होम / बिजनेस / TATA ग्रुप की इस कंपनी में हिस्सेदारी खरीदना चाहते हैं मुकेश अंबानी!

TATA ग्रुप की इस कंपनी में हिस्सेदारी खरीदना चाहते हैं मुकेश अंबानी!

मीडिया एवं एंटरटेनमेंट सेक्टर के लिए मुकेश अंबानी ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) का फोकस इस समय केवल अपने बिजनेस का दायरा बढ़ाने पर है. उन्होंने मीडिया एवं एंटरटेनमेंट सेक्टर के लिए एक बड़ी योजना तैयार की है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो अंबानी टाटा समूह (TATA Group) की कंपनी टाटा प्ले (Tata Play) में 29.8% हिस्सेदारी खरीद सकते हैं. अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज यह हिस्सेदारी वॉल्ट डिज्नी से खरीदने की तैयारी में है. हालांकि, इस पर आधिकारिक कमेंट आना अभी बाकी है.

किसके पास, कितनी हिस्सेदारी?
टाटा प्ले सब्सक्रिप्शन बेस्ड सैटेलाइट टीवी एवं वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस है. यदि रिलायंस इस डील को फाइनल करने में सफल रहती है, तो टेलीविजन डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में उसकी स्थिति मजबूत हो जाएगी. इसके अलावा, रिलायंस के OTT प्लेटफॉर्म जियोसिनेमा (Jio Cinema) की रीच में भी बढ़ोतरी होगी. गौरतलब है कि TATA Play में टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की 50.2 प्रतिशत हिस्सेदारी है. जबकि सिंगापुर के फंड Temasek के पास टाटा प्ले में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है. पिछले साल खबर आई थी कि Temasek टाटा प्ले में अपनी हिस्सेदारी टाटा समूह को बेच सकती है, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ हुआ नहीं है. 

ये भी पढ़ें - अपने बेड़े को और बड़ा करना चाहती है IndiGo, इस कंपनी से फाइनल की डील

इस तरह मिलेगा दोनों को फायदा
रिपोर्ट्स की मानें, तो Disney पिछले काफी समय से टाटा प्ले का साथ छोड़ने को बेकरार है. डिज्नी ने टाटा प्ले के IPO में अपने शेयर बेचकर कंपनी से बाहर निकलने की भी योजना बनाई थी, लेकिन आईपीओ लटकने से उसकी ये योजना परवान नहीं चढ़ पाई. ऐसे में अब कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यदि डील होती है तो रिलायंस अपने जियो सिनेमा का पूरा कंटेट कैटालॉग टाटा प्ले के ग्राहकों को ऑफर कर सकती है. उनका यह भी कहना है कि यह डील रिलायंस के लिए फायदेमंद रहेगी. क्योंकि DTH में रिलायंस समूह की मौजूदगी फिलहाल नहीं है. वहीं, टाटा प्ले के लिहाज से देखें तो कंपनी की मार्केट पर अच्छी पकड़ है लेकिन नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार, जियोसिनेमा और Amazon प्राइम उसके लिए चुनौती बने हुए हैं.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

रिलायंस फैसले की खामोश विरासत: क्या सेबी के लिए अब धोखाधड़ी साबित करना होगा और मुश्किल?

रिलायंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सही कहा कि किसी नियम का उल्लंघन करना और धोखाधड़ी करना एक ही बात नहीं है. लेकिन सबसे गंभीर मामलों में सबूत के स्तर को ऊंचा उठाते हुए अदालत एक ऐसे सवाल को अनुत्तरित छोड़ गई, जिसका जवाब उसने नहीं दिया: ऐसे बाजार में, जहां गलत काम गुमनाम, इलेक्ट्रॉनिक और बिना किसी स्पष्ट पीड़ित के होता है, एक नागरिक नियामक धोखाधड़ी को साबित कैसे करे?

1 week ago

भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, 99% बातचीत पूरी; जल्द हो सकता है अंतरिम समझौता: अमेरिकी राजदूत

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है.

30-May-2026

स्पाइसजेट पर GST विभाग का शिकंजा, रद्द हो सकता है पंजीकरण; 124 करोड़ रुपये की टैक्स मांग

जीएसटी विभाग ने CGST/SGST अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत कंपनी का प्रोविजनल असेसमेंट किया है. इस आकलन के आधार पर विभिन्न अवधियों के लिए कुल 124 करोड़ 65 लाख 87 हजार 156 रुपये की कर मांग निर्धारित की गई है.

30-May-2026

मई में 49 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा भारत का क्रूड आयात, रूस बना सबसे बड़ा सप्लायर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयात रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं.

30-May-2026

सेबी का सुजलॉन पर बड़ा प्रहार: 29 करोड़ रुपये का जुर्माना, पुरानी क्लीन चिट भी रद्द

खातों में कथित हेराफेरी, भ्रामक वित्तीय खुलासे और समूह कंपनियों के बीच फंड घुमाकर मुनाफा दिखाने के आरोपों पर सेबी ने सुजलॉन एनर्जी और उसके पूर्व शीर्ष अधिकारियों पर भारी जुर्माना लगाया है.

30-May-2026


बड़ी खबरें

मई में 49 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा भारत का क्रूड आयात, रूस बना सबसे बड़ा सप्लायर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयात रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं.

2 weeks ago

रिलायंस फैसले की खामोश विरासत: क्या सेबी के लिए अब धोखाधड़ी साबित करना होगा और मुश्किल?

रिलायंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सही कहा कि किसी नियम का उल्लंघन करना और धोखाधड़ी करना एक ही बात नहीं है. लेकिन सबसे गंभीर मामलों में सबूत के स्तर को ऊंचा उठाते हुए अदालत एक ऐसे सवाल को अनुत्तरित छोड़ गई, जिसका जवाब उसने नहीं दिया: ऐसे बाजार में, जहां गलत काम गुमनाम, इलेक्ट्रॉनिक और बिना किसी स्पष्ट पीड़ित के होता है, एक नागरिक नियामक धोखाधड़ी को साबित कैसे करे?

1 week ago

भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, 99% बातचीत पूरी; जल्द हो सकता है अंतरिम समझौता: अमेरिकी राजदूत

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है.

2 weeks ago

सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ा दांव, 2035 तक 150 अरब डॉलर की वैल्यू चेन खड़ी करेगा भारत

रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक दशक में 135-180 अरब डॉलर के निवेश और मजबूत सरकारी समर्थन के दम पर देश न केवल अपनी चिप जरूरतों को पूरा कर सकता है, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में भी अहम भूमिका निभा सकता है.

2 weeks ago

स्पाइसजेट पर GST विभाग का शिकंजा, रद्द हो सकता है पंजीकरण; 124 करोड़ रुपये की टैक्स मांग

जीएसटी विभाग ने CGST/SGST अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत कंपनी का प्रोविजनल असेसमेंट किया है. इस आकलन के आधार पर विभिन्न अवधियों के लिए कुल 124 करोड़ 65 लाख 87 हजार 156 रुपये की कर मांग निर्धारित की गई है.

2 weeks ago