✕

होम / बिजनेस / मोहनदास पई ने GST सिस्टम की कड़ी आलोचना की, कहा- ‘यह उलझा हुआ और बेकार है’

मोहनदास पई ने GST सिस्टम की कड़ी आलोचना की, कहा- ‘यह उलझा हुआ और बेकार है’

पई ने कहा कि यह सिस्टम आम नागरिकों को "घूसखोरी करने वाले अधिकारियों का बंधक" बना रहा है और विवादों का अंतहीन सिलसिला शुरू कर रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) सिस्टम पर अब कड़ी आलोचना हो रही है. इंफोसिस के पूर्व CFO और एरिन कैपिटल के चेयरमैन मोहनदास पई ने इस पर खुलकर नाराज़गी जताई है. पई ने X (पहले ट्विटर) पर लिखा कि मौजूदा GST सिस्टम "उलझा हुआ और बेकार" है और इसे "टैक्स आतंकवाद" का कारण बताया. उन्होंने कहा कि यह सिस्टम आम नागरिकों को "घूसखोरी करने वाले अधिकारियों का बंधक" बना रहा है और विवादों का अंतहीन सिलसिला शुरू कर रहा है. पई ने सरकार से साफ कहा, "GST को सरल बनाना जरूरी है, या नहीं."

 

पई के कड़े शब्दों से पहले पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने भी GST सिस्टम की आलोचना की थी. उन्होंने इसे "राष्ट्रीय त्रासदी" कहा और कहा कि यह टैक्स सिस्टम अपने "गुड एंड सिंपल टैक्स" (अच्छा और सरल टैक्स) के वादे से भटक गया है. सुब्रमण्यन ने सरकार को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि GST की जटिलता और सख्ती बढ़ा दी गई है. उन्होंने चेतावनी दी कि भारत "अव्यवस्था और भ्रम" की ओर बढ़ रहा है और इसे "दुखद स्थिति" बताया.

यह आलोचना 55वीं GST काउंसिल की बैठक के बाद आई, जिसकी अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की. बैठक में कुछ फैसले जैसे फोर्टिफाइड चावल पर GST को घटाकर 5% करना और जीन थैरेपी को टैक्स से छूट देना सकारात्मक माने गए, लेकिन कुछ अन्य फैसलों की आलोचना हुई. सबसे विवादित निर्णय कैरामलाइज्ड पॉपकॉर्न पर 18% GST लगाना था, जबकि नमकीन पॉपकॉर्न पर 12% टैक्स ही है. सुब्रमण्यन जैसे आलोचकों ने इसे सिस्टम की बेतुकी स्थिति का उदाहरण बताया.

इसके अलावा, पुरानी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री पर GST से छूट और 2000 रुपये से कम के लेन-देन पर पेमेंट एग्रीगेटर्स को राहत जैसे कदमों से और उलझन बढ़ गई. वहीं, फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर डिलीवरी चार्ज पर टैक्स को टालने के फैसले ने कारोबारियों को असमंजस में डाल दिया, इससे नाराजगी और बढ़ गई.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

विजय माल्या से अभी ₹8,751 करोड़ की वसूली बाकी, SBI ने बॉम्बे HC को दी जानकारी

बैंकों ने कोर्ट को यह भी बताया कि मामले में अटैच की गई कुछ शेयर होल्डिंग्स अभी भी बरकरार हैं और उनकी बिक्री नहीं हुई है.

1 day ago

आंध्र प्रदेश में ₹1 लाख करोड़ का हॉर्टिकल्चर हब, 10 जिलों के 5,869 गांवों में होगा विकास

आंध्र प्रदेश सरकार के मुताबिक, हॉर्टिकल्चर हब को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा. तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार परियोजना के लिए ₹40,352 करोड़ का योगदान देगी.

1 day ago

आंध्र प्रदेश में ₹1 लाख करोड़ निवेश करेगी रिलायंस इंडस्ट्रीज, 3 लाख से ज्यादा रोजगार का दावा

कंपनी के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा करना है.

1 day ago

G20 में पीयूष गोयल ने ओवरकैपेसिटी के आरोपों को नकारा, कहा- WTO नियमों से चले वैश्विक व्यापार

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत एक बड़ा बाजार और उत्पादक देश है, जो अपनी घरेलू जरूरतों के साथ वैश्विक मांग को पूरा करने में भी योगदान देता है.

1 day ago

RBI के फॉरेक्स नियमों से बैंकों को $500 मिलियन का नुकसान, बाद में $400 मिलियन की भरपाई

यह नुकसान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रुपये में बैंकों की नेट ओपन पोजीशन पर 100 मिलियन डॉलर की सीमा तय किए जाने के बाद हुआ.

1 day ago


बड़ी खबरें

विजय माल्या से अभी ₹8,751 करोड़ की वसूली बाकी, SBI ने बॉम्बे HC को दी जानकारी

बैंकों ने कोर्ट को यह भी बताया कि मामले में अटैच की गई कुछ शेयर होल्डिंग्स अभी भी बरकरार हैं और उनकी बिक्री नहीं हुई है.

1 day ago

आंध्र प्रदेश में ₹1 लाख करोड़ निवेश करेगी रिलायंस इंडस्ट्रीज, 3 लाख से ज्यादा रोजगार का दावा

कंपनी के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा करना है.

1 day ago

SIR के बाद मतदाता सूची से छूटे नाम जोड़ने के लिए चुनाव आयोग का विशेष अभियान, एक महीने में पूरा होगा सत्यापन

एसआईआर के बाद मतदाता सूची से छूटे नाम जोड़ने के लिए चुनाव आयोग का विशेष अभियान, एक महीने में पूरा होगा सत्यापन

1 day ago

आंध्र प्रदेश में ₹1 लाख करोड़ का हॉर्टिकल्चर हब, 10 जिलों के 5,869 गांवों में होगा विकास

आंध्र प्रदेश सरकार के मुताबिक, हॉर्टिकल्चर हब को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा. तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार परियोजना के लिए ₹40,352 करोड़ का योगदान देगी.

1 day ago

विदेशी बाजार में बढ़ी भारत की मिसाइलों की मांग, 600 मिलियन डॉलर पार हो सकता है एक्सपोर्ट

ब्रह्मोस और आकाश जैसे स्वदेशी सिस्टम भारत के डिफेंस प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट क्षमता के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. इन उत्पादों की विदेशी मांग बढ़ने से भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार के नए अवसर भी बन रहे हैं.

1 day ago