होम / बिजनेस / Voda-Idea में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहती है सरकार, लेकिन सही समय का है इंतजार
Voda-Idea में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहती है सरकार, लेकिन सही समय का है इंतजार
टेलीकॉम सेक्टर की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी वोडाफोन-आइडिया में केंद्र सरकार की भी हिस्सेदारी है, जिसे वो बेचना चाहती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
मोदी सरकार वोडाफोन आइडिया में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहती है, लेकिन फिलहाल इस 'चाहत' को अमल में लाने के मूड में नहीं है. वजह है, कंपनी की कमजोर आर्थिक सेहत. यदि सरकार अभी Voda-Idea में अपनी हिस्सेदारी बेचती है, तो उसकी झोली उम्मीद अनुरूप नहीं भर पाएगी. इसलिए उसने हालात सुधरने तक इंतजार का निर्णय लिया है.
बैंक गारंटी होगी माफ?
खबर तो यह भी है कि सरकार Vodafone पर रेगुलेटर के 24,747 करोड़ रुपए के बकाया पर बैंक गारंटी माफ करने की अपील पर भी विचार कर रही है. इसी साल जनवरी में टेलीकॉम सेक्रेटरी नीरज मित्तल ने कहा था कि सरकार नकदी संकट से जूझ रही वोडाफोन आइडिया में अपनी हिस्सेदारी कम करने का फैसला सही समय पर लेगी, सरकार किसी जल्दबाजी में नहीं है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने Vodafone Idea (Vi) से कहा है कि वो दूरसंचार विभाग को फंड जुटाने से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करे. अब तक उसने इस संबंध में कोई खास जानकारी नहीं दी है.
समय नहीं है अनुकूल
एक्सपर्ट्स का मानना है कि वोडाफोन आइडिया (Vi) के लिए मौजूदा समय अनुकूल नहीं है. कंपनी वित्तीय संकट में घिरी हुई है. स्टॉक मार्केट में भी उसका प्रदर्शन खास अच्छा नहीं है. ऐसे में यदि सरकार हिस्सेदारी कम करती है, तो उसे उम्मीद अनुरूप रिटर्न नहीं मिल पाएगा. इसलिए वह सही मौके के इंतजार में है. केंद्र सरकार 31% हिस्सेदारी के साथ देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया की सबसे बड़ी शेयरधारक है. कंपनी का शेयर इस समय 16.09 रुपए के भाव पर मिल रहा है.
इस तरह सरकार को मिला स्टेक
वोडाफोन-आइडिया में सरकार की हिस्सेदारी का रास्ता पिछले साल साफ हुआ था. दरअसल, पिछले साल की शुरुआत में सरकार ने वोडा-आइडिया के करीब 16,133 करोड़ रुपए से अधिक के बकाया कर्ज को इक्विटी शेयर में बदलने को मंजूरी दी थी. इसके बाद कंपनी की तरफ से सरकार को बकाया राशि की कीमत के बराबर शेयर जारी किए गए. इस तरह वोडाफोन-आइडिया में सरकार की भी हिस्सेदारी हो गई. कंपनी ने शेयर बाजार को बताया था कि वो सरकार को बकाया कर्ज के बदले इक्विटी शेयर जारी करेगी, जिनकी फेस वैल्यू 10 रुपए होगी. कंपनी ने आगे कहा था कि दूरसंचार मंत्रालय ने एक आदेश पारित किया है, जिसमें कंपनी को निर्देश दिया कि वह स्पेक्ट्रम नीलामी की किश्तों को टालने से संबंधित ब्याज और एडजस्टेड ग्रॉस रिवेन्यु (AGR) बकाये को इक्विटी शेयरों में बदले, जिसे भारत सरकार को जारी किया जाएगा.
टैग्स