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FASTag बैलेंस कम होने पर खुद ही जमा हो जाएगा पैसा, RBI ने ई-मैंडेट को दी मंजूरी
RBI ने अपने ई-मैंडेट फ्रेमवर्क को अपडेट किया है. इसमें फास्टैग और नैशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) की ऑटो-रिप्लेनिशमेंट को ई-मैंडेट फ्रेमवर्क के तहत शामिल करने का निर्णय लिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अगर आपके पास अपनी गाड़ी है और उस पर फास्टैग लगा है, तो यह खबर आपके काम की है. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने ई-मैंडेट फ्रेमवर्क को अपडेट किया है. ऐसे में आरबीआई ने अब फास्टैग और नैशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) की ऑटो-रिप्लेनिशमेंट को ई-मैंडेट फ्रेमवर्क के तहत शामिल करने का निर्णय लिया है. इससे यूजर्स FASTag बैलेंस तय सीमा से नीचे जाने पर ऑटोमेटिकली पैसा ऐड कर पाएंगे. तो आइए जानते हैं क्या है ई-मैंडेड और ये कैसे काम करेगा?
क्या है ई-मैंडेट?
ई-मैंडेट ग्राहकों के लिए आरबीआई द्वारा शुरू की गई एक डिजिटल भुगतान सेवा है. ई-मैंडेट फ्रेमवर्क को 2019 में स्थापित किया गया और इसकी शुरुआत 10 जनवरी, 2020 हुई थी. इसका उद्देश्य ग्राहकों को उनके अकाउंट्स से होने वाले डेबिट की जानकारी देकर उनके हितों की रक्षा करना है. आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने जून में कहा था कि ई-मैंडेट यानी भुगतान के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से मंजूरी के तहत अभी दैनिक, साप्ताहिक, मासिक आदि जैसे निश्चित अवधि वाली सुविधाओं के लिए निश्चित समय पर ग्राहक के खाते से भुगतान स्वयं हो जाता है. अब इसमें ऐसी सुविधाओं और प्लेटफॉर्म्स को जोड़ा जा रहा है, जिनके लिए भुगतान का कोई समय तय नहीं है, जबकि भुगतान जमा राशि कम होने पर खुद-ब-खुद किया जाता है.
ग्राहकों को ऐसे होगा फायदा
आरबीआई के एक सर्कुलर के अनुसार फास्टैग और NCMC में बैलेंस की ऑटो-रिप्लेनिशमेंट, जो ग्राहक द्वारा निर्धारित सीमा से कम होने पर ट्रिगर हो जाती है, अब मौजूदा ई-मैंडेट फ्रेमवर्क के तहत आएगी. ये ट्रांजैक्शन रेकरिंग होने के कारण वास्तविक शुल्क से 24 घंटे पहले ग्राहकों को प्री-डेबिट नोटिफिकेशन भेजने की आवश्यकता से मुक्त होंगे. जब फासटैग बैलेंस ग्राहक द्वारा तय सीमा से कम हो जाएगा, तो ई-मैंडेट ऑटोमैटिक रूप से फास्टैग और NCMC की भरपाई कर देगा.
खाते से पैसे निकलने पर ग्राहकों को 24 घंटे पहले मिल जाएगी सूचना
जून में आरबीआई ने फास्टैग और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड को ऑटो पेमेंट मोड में लाने का प्रस्ताव दिया है था. मौजूदा ई-मैंडेट ढांचे के तहत ग्राहक के खाते से पैसे निकालने से कम से कम 24 घंटे पहले इसकी सूचना देने की आवश्यकता होती है.
इस ऑप्शन को करना होगा सिलेक्ट
जब भी आपका बैलेंस तय लिमिट से नीचे जाएगा, तो ई-मेंडेट के तहत पैसा जमा हो जाएगा. इसके लिए आपको एक बार ऑटो रिचार्ज का ऑप्शन सिलेक्ट करना होगा. इस ऑप्शन को सिलेक्ट करने के बाद जब भी आपके कार्ड में पैसे कम होंगे तो आपके अकाउंट से पैसे अपने आप कट जाएंगे. इसके लिए आपको हर बार अलग से मैसेज नहीं आएगा.
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