांसीसी रिटेलर डेकाथलॉन को टक्कर देगा. रिलायंस एक नए ब्रैंड नेम के तहत इस फॉर्मेट को पेश कर सकती है. कंपनी इसके लिए बड़े शहरों में मॉल और हाई स्ट्रीट में 8000 से 10,000 वर्ग फुट जगह लीज पर लेने के लिए बातचीत कर रही है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रिलायंस के इस स्पोर्ट्स फॉर्मेट ब्रैंड का नाम क्या होगा. 

इसलिए आया अंबानी का दिल
वैसे तो मुकेश अंबानी की सभी कंपनियां तेजी से विस्तार कर रही हैं, लेकिन रिलायंस रिटेल ने सबसे तेजी से विस्तार किया है. लेकिन उसके पोर्टफोलियो में अभी तक स्पोर्ट्स शामिल नहीं है.  स्पोर्ट्स कैटेगरी में ग्रोथ के संभावना अपार है. खासकर कोरोना महामारी के बाद से लोग अपनी फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं.  इसलिए रिलायंस इस सेक्टर में एंट्री करके अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत करना चाहती है. जानकार मानते हैं कि रिलायंस इस कैटेगरी में अपनी बादशाहत कायम कर सकती है, क्योंकि वह कड़ी प्रतिस्पर्धा वाले बाजार में महारत हासिल करने की कला में माहिर है. 

लगातार तरक्की कर रही कंपनी
डेकाथलॉन स्टोर्स के बाहर एक प्ले एरिया होता है. रिलायंस भी इसी मॉडल के तहत अपने स्टोर्स खोलेगी. इसी को ध्यान में रखते हुए जगह की तलाश की जा रही है. डेकाथलॉन ने 2009 में भारत में अपना पहला स्टोर खोला था. इसके बाद से कंपनी लगातार तरक्की कर रही है. इसके स्टोर्स की संख्या बढ़ रही है. पहले डेकाथलॉन के स्टोर्स केवल बड़े शहरों तक ही सीमित थे, लेकिन अब इंदौर जैसे मिड लेवल के शहरों में भी कंपनी ने अपने स्टोर्स ओपन किए हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि  डेकाथलॉन का बिज़नेस कितनी तेजी से फैल रहा है. 

ऐसी है कंपनी की आर्थिक सेहत
इस फ़्रांसिसी कंपनी की आर्थिक सेहत की बात करें, तो वित्त वर्ष 2023 में उसने 3,955 करोड़ रुपए का रिवेन्यु दर्ज किया था. वित्त वर्ष 2022 में यह आंकड़ा 2,936 करोड़ और  वित्त वर्ष 2021 में 2,079 करोड़ रुपए था. केवल डेकाथलॉन ही नहीं, फिटनेस से किसी न किसी रूप में जुड़ी कंपनियों का बिज़नेस भी पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है. प्यूमा, एडिडास, स्केचर्स और एसिक्स जैसे ब्रैंड्स ने भी वित्त वर्ष 2021 से लेकर अब तक साल-दर-साल 35 से 60% की ग्रोथ हासिल की है. वित्त वर्ष 2023 में इनका कंबाइंड रेवेन्यु 11,617 करोड़ रुपए रहा है. 

डेकाथलॉन ने भी कसी कमर 
वहीं, डेकाथलॉन भी भारत में खुद को और मजबूत करने की कोशिश में जुटी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फ़्रांसिसी अपने स्टोरों में प्रतिद्वंद्वी स्थानीय और वैश्विक ब्रैंडों के उत्पाद बेचने के लिए सरकार से बातचीत कर रही है. भारत में FDI नियमों में चलते कंपनी दूसरेब्रैंड के उत्पाद अपने स्टोर्स में नहीं बेच सकती है. हालांकि, विदेशों में डेकाथलॉन बाकायदा ऐसा कर रही है और मोटा मुनाफा कमा रही है.ग्लोबल लेवल पर कंपनी के रिवेन्यु में प्रतिद्वंद्वी उत्पादों की हिस्सेदारी करीब 20% है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI की नई रणनीति, डॉलर से लेकर फॉरेक्स ट्रेडिंग तक बदले नियम

भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये को सहारा देने और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव कम करने के लिए कई नियामकीय बदलाव किए हैं. इनका उद्देश्य डॉलर की मांग को व्यवस्थित करना, करेंसी डेरिवेटिव कारोबार में जोखिम सीमित करना और बाजार में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है.

1 day ago

भारत में 3D प्रिंटिंग को बढ़ावा देने की तैयारी, NSAM 2.0 से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तार

नई रणनीति में स्वदेशी तकनीकों को व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल के योग्य बनाने, बौद्धिक संपदा विकसित करने, डिजिटल तकनीकों को एकीकृत करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले उत्पाद तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा.

1 day ago

सेबी के नए सेटलमेंट नियम नोटिफाई, ₹10 लाख तक के मामलों का होगा फास्ट-ट्रैक निपटारा

नए नियमों के तहत कंपनी के खातों में गड़बड़ी या फंड के दुरुपयोग जैसे मामलों में भी सेटलमेंट का विकल्प उपलब्ध रहेगा.

1 day ago

ग्रामीण इलाकों में बढ़ी रोजगार की मांग, सितंबर में 25.2% का उछाल; 1.56 करोड़ परिवारों ने मांगा काम

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब मानसून के बाद कृषि गतिविधियों और रबी फसल की बुवाई के बीच ग्रामीण श्रम बाजार में रोजगार की मांग में बदलाव देखने को मिल रहा है.

1 day ago

मध्य प्रदेश के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में ₹6,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव, 18 हजार से ज्यादा रोजगार की उम्मीद

मध्य प्रदेश में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) देश में दूरसंचार उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है.

1 day ago


बड़ी खबरें

रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI की नई रणनीति, डॉलर से लेकर फॉरेक्स ट्रेडिंग तक बदले नियम

भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये को सहारा देने और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव कम करने के लिए कई नियामकीय बदलाव किए हैं. इनका उद्देश्य डॉलर की मांग को व्यवस्थित करना, करेंसी डेरिवेटिव कारोबार में जोखिम सीमित करना और बाजार में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है.

1 day ago

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का प्रदर्शन, दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिरासत और पाबंदियां

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था. पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.

1 day ago

सेबी के नए सेटलमेंट नियम नोटिफाई, ₹10 लाख तक के मामलों का होगा फास्ट-ट्रैक निपटारा

नए नियमों के तहत कंपनी के खातों में गड़बड़ी या फंड के दुरुपयोग जैसे मामलों में भी सेटलमेंट का विकल्प उपलब्ध रहेगा.

1 day ago

भारत में 3D प्रिंटिंग को बढ़ावा देने की तैयारी, NSAM 2.0 से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तार

नई रणनीति में स्वदेशी तकनीकों को व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल के योग्य बनाने, बौद्धिक संपदा विकसित करने, डिजिटल तकनीकों को एकीकृत करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले उत्पाद तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा.

1 day ago

ग्रामीण इलाकों में बढ़ी रोजगार की मांग, सितंबर में 25.2% का उछाल; 1.56 करोड़ परिवारों ने मांगा काम

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब मानसून के बाद कृषि गतिविधियों और रबी फसल की बुवाई के बीच ग्रामीण श्रम बाजार में रोजगार की मांग में बदलाव देखने को मिल रहा है.

1 day ago