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कर्ज में डूबी MTNL, नहीं चुकाए 8300 करोड़ रुपये, शेयर लुढ़के
कंपनी पर 33,568 करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी कर्ज है, जिसमें से 8,346 करोड़ रुपये का बैंक लोन वह चुका नहीं पा रही है. इसका सीधा असर निवेशकों के भरोसे और शेयर बाजार में इसके प्रदर्शन पर पड़ा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
सरकारी टेलीकॉम कंपनी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) एक बार फिर से वित्तीय संकट के चलते सुर्खियों में है. कंपनी ने हाल ही में स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी है कि वह बैंकों से लिए गए 8,346 करोड़ रुपये के लोन का भुगतान नहीं कर पाई है. इस खुलासे के बाद सोमवार को शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली.
शेयर बाजार में गिरा MTNL का भाव
एक्सचेंज फाइलिंग के बाद सोमवार को मार्केट खुलते ही MTNL के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई. गुरुवार को कंपनी का शेयर 43.85 रुपये पर बंद हुआ था, जबकि सोमवार को यह 2 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ 42.76 रुपये पर खुला. मार्केट खुलने के एक घंटे के भीतर ही यह शेयर और लुढ़क कर 5.63 फीसदी की गिरावट के साथ 41.38 रुपये तक पहुँच गया. हालांकि बाद में हल्की रिकवरी हुई और सुबह 10:30 बजे तक यह शेयर 42.87 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो गुरुवार के बंद स्तर से अभी भी नीचे था.
किन बैंकों से लिया गया है कर्ज?
MTNL ने जिन बैंकों का कर्ज नहीं चुकाया है, उनमें देश के प्रमुख सरकारी बैंक शामिल हैं. इन बैंकों की सूची इस प्रकार है:
• यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
• बैंक ऑफ इंडिया
• पंजाब नेशनल बैंक
• स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
• यूको बैंक
• पंजाब एंड सिंध बैंक
• इंडियन ओवरसीज बैंक
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई फाइलिंग में इन सभी बैंकों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह वर्तमान में इनके लोन का भुगतान करने में असमर्थ है.
कुल कर्ज 33,568 करोड़ रुपये तक पहुंचा
MTNL पर कुल कर्ज की स्थिति बेहद चिंताजनक है.मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी पर अभी तक 33,568 करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसमें बैंकों से लिया गया कर्ज 8,346 करोड़ रुपये, राज्य सरकार के बॉन्ड (SG Bonds) 24,071 करोड़ रुपये और ब्याज के रूप में दूरसंचार विभाग (DoT) को देय राशि 1,151 करोड़ रुपये है. इस आंकड़े से साफ है कि कंपनी की वित्तीय हालत लगातार बिगड़ती जा रही है. यह पहली बार नहीं है जब MTNL ने लोन चुकाने में असमर्थता जताई हो. इससे पहले भी कंपनी ने कई बार एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए अपने खराब वित्तीय हालात की जानकारी दी है. बार-बार लोन न चुका पाने की बात से यह स्पष्ट है कि कंपनी को फंडिंग की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है.
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