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MTAR टेक्नोलॉजीज को मिला ₹194 करोड़ का बड़ा ऑर्डर, न्यूक्लियर पावर सेक्टर में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद

MEIL से मिला ₹194 करोड़ का नया ऑर्डर MTAR Technologies के लिए न केवल ऑर्डर बुक को मजबूत करता है, बल्कि कंपनी की न्यूक्लियर पावर सेक्टर में बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago

डिफेंस एवं न्यूक्लियर इंजीनियरिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी MTAR Technologies को मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर्स (MEIL) से ₹194 करोड़ का एक बड़ा ऑर्डर मिला है. यह सप्लाई ऑर्डर काइगा न्यूक्लियर रिएक्टर प्रोजेक्ट से जुड़ा है और इसके चलते कंपनी के शेयरों में अगले कुछ दिनों में हलचल देखने को मिल सकती है.

किस प्रोजेक्ट के लिए मिला ऑर्डर?

MEIL ने MTAR को यह ऑर्डर काइगा 5 और 6 रिएक्टर्स के लिए एंड-फिटिंग्स और अन्य महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की सप्लाई हेतु दिया है. कंपनी इस प्रोजेक्ट से जुड़े ऑर्डर्स को अप्रैल 2028 तक पूरा करेगी. MTAR ने यह स्पष्ट किया है कि इस ऑर्डर में कंपनी के प्रमोटर्स या किसी ग्रुप फर्म का कोई व्यक्तिगत हित नहीं है, इसलिए यह किसी भी प्रकार का रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन नहीं माना जाएगा.

504 करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक का हिस्सा

MTAR के मैनेजिंग डायरेक्टर पर्वत श्रीनिवास रेड्डी के अनुसार, MEIL से मिला यह नया ऑर्डर कंपनी को काइगा रिएक्टरों के लिए पहले से प्राप्त 504 करोड़ रुपये की कन्फर्म्ड ऑर्डर बुक का अहम हिस्सा है. रेड्डी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से जुड़े और भी ऑर्डर जल्द मिलने की उम्मीद है, जिससे कंपनी की आने वाले वर्षों में ग्रोथ मोमेंटम और मजबूत हो सकता है.

सिविल न्यूक्लियर सेक्टर में अनुकूल माहौल

रेड्डी का कहना है कि भारत में सिविल न्यूक्लियर सेक्टर इस समय तेज विकास के चरण में है. सरकार की ओर से न्यूक्लियर एनर्जी कैपेसिटी बढ़ाने पर जोर और प्रोजेक्ट्स की संख्या में वृद्धि से इस इंडस्ट्री में काम कर रहीं कंपनियों को बड़े अवसर मिल रहे हैं. ऐसे माहौल में MTAR को भी बड़े स्तर पर ग्रोथ की उम्मीद है.

MTAR की क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर

1. कंपनी हैदराबाद स्थित 9 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के माध्यम से हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग सॉल्यूशन्स प्रदान करती है.
2. कंपनी सिविल न्यूक्लियर पावर, डिफेंस, स्पेस, फ्यूल सेल्स और हाइडल सेक्टर्स में लंबे समय से काम कर रही है.
3. कई बड़े घरेलू और विदेशी OEMs के साथ कंपनी की पुरानी साझेदारियाँ हैं, जिससे यह भारत की सबसे भरोसेमंद हाई-टेक इंजीनियरिंग कंपनियों में से एक मानी जाती है.

स्टॉक पर कैसा रहा असर?

शुक्रवार के कारोबार में MTAR के शेयरों में 4.65% की गिरावट आई और स्टॉक ₹2,401 पर बंद हुआ. हालांकि शॉर्ट-टर्म गिरावट के बावजूद, स्टॉक ने 6 महीनों में: 35.60% रिटर्न, साल 2025 में अब तक 43.46% की बढ़त दी है. स्टॉक का 52-वीक रेंज लो ₹1,155.60 और हाई ₹2,719 है. कंपनी का मार्केट कैप वर्तमान में ₹7,390 करोड़ के करीब है.

न्यूक्लियर सेक्टर में जारी बड़े प्रोजेक्ट्स और कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक को देखते हुए MTAR पर मार्केट की नजर बनी रहने की पूरी संभावना है. हालांकि, किसी भी निवेश से पहले निवेशकों को अपनी रिस्क प्रोफाइल और एक्सपर्ट एडवाइस पर जरूर ध्यान देना चाहिए.


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